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Firozabad News: दिल की बीमारी को 15 बच्चों ने हराया
Tue, 14 Jan 2025 11:40 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 14 Jan 2025 11:40 PM IST
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बच्चे का इलाज करते चिकित्सक।
- फोटो : बच्चे का इलाज करते चिकित्सक।
फिरोजाबाद। जन्म से ही बीमारी लेकर पैदा हुए बच्चों का बचपन अब खिलखिला उठा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो साल में 56 बच्चों का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत इलाज कराया गया। इसमें 15 बच्चे ऐसे हैं, जिनके दिल में छेद था।
उन्होंने दिल की बीमारी को हरा दिया। वहीं, दो मूकबाधिर बच्चे भी बोलने और सुनने में सक्षम बन गए हैं। आरबीएसके से मिली मदद के बाद ऐसे बच्चों का निशुल्क इलाज हो सका है।
जिससे उन्हें जीने के लिए एक नया जीवन मिला है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बीते दो सालों में 56 बच्चों को नई जिंदगी मिली है। जिसमें 21 बच्चे कटे फटे होंठ, 2 मूक बाधिर थे। दो बच्चों की पीठ में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट था। 16 बच्चों के पैर मुड़े होने की वजह से वह चलने में समक्ष नहीं थे। जबकि 15 बच्चों के हृदय में बचपन से ही छेद था। हृदय रोगियों का अलीगढ़ के अस्पताल में निशुल्क ऑपरेशन कराया गया है। इसमें 2 साल से लेकर 15 साल तक के बच्चे शामिल हैं। अधिकतर बच्चे ग्रामीण इलाकों के हैं। सभी बच्चों को पैदाइशी दिल में छेद की बीमारी थी।
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जिससे उन्हें सांस की समस्या रहती थी, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से उनके परिवार वाले उसका इलाज नहीं करा पाए। आरबीएसके में पंजीयन होने के बाद सभी बच्चों का निशुल्क ऑपरेशन किया गया। सभी बच्चे अब स्वस्थ हैं और अपने घर पर हैं। आरबीएस के जिला समन्वयक मनीष गोयल ने बताया कि बीते दो साल में 56 बच्चों का आरबीएसके में पंजीयन करके इलाज किया गया था। इसमें 15 बच्चों की कार्डियक सर्जरी की गई है। अभी चार और बच्चों के दिल का ऑपरेशन किया जाना है।
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उन्होंने दिल की बीमारी को हरा दिया। वहीं, दो मूकबाधिर बच्चे भी बोलने और सुनने में सक्षम बन गए हैं। आरबीएसके से मिली मदद के बाद ऐसे बच्चों का निशुल्क इलाज हो सका है।
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जिससे उन्हें जीने के लिए एक नया जीवन मिला है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बीते दो सालों में 56 बच्चों को नई जिंदगी मिली है। जिसमें 21 बच्चे कटे फटे होंठ, 2 मूक बाधिर थे। दो बच्चों की पीठ में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट था। 16 बच्चों के पैर मुड़े होने की वजह से वह चलने में समक्ष नहीं थे। जबकि 15 बच्चों के हृदय में बचपन से ही छेद था। हृदय रोगियों का अलीगढ़ के अस्पताल में निशुल्क ऑपरेशन कराया गया है। इसमें 2 साल से लेकर 15 साल तक के बच्चे शामिल हैं। अधिकतर बच्चे ग्रामीण इलाकों के हैं। सभी बच्चों को पैदाइशी दिल में छेद की बीमारी थी।
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जिससे उन्हें सांस की समस्या रहती थी, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से उनके परिवार वाले उसका इलाज नहीं करा पाए। आरबीएसके में पंजीयन होने के बाद सभी बच्चों का निशुल्क ऑपरेशन किया गया। सभी बच्चे अब स्वस्थ हैं और अपने घर पर हैं। आरबीएस के जिला समन्वयक मनीष गोयल ने बताया कि बीते दो साल में 56 बच्चों का आरबीएसके में पंजीयन करके इलाज किया गया था। इसमें 15 बच्चों की कार्डियक सर्जरी की गई है। अभी चार और बच्चों के दिल का ऑपरेशन किया जाना है।