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अब 'शादी' में हो गया घोटाला
धर्मेंद्र सिंह/अल्लीपुर (फतेहपुर)
Updated Wed, 13 Feb 2013 01:25 PM IST
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यूपी सरकार की शादी अनुदान योजना में कागजी हेरफेर करके तिकड़मबाज लाखों रुपए खुद पचा गए। बेशर्मी की हद तो यह है कि जिन अभ्यर्थियों के नामों का कागजों में उल्लेख किया गया, उन्हें फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। यहां तक कि जो दो बेटियों की मां बन चुकी है, उसे अविवाहिता दर्शा दिया गया। जिस बच्ची की उम्र अभी नौ साल है, उसे 18 साल का लिखकर सरकारी रकम भुना ली गई। जिलाधिकारी ने मामले की जांच का आदेश दिया है।
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इस घोटाले का खुलासा पूर्व सैनिक उत्थान एवं लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष विद्याभूषण तिवारी ने प्रेस वार्ता में किया। कारनामे की तह तक पहुंचने के लिए अमर उजाला टीम ने छानबीन की तो चौंकाने वाली हकीकत उजागर हुई। मलवां ब्लॉक के एक छोटे-से गांव नयापुरवा में भौतिक सत्यापन के दौरान इस फर्जीवाड़े के एक-एक कर 19 मामले खुलते चले गए। जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने मामलों की जांच का आदेश दिया है। साथ ही समाज कल्याण अधिकारी ने द्विस्तरीय जांच टीम गठित कर दी है।
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पूरे प्रकरण पर खंड विकास अधिकारी होरीलाल मौर्या का कहना है कि उनकी अभी हाल में ही तैनाती हुई है। पंचायत सचिव चंद्रप्रकाश सोनकर ने यह कहते हुए अपनी गलती स्वीकारी है कि उनके पास काम बहुत है, इसलिए ठीक से छानबीन नहीं कर पाए थे। ग्राम प्रधान मंजू ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्होंने फार्मों पर दस्तखत ही नहीं किए हैं। पैसा कैसे निकाल लिया गया, उन्हें नहीं पता।
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कारनामे कैसे-कैसे
-नाम मद्दीलाल, सीरियल नंबर-268, ग्राम नयापुरवा। मद्दीलाल के पास कोई बेटी नहीं है। कागजों पर महेश पासवान की बेटी की फोटो लगाकर नीचे सुमनदेवी पुत्री मद्दीलाल लिखकर 10 हजार रुपए शादी अनुदान के नाम पर भुना लिए गए।
-नाम रामआसरे पुत्र बाबूलाल निवासी नयापुरवा। रामआसरे की पुत्री शशि ने वर्ष 2077 में कोर्ट मैरेज किया था। तब से वह दोबारा गांव नहीं लौटी है। कागजों में शशिदेवी की विवाह की तिथि 09 जुलाई 2011 दर्शा कर अनुदान राशि निकाल ली गई।
-नाम बचनी पत्नी स्व. गंगादीन, गांव नयापुरवा। पंद्रह साल पहले बचनी की पुत्री मंजू की शादी हो चुकी थी। वह दो बच्चों की मां भी है। उसकी भी शादी की तिथि 09 जुलाई 2011 दर्शा कर पैसा निकाल लिया गया।
-नाम बचनी पत्नी स्व. गंगाराम निवासी नयापुरवा। इसमें उसी बचनी के पति का नाम गंगाराम लिखा गया। गंगाराम की बेटी माया का विवाह भी 15 वर्ष पहले हुआ था। माया की जगह सुखनंदन उर्फ तोंदा की लड़की की फोटो लगाकर रुपये निकाल लिए गए।
-चंद्रभान पुत्र गंगादीन, ग्राम नयापुरवा। इनके कोई बेटी नहीं है। लेकिन कागजों पर बेटी शशि देवी के नाम पर पैसा निकाला गया। जबकि फोटो विजय बहादुर पुत्र बाबूलाल की बेटी की लगाई गई। इनका फोटो सीरियल नंबर 272 था।
-चंद्रभान पुत्र गंगादीन की बेटी बताकर सोनी के नाम पर पैसा निकाला गया। चंद्रभान की कोई बेटी नहीं है। सच्चाई यह है कि सोनी रजऊ यादव की बेटी है।
-मन्नू यादव पुत्र रामौतार यादव की बेटी शिवरानी का अभी विवाह ही नहीं हुआ है, लेकिन उसके नाम पर शादी अनुदान राशि हजम कर ली गई।