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आज के जमाने में बेमिसाल है यूपी का यह परिवार
वेद प्रकाश शर्मा/गाजीपुर
Updated Tue, 29 Oct 2013 08:05 AM IST
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खुशियों से भरा-पूरा परिवार देखना हो यूपी के गाजीपुर में सुहवल थाना क्षेत्र के भगीरथपुर गांव निवासी सुदामा राम के घर चले जाइए। इस जमाने में जहां लोग एकल परिवार की ओर भाग रहे हैं, वहीं सुदामा के घर में 50 लोगों का परिवार हंसी-खुशी रहते हुए अन्य लोगों के लिए मिसाल बना हुआ है।
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न सिर्फ पूरा परिवार एक साथ बैठकर खाना खाता है बल्कि एक दूसरे के साथ अपने सुख-दुख भी साझा करता है। सबसे खास बात है कि पांच भाइयों में सबसे छोटा सुदामा ही परिवार का मुखिया है।
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गाजीपुर खेल विभाग में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात भगीरथपुर निवासी सुदामा राम अपने बड़े भाई तिलकधारी राम, पलकधारी राम, बृजलाल तथा नंदलाल के बाद हैं। पांचों भाइयों के परिवार में कुल छोटे-बड़े 35 लड़के-लड़कियां हैं, जबकि 10 महिलाएं हैं, जिसमें सभी के काम बंटे हुए हैं।
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कुछ महिलाएं रसोई संभालती हैं तो कुछ साफ-सफाई। एक साथ खाना खाने के बाद सभी अपने काम पर निकल जाते हैं। पूरे दिन अपने काम और हंसी-ठिठोली के बाद शाम होते ही सभी महिलाएं अपने निर्धारित काम में लग जातीं हैं।
घर के मुख्य दरवाजे पर दुर्गा मंदिर में रात आठ बजे आरती होने के बाद ही परिवार के सभी सदस्य भोजन ग्रहण करते हैं। सुदामा राम का मकान भी लंबे-चौड़े क्षेत्रफल में फैला है, जिसमें छोटे-बड़े कुल 58 कमरे हैं। परिवार का खाना आज भी मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से ही बनता है।
मरते दम तक साथ रहने की ख्वाहिश
सुदामा राम की ख्वाहिश है कि मरते दम तक परिवार साथ-साथ रहे। उन्होंने कहा कि जब हम पांच भाइयों को जन्म देने वाली मां ने हम लोगों के पालन-पोषण में कोई भेदभाव नहीं बरता तो हम एक-दूसरे का साथ कैसे छोड़ दें।
हमने कई ऐसे परिवारों को देखा है जो अपनी अलग गृहस्थी बसाकर रह रहे हैं। ऐसे परिवारों में एक भाई व्यंजनों का लुत्फ उठाता है और दूसरा नमक-रोटी खाकर सो जाता है।
मुझे इस बात का संतोष है कि अच्छा भोजन हो या फिर नमक-रोटी, कम से कम पूरा परिवार एक साथ एक जैसा खाना खाकर सुकून की नींद तो सोता है।