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ट्रैफिक संसाधन जीरो, पब्लिक नियम तोड़ने में हीरो
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:56 AM IST
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नो इंट्री को लगे बैरियर के उड़ चुके परखच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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वाहन चालकों के लिए नवंबर माह आते ही दिल की धड़कनें तेज हो जाती थी। हर मोड़ पर पुलिस चेकिंग में फंसने और धरपकड़ का डर था। पर इस बार ऐसा कुछ नहीं दिखा। न ही पुलिस सड़कों पर रही और न ही जागरूकता अभियान का जोर दिखा।
पूरा महीना बुधवार से खत्म हो जाएगा लेकिन इस मर्तबा पुलिस ने यातायात को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई है। जिले से बीते साल यातायात माह में जुर्माने और चालान की कार्रवाई में राजस्व वसूली 12 लाख रूपये से अधिक हुई थी। वहीं इस बार वसूली का ग्राफ दो से तीन लाख के बीच है। इस माह बांदा सागर राज्य मार्ग पर ललौली थाना क्षेत्र में तीन लोगों की एक साथ मौत हुई। इस तरह से अन्य हादसों में करीब 29 लोगों की मौत हो चुकी है। स्कूल प्रशासन और अभिभावकों ने लाडलों के प्रति लापरवाही की हदें पार कर दी है। बाइकों और स्कूटी में छात्र तेज रफ्तार से जाते दिखते हैं। बड़े से बच्चों तक दस फीसदी ही लोग हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं।
नो इंट्री बैरियर ही उखाड़ फेंका
शहर के अंदर बेपटरी यातायात पर काबू पाने के लिए एक साल पहले चौराहों पर नो इंट्री बैरियर लगाकर वीआईपी इलाकों की सीमा को बंद किया गया था। पब्लिक के वाहनों से टकराकर ये क्षतिग्रस्त हो गए। दोबारा विभाग ने सुध लेने की कोशिश नहीं की।
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सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ता ग्राफ
साल हादसे मृतक घायल
2011 411 228 247
2012 458 293 338
2013 430 271 291
2014 472 281 305
2015 480 292 289
2016 नवंबर तक 486 304 376
हाईवे के दुर्घटना वाले क्षेत्र
90 किलोमीटर के हाईवे पर सर्वाधिक दुर्घटना वाले इलाकों में गुधरौली, औंग, चौडगरा, मौहार, मलवां, सौंरा, चितौरा, अल्लीपुर, नउवाबाग, हुसैनगंज बाईपास, लोधीगंज मोड़, बड़ा पुल, बिलिंदा, उसरैना, थरियांव बाईपास, महिचा मंदिर, नौबस्ता बाईपास, संग्रामपुर हैं।
-
पुलिस ने नवंबर माह में काम किया है। नोटबंदी की वजह से जुर्माने की कार्रवाइयां कम हुई है। यातायात माह की समीक्षा की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस पूरे माह वीआईपी ड्यूटी में रही है। कई वजहों के अधिक काम नहीं हो सका है। ट्रैफिक को लेकर पुलिस अलर्ट है।
आरके यादव-एएसपी
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पूरा महीना बुधवार से खत्म हो जाएगा लेकिन इस मर्तबा पुलिस ने यातायात को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई है। जिले से बीते साल यातायात माह में जुर्माने और चालान की कार्रवाई में राजस्व वसूली 12 लाख रूपये से अधिक हुई थी। वहीं इस बार वसूली का ग्राफ दो से तीन लाख के बीच है। इस माह बांदा सागर राज्य मार्ग पर ललौली थाना क्षेत्र में तीन लोगों की एक साथ मौत हुई। इस तरह से अन्य हादसों में करीब 29 लोगों की मौत हो चुकी है। स्कूल प्रशासन और अभिभावकों ने लाडलों के प्रति लापरवाही की हदें पार कर दी है। बाइकों और स्कूटी में छात्र तेज रफ्तार से जाते दिखते हैं। बड़े से बच्चों तक दस फीसदी ही लोग हेलमेट का इस्तेमाल करते हैं।
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नो इंट्री बैरियर ही उखाड़ फेंका
शहर के अंदर बेपटरी यातायात पर काबू पाने के लिए एक साल पहले चौराहों पर नो इंट्री बैरियर लगाकर वीआईपी इलाकों की सीमा को बंद किया गया था। पब्लिक के वाहनों से टकराकर ये क्षतिग्रस्त हो गए। दोबारा विभाग ने सुध लेने की कोशिश नहीं की।
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सड़क दुर्घटनाओं का बढ़ता ग्राफ
साल हादसे मृतक घायल
2011 411 228 247
2012 458 293 338
2013 430 271 291
2014 472 281 305
2015 480 292 289
2016 नवंबर तक 486 304 376
हाईवे के दुर्घटना वाले क्षेत्र
90 किलोमीटर के हाईवे पर सर्वाधिक दुर्घटना वाले इलाकों में गुधरौली, औंग, चौडगरा, मौहार, मलवां, सौंरा, चितौरा, अल्लीपुर, नउवाबाग, हुसैनगंज बाईपास, लोधीगंज मोड़, बड़ा पुल, बिलिंदा, उसरैना, थरियांव बाईपास, महिचा मंदिर, नौबस्ता बाईपास, संग्रामपुर हैं।
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पुलिस ने नवंबर माह में काम किया है। नोटबंदी की वजह से जुर्माने की कार्रवाइयां कम हुई है। यातायात माह की समीक्षा की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस पूरे माह वीआईपी ड्यूटी में रही है। कई वजहों के अधिक काम नहीं हो सका है। ट्रैफिक को लेकर पुलिस अलर्ट है।
आरके यादव-एएसपी