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करोड़ों खर्च फिर भी शहरवासी प्यासे
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Tue, 03 May 2016 12:44 AM IST
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पानी की टंकी
- फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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नगर पालिका परिषद के ओवरहेड टैंकों की लोडिंग कराने के प्रयास बेकार साबित हुए हैं। शहर की जलापूर्ति के लिए बने नए आठ ओवरहेड टैंक लीकेज होने से अपेक्षा पर खरे नहीं उतर रहे हैं। जिस कारण शहर में जलापूर्ति नहीं हो पा रही है और करोड़ों रुपये खर्च के बावजूद शहरवासी पेयजल संकट झेल रहे हैं। यही कारण है कि पेयजल संकट दूर करने के लिए रोस्टर से जलापूर्ति करने का फार्मूला नगर पालिका लागू नहीं कर पा रही है।
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ओवरहेड टैंकों की लोडिंग न होने से शहर में पेयजल संकट व्याप्त है। शहर में पुराने चार ओवरहेड टैंकों में आवास विकास, मुराइन टोला की पुरानी टंकियों की लोडिंग हो रही है। सादीपुर और पीरनपुर की टंकियां तकनीकी खराबी के कारण बेकार हैं। दो साल पहले बनकर तैयार अंदौली रोड, रेडइया, देवीगंज, मुराइनटोला, रामगंज पक्का तालाब समेत आठ ओवरहेड टैंकों को नगर पालिका लोड कराने की कोशिश कर हार चुका है।
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सफाई कराने के बाद टेस्टिंग कराई और थोड़ी बहुत मरम्मत कराने के बाद लोडिंग कराने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। टंकियों में पानी का स्टाक बढ़ने के साथ लीकेज होने के कारण फव्वारे निकलने लगते हैं। ऐसी हालत में चाहकर भी नगर पालिका ने लोडिंग कराने से हाथ खीच लिए हैं। सैय्यदबाड़ा सभासद वसीम खां ने बताया कि 25 दिन पहले बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें चेयरमैन और ईओ ने पेयजल संकट वाले मोहल्लों में मौका मुआयना करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक एक भी मोहल्ले का निरीक्षण नहीं किया गया।
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एक भी नए ओवरहेड टैंक की लोडिंग लीकेज होने के कारण नहीं हो रही है। ऐसी हालत में पेयजल संकट बढ़ता ही जा रहा है। जलकल के अवर अभियंता गौरीशंकर पटेल का कहना है कि कोई भी ओवरहेड टैंक जब लंबे समय तक उपयोग में नहीं लाया जाता है, तो कुछ न कुछ लीकेज हो जाते हैं।
कार्यदायी संस्था ने निर्माण पूरा होने के दो साल बाद हस्तांतरित किया है। एक साल पहले उन्हें मिली इन टंकियों की लोडिंग अब शुरू कराई गई है। ऐसे में थोड़ा बहुत लीकेज होना कोई खास बात नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ टंकियों को छोड़कर शेष रात में लोड की जाती हैं और भोर में पानी छोड़ दिया जाता है। उन्होंने रोस्टर के मुताबिक जलापूर्ति न होने का कारण जनप्रतिनिधियों का हस्तक्षेप बताया।