घरों में घुसा पानी, छतों पर पहुंची गृहस्थी
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यमुना नदी के उफान का कहर मंगलवार को भी रहा। हालांकि गति पिछले दिनों की अपेक्षा कुछ कम रही। ललौली में लगे बाढ़ मापक यंत्र के मुताबिक खतरे के निशान को पार करने में मात्र डेढ़ मीटर ऊंचाई बची है। जलभराव वाले गांव के लोगोें में दहशत है। किनारे के जर्जर आशियाने नदी के बहाव में समाते जा रहे हैं। गृहस्थी का सामान लोगों ने छतों पर और टापू की तरह दिखने वाली ऊंची जगहों पर रख दिया है। तटवर्ती क्षेत्र के नाला उफान से बच्चों का स्कूल जाना भी बंद हो गया है। किशनपुर का रामलीला मैदान बाढ़ की चपेट से पूरी तरह घिर गया है। प्रशासनिक अधिकारी बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। लोगों को राहत पहुंचाने के लिए आश्वस्त किया।
तटवर्ती खेतोें की फसलों को बाढ़ ने एक झटके में निगल गई है। अब ग्रामीणों के मकानों में खतरा मंडरा रहा है। 24 घंटे से ललौली, पलटू का पुरवा, ओती, अढ़ावल, इमिलिहा डेरा के घरों में पानी भरा हुआ है। कच्चे मकान में रहने वाले लोग सामान निकाल कर पलायन कर चुके हैं। आसपास के गांव में बने सरकारी भवनों में डेरा रख दिए हैं। पक्के मकानों में पानी अंदर जाने पर लोगों ने छतों पर गृहस्थी का सामान रख दिया है। ललौली क्षेत्र में मंगलवार को यमुना का जलस्तर दिनभर थमा रहा। इससे लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। वहीं किशनपुर क्षेत्र मेें जलस्तर बढ़ रहा है। वार्ड नंबर छह के तटवर्ती घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिससे लोग सहमे हैं।