दो हजार हेक्टेयर ऊसर व बंजर भूमि बनेगी उपजाऊ
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चालू वर्ष में जिले की करीब दो हजार हेक्टेयर ऊसर और बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया जाएगा। शुक्रवार को जिला क्रियान्वयन एवं भूमि ऊसर सुधार निगम की गांधी सभागार में हुई बैठक में जिलाधिकारी राकेश कुमार ने यह जानकारी दी। बैठक में जन सहभागिता आधारित सोडिक परियोजना के वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2013-14 तक कराए गए कार्याें और 2014-15 में ऊसर सुधार की योजनाओं पर बिंदुवार समीक्षा की गई। डीएम राकेश कुमार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए ड्र्रेनेज खंड से कराए गए कार्यों को सत्यापन के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया। उन्होंने कहा कि चालू वर्ष में ऊसर और बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया जाएगा।
बैठक में परियोजना निदेशक व कार्यवाहक मुख्य विकास अधिकारी डा. आरके गौतम ने बताया कि वर्ष 2013-14 में सात विकास खंडों के 20 गांव में 1450.08 हेक्टेयर ऊसर भूमि को उपजाऊ बनाया गया है, जिसमें पहली बार धान व गेहूं की फसल पैदा की गई है। धान की फसल में 32.5 क्विंटल प्रतिहेक्टेयर की दर से पैदावार हुई है और अब गेहूं के फसल की क्राप कटिंग कराई जा रही है। सबसे ज्यादा असोथर विकास खंड के चार गांव में सात परियोजना बनाकर 1219.620 हेक्टेयर बीहड़ बंजर भूमि को उपजाऊ बनाया गया है।
वर्ष 2015-16 में हथगांव, असोथर, भिटौरा, हंसवा, देवमई और मलवां के सिठौरा, गनेशपुर, भौली, मोहम्मदपुर कला, रामपुर थरियांव, केवई, पिपरी, घोरहा, बहरौली, सुकुई की ऊसर सुधार 536.793 हेक्टेयर भूमि चयन किया गया है। इसी प्रकार असोथर विकास खंड में रामपुर, डांडा, सहिमलपुर, अमौली, गढ़ी, सतखरा की 1438.180 हेक्टेयर ऊसर व बंजर भूमि का चयन किया गया है। दोनों मिलाकर कुल 1974.973 हेक्टेयर भूमि को इस साल उपजाऊ बनाया जाएगा। कार्यक्रम में परियोजना प्रबंधक इंद्रपाल साहू, बीके गुप्ता, एलडी राम, डा. रमाकांत, के नयन त्रिपाठी, सीके शुक्ला, बीपी पांडेय, नंदनी जैन, गुलाब सिंह, जितेंद्र पांडेय, रविकांत सिंह, जीसी कटियार, विनोद यादव, बीपी पांडेय और एफएच सिद्दीकी आदि रहे।