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बुखार से दो की मौत, महिला में डेंगू की पुष्टि
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Wed, 07 Sep 2016 12:30 AM IST
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जाफरगंज के खूंटाझाल गांव में दवा बांटती टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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खजुहा विकासखंड के भारतपुर व बहादुरपुर गांव में बुखार पीड़ित वृद्ध और एक महिला की मौत हो गई। गांव बरवा की महिला को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। जिससे ग्रामीणों में दहशत है। यहां पहुंची स्वास्थ्य विभाग टीम की दवाइयों से मरीजों को फायदा नहीं मिल रहा है। जिससे सत्तर फीसदी मरीजों को निजी अस्पतालों में इलाज कराना पड़ रहा है।
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खजुहा विकास खंड के गांव भारतपुर निवासी बुखार से पीड़ित 65 वर्षीय रघुनंदन की सोमवार रात घर पर ही मौत हो गई। वहीं, गांव बहादुरपुर निवासी मकसूद खां की पत्नी रम्मो बीबी दो दिनों से बुखार की चपेट में थीं। सोमवार देर रात कानपुर ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। बुखार से पीड़ित गांव बरवा निवासी सुधीर वर्मा की पत्नी रानी देवी को कानपुर में इलाज के दौरान कराई गई जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है।
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मंगलवार को गांव खूंटाझाल के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में डा. रामेंद्र सिंह, डा. प्रसून अवस्थी की टीम ने कैंप लगाया। जिसमें 90 मरीजों की ओपीडी हुई। इनमें से 10 की स्लाइड बनाई गई। गांव बंथरा में एसीएमओ डा. एसपी जौहरी ने यहां लगी टीम के प्रभारी विमल चौरसिया सहित अन्य डाक्टरों को हिदायत देते हुए कहा कि इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यहां 250 मरीजों की ओपीडी हुई और 26 की स्लाइड बनाई गई।
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अमौली विकास खंड के मेढ़ापाटी, गोविंदपुर, बिलारी, अदमापुर, रिठवां, आवाजीपुर, मकरंदपुर, दपसौरा, बंथरा सहित दर्जनों गांव में फै ली संक्रामक बीमारी से सैकड़ों मरीज जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे हैं। चिकित्सकों की टीम दवाइयां तो बांट रही है लेकिन इन दवाइयों का असर न होने से बीमारी विकराल होती जा रही है। मरीजों को मऊदेव, उमरिहा बाजार, अमौली, जोनिहां, बिंदकी और कानपुर के प्राईवेट अस्पतालों के साथ ही झोलाछापों से इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।