{"_id":"62d8538fefc65d795662d923","slug":"trailer-driver-dies-in-truck-collision-fatehpur-news-knp708620641","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रक से भिड़ंत में ट्रेलर चालक की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रक से भिड़ंत में ट्रेलर चालक की मौत
विज्ञापन
बहुआ (फतेहपुर)। बांदा-टांडा हाईवे पर ट्रेलर और ट्रक की भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में ट्रेलर के चालक की मौत हो गई। इस दौरान दो घंटे तक हाईवे पर जाम लगा रहा।
ललौली थानाक्षेत्र के रसूलपुर मोड़ के पास बुधवार की सुबह मौरंग लदा ट्रक बांदा की ओर से आ रहा था। तभी सामने से आ रहे ट्रेलर से जा टकराया।
ट्रक छोड़कर चालक और खलासी भाग निकले। ट्रेलर में फंसे चालक सठिगवां निवासी आशू (24) को केबिन काटकर बाहर निकाला। तबतक उसकी मौत हो चुकी थी। घायल खलासी कानपुर देहात के अकबरपुर थाना अंतर्गत तिवारीपुर निवासी अनिल कुमार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद हाईवे पर दोनों ओर जाम लग गया। दो घंटे तक लोगों को परेशान होना पड़ा। क्रेन की मदद से वाहनों को हटवाकर जाम खुलवाया गया। थानाध्यक्ष आलोक पांडेय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोनों वाहनों को कब्जे में लिया गया है।
ट्रक की नंबर प्लेट थी खाली
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक की प्लेट पर नंबर नहीं लिखा था। ट्रक में मौरंग ओवरलोड लदी थी। अनुमान है कि ओवरलोडिंग में धरपकड़ से बचने के लिए ट्रक की नंबर प्लेट पर चालक ग्रीस लगा देते या फिर नंबरों को छिपा देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ललौली थानाक्षेत्र के रसूलपुर मोड़ के पास बुधवार की सुबह मौरंग लदा ट्रक बांदा की ओर से आ रहा था। तभी सामने से आ रहे ट्रेलर से जा टकराया।
ट्रक छोड़कर चालक और खलासी भाग निकले। ट्रेलर में फंसे चालक सठिगवां निवासी आशू (24) को केबिन काटकर बाहर निकाला। तबतक उसकी मौत हो चुकी थी। घायल खलासी कानपुर देहात के अकबरपुर थाना अंतर्गत तिवारीपुर निवासी अनिल कुमार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद हाईवे पर दोनों ओर जाम लग गया। दो घंटे तक लोगों को परेशान होना पड़ा। क्रेन की मदद से वाहनों को हटवाकर जाम खुलवाया गया। थानाध्यक्ष आलोक पांडेय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोनों वाहनों को कब्जे में लिया गया है।
विज्ञापन
ट्रक की नंबर प्लेट थी खाली
दुर्घटनाग्रस्त ट्रक की प्लेट पर नंबर नहीं लिखा था। ट्रक में मौरंग ओवरलोड लदी थी। अनुमान है कि ओवरलोडिंग में धरपकड़ से बचने के लिए ट्रक की नंबर प्लेट पर चालक ग्रीस लगा देते या फिर नंबरों को छिपा देते हैं।
विज्ञापन