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मन की बात के नाम पर तोड़ रहे दिल
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:51 AM IST
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लोक निर्माण विभाग निरीक्षण भवन पर वार्ता करते दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री व एकीकरण समिति के उपाध्यक्ष आबिद रजा खां।
- फोटो : अमी उजाला
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दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री व एकीकरण समिति के उपाध्यक्ष आबिद रजा खां ने कहा कि कुछ लोग मन की बात के नाम पर लोगों का दिल तोड़ रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव हिंदू- मुसलिम के साथ सभी जाति-धर्म का दिल जोड़ने का काम कर रहे हैं। मुसलिम समाज अब जागरूक हो चुका है। वह किसी के बहकावे में आने वाला नहीं है। जाति, धर्म के नाम पर बांटने का फंडा अब चलने वाला नहीं है।
एकीकरण समिति के उपाध्यक्ष मंगलवार को एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने यहां आए थे। रात्रि लोनिवि के निरीक्षण भवन में विश्राम के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिए बिना उन पर बरसे। उन्होंने कहा कि दिल तोड़ने वालों का लखनऊ की गद्दी पर कब्जे का सपना कभी पूरा नहीं होगा। देश की आजादी में सभी जाति, धर्म के लोगों ने शहादत दी है। ऐसी हालत में राष्ट्रवाद की बात एक पार्टी करे यह गलत है। सूबे की अखिलेश सरकार अपने काम के बल पर, विकास के नाम पर 2017 में दोबारा सत्ता में आएगी।
सूखा राहत राशि वितरण, सड़कों की दुर्दशा और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के सवाल को राज्यमंत्री टाल गए। केवल इतना कहा कि यह बात वह मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। निराकरण होने के बाद जल्द ही वह जिले में आएंगे, जिससे दोबारा उन्हें बिना जवाब वापस न लौटना पड़े।
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एकीकरण समिति के उपाध्यक्ष मंगलवार को एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने यहां आए थे। रात्रि लोनिवि के निरीक्षण भवन में विश्राम के बाद मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी का नाम लिए बिना उन पर बरसे। उन्होंने कहा कि दिल तोड़ने वालों का लखनऊ की गद्दी पर कब्जे का सपना कभी पूरा नहीं होगा। देश की आजादी में सभी जाति, धर्म के लोगों ने शहादत दी है। ऐसी हालत में राष्ट्रवाद की बात एक पार्टी करे यह गलत है। सूबे की अखिलेश सरकार अपने काम के बल पर, विकास के नाम पर 2017 में दोबारा सत्ता में आएगी।
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सूखा राहत राशि वितरण, सड़कों की दुर्दशा और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के सवाल को राज्यमंत्री टाल गए। केवल इतना कहा कि यह बात वह मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। निराकरण होने के बाद जल्द ही वह जिले में आएंगे, जिससे दोबारा उन्हें बिना जवाब वापस न लौटना पड़े।
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