{"_id":"64cc0499b737e518f3044745","slug":"three-years-in-prison-for-abducted-teenager-fatehpur-news-c-217-1-sknp1022-1651-2023-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: अपहृत किशोरी को बंधक बनाने के दोषी को तीन साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: अपहृत किशोरी को बंधक बनाने के दोषी को तीन साल की कैद
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहपुर। अपहरण के बाद किशोरी को बंधक बनाकर रखने में दोषी युवक को अपर सत्र न्यायाधीश/पॉक्सो एक्ट कोर्ट संख्या प्रथम ने तीन साल की कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके खिलाफ कई मुकदमे विचाराधीन हैं।
घटना सदर कोतवाली क्षेत्र में 2015 की है। मलवां थाना क्षेत्र के बादलपुर निवासी नीरज सिंह राणा शातिर किस्म का है। वह सदर कोतवाली के कलक्टरगंज इलाके में रहता है। किशोरी को अगवा कर घर में बंधक बना लिया था। मामले की सूचना पर पुलिस और परिजन पहुंचे थे। पुलिस ने किशोरी को बरामद किया था।
कोतवाली पुलिस ने पाक्सो एक्ट, अपहरण और बंधक बनाए जाने का मुकदमा दर्ज किया था। मॉनीटरिंग सेल प्रभारी अतुल्य कुमार पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी नीरज सिंह राणा को दोषी करार दिया। अपहरण की धारा 363 के अंतर्गत तीन साल की कैद और 10 हजार अर्थदंड, बंधक बनाने की धारा 342 के अंतर्गत छह माह का कारावास और पांच हजार अर्थदंड व पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत 03 साल कारावास और 10 हजार अर्थदंड से दंडित किया गया है। कुल तीन साल कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने कोर्ट में तर्क रखे।
घटना सदर कोतवाली क्षेत्र में 2015 की है। मलवां थाना क्षेत्र के बादलपुर निवासी नीरज सिंह राणा शातिर किस्म का है। वह सदर कोतवाली के कलक्टरगंज इलाके में रहता है। किशोरी को अगवा कर घर में बंधक बना लिया था। मामले की सूचना पर पुलिस और परिजन पहुंचे थे। पुलिस ने किशोरी को बरामद किया था।
विज्ञापन
कोतवाली पुलिस ने पाक्सो एक्ट, अपहरण और बंधक बनाए जाने का मुकदमा दर्ज किया था। मॉनीटरिंग सेल प्रभारी अतुल्य कुमार पांडेय ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी नीरज सिंह राणा को दोषी करार दिया। अपहरण की धारा 363 के अंतर्गत तीन साल की कैद और 10 हजार अर्थदंड, बंधक बनाने की धारा 342 के अंतर्गत छह माह का कारावास और पांच हजार अर्थदंड व पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत 03 साल कारावास और 10 हजार अर्थदंड से दंडित किया गया है। कुल तीन साल कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र सिंह भदौरिया ने कोर्ट में तर्क रखे।