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भांजे की मौत पर दो मामा समेत तीन जेल गए
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फतेहपुर में ननिहाल में युवक की मौत के मामले में पुलिस ने बुधवार को दो मामाओं समेेत तीन लोगों को जेल भेजा है। पुलिस ने जांच के बाद नामजद चार में से तीन दोस्तों को क्लीन चिट दी है। एक ही दोस्त को आरोपी माना है। दो मामा और आरोपी बनाए गए दोस्त पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी की पुष्टि हुई है और शरीर पर मारपीट के कई निशान मिले हैं।
कानपुर देहात के रूरा थानाक्षेत्र के हसनापुर गांव निवासी अनिरुद्ध सिंह का बेटा दीपक सिंह (19) अपनी ननिहाल ललौली थाने के ओनई गांव में बचपन से रहता था। घर में ही नौ अगस्त की रात दीपक ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पिता अनिरुद्घ सिंह ने इस मामले में ओनई गांव के रहने वाले दीपक के दोस्तों पत्ती, बृजेश, गोलू, रोहित पर मारपीट का आरोप लगाया था और कहा था कि इसी से क्षुब्ध होकर बेटे ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पिता की तहरीर पर चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को पकड़कर अलग-अलग पूछताछ की।
इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई। लेकिन साथ ही शरीर पर मारपीट के निशान भी मिले। दोस्तों से पूछताछ में दीपक के बड़े मामा लाला सिंह और छोटे मामा छोट्टा सिंह के नाम भी सामने आए। इसके अलावा पुलिस को दोस्त बृजेश सिंह के खिलाफ भी आत्महत्या के लिए उकसाने के प्रमाण मिले। इस आधार पर पुलिस ने दोनों मामा और बृजेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
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एसओ राजीव सिंह ने बताया कि घटना की शाम रोहित के घर में मछली पकाई गई थी। यहां खाना पीना हुआ था। इस दौरान बृजेश सिंह से विवाद हुआ था। बृजेश ने दीपक पर एक महिला से अनैतिक रिश्ते का आरोप लगाया और मुफ्त में उसका खाने पीने की बात कही थी। मारपीट के दौरान बड़ा मामा लाला भी पहुंचा था। वह दीपक को घर लेकर आया।
घर में लाला ने दीपक को फटकारा और तीन चार डंडे मारे। इस दौरान छोटा मामा छोट्टा सिंह ने भी दीपक को खरी खोटी सुनाई थी। इन्हीं बातों से क्षुब्ध होकर दीपक ने आत्महत्या कर ली थी। एसओ ने बताया कि पत्ती, गोलू, रोहित के नाम जांच से हटाए गए हैं। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में लाला, छोट्टा सिंह और बृजेश को जेल भेजा गया है।
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कानपुर देहात के रूरा थानाक्षेत्र के हसनापुर गांव निवासी अनिरुद्ध सिंह का बेटा दीपक सिंह (19) अपनी ननिहाल ललौली थाने के ओनई गांव में बचपन से रहता था। घर में ही नौ अगस्त की रात दीपक ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पिता अनिरुद्घ सिंह ने इस मामले में ओनई गांव के रहने वाले दीपक के दोस्तों पत्ती, बृजेश, गोलू, रोहित पर मारपीट का आरोप लगाया था और कहा था कि इसी से क्षुब्ध होकर बेटे ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पिता की तहरीर पर चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने चारों आरोपियों को पकड़कर अलग-अलग पूछताछ की।
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इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई। लेकिन साथ ही शरीर पर मारपीट के निशान भी मिले। दोस्तों से पूछताछ में दीपक के बड़े मामा लाला सिंह और छोटे मामा छोट्टा सिंह के नाम भी सामने आए। इसके अलावा पुलिस को दोस्त बृजेश सिंह के खिलाफ भी आत्महत्या के लिए उकसाने के प्रमाण मिले। इस आधार पर पुलिस ने दोनों मामा और बृजेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
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एसओ राजीव सिंह ने बताया कि घटना की शाम रोहित के घर में मछली पकाई गई थी। यहां खाना पीना हुआ था। इस दौरान बृजेश सिंह से विवाद हुआ था। बृजेश ने दीपक पर एक महिला से अनैतिक रिश्ते का आरोप लगाया और मुफ्त में उसका खाने पीने की बात कही थी। मारपीट के दौरान बड़ा मामा लाला भी पहुंचा था। वह दीपक को घर लेकर आया।
घर में लाला ने दीपक को फटकारा और तीन चार डंडे मारे। इस दौरान छोटा मामा छोट्टा सिंह ने भी दीपक को खरी खोटी सुनाई थी। इन्हीं बातों से क्षुब्ध होकर दीपक ने आत्महत्या कर ली थी। एसओ ने बताया कि पत्ती, गोलू, रोहित के नाम जांच से हटाए गए हैं। आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में लाला, छोट्टा सिंह और बृजेश को जेल भेजा गया है।