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Fatehpur News: किसान की हत्या में मामा-भांजे समेत तीन को 10 साल कैद
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फतेहपुर। मेड़ पर घास रखने के विवाद में किसान की हत्या करने के मामले में अदालत ने मामा-भांजे समेत तीन को दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायालय/एफटीसी कोर्ट-2 के न्यायाधीश अजय सिंह प्रथम ने बुधवार को तीनों को 10-10 साल की कैद और 54-54 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की आधी राशि वादी को देने का आदेश भी दिया गया है।
हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सहिमापुर गांव निवासी विमला देवी ने प्राथमिकी में बताया था कि उनके पति कल्लू 11 अगस्त 2012 को शाम करीब चार बजे खेत गए थे। खेत के पास गांव के सुरेश का फार्म हाउस था। कल्लू तालाब किनारे से घास उखाड़कर खेत की मेड़ पर रख रहे थे। इसी बात को लेकर गांव के राजू सिंह ने अपने भांजे नीरज उर्फ नीलम सिंह निवासी सरैया लालपुर, कानपुर देहात और गांव के संजय सिंह के साथ मिलकर उनके पति से गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर तीनों ने कल्लू को लाठी-डंडों से पीट दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे सुरेश और नरेंद्र के सामने तीनों ने जान से मारने की धमकी दी और भाग निकले। मारपीट में कल्लू के सीने और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसी रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में तीनों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या, गाली-गलौज और धमकी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाही के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
अदालत ने गैरइरादतन हत्या के मामले में तीनों को 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। गाली-गलौज के मामले में एक-एक साल की कैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माना, जबकि धमकी देने के मामले में दो-दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने कुल अर्थदंड की आधी राशि वादी विमला देवी को देने का आदेश दिया।
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हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सहिमापुर गांव निवासी विमला देवी ने प्राथमिकी में बताया था कि उनके पति कल्लू 11 अगस्त 2012 को शाम करीब चार बजे खेत गए थे। खेत के पास गांव के सुरेश का फार्म हाउस था। कल्लू तालाब किनारे से घास उखाड़कर खेत की मेड़ पर रख रहे थे। इसी बात को लेकर गांव के राजू सिंह ने अपने भांजे नीरज उर्फ नीलम सिंह निवासी सरैया लालपुर, कानपुर देहात और गांव के संजय सिंह के साथ मिलकर उनके पति से गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर तीनों ने कल्लू को लाठी-डंडों से पीट दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे सुरेश और नरेंद्र के सामने तीनों ने जान से मारने की धमकी दी और भाग निकले। मारपीट में कल्लू के सीने और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसी रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में तीनों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या, गाली-गलौज और धमकी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश किए गए। साक्ष्यों और गवाही के आधार पर अदालत ने तीनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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अदालत ने गैरइरादतन हत्या के मामले में तीनों को 10-10 साल की कैद और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। गाली-गलौज के मामले में एक-एक साल की कैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माना, जबकि धमकी देने के मामले में दो-दो साल की कैद और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने कुल अर्थदंड की आधी राशि वादी विमला देवी को देने का आदेश दिया।
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