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Fatehpur News: नगर क्षेत्र के 17 स्कूलों में पढ़ाने के लिए नहीं होंगे शिक्षक
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फतेहपुर। नगर क्षेत्र के 17 स्कूल 13 सितंबर से शिक्षकविहीन हो जाएंगे। इन स्कूलों से संबद्ध अंतरजनपदीय तबादले पर आए शिक्षकों की ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में तैनाती की तिथि घोषित हो गई है। बीएसए ने 190 शिक्षक संबद्ध कर नगरीय क्षेत्र के स्कूलों की पठन पाठन व्यवस्था मजबूत की थी। इनके साथ ही 22 स्कूल एकल व्यवस्था में चलेंगे। शिक्षकों की कमी का खामियाजा 5929 बच्चों का भुगतना पड़ेगा।
तबादले पर आए शिक्षकों की वापसी के बाद नगर क्षेत्र में 218 के सापेक्ष सिर्फ 39 शिक्षक बचेंगे। 17 विद्यालय शिक्षकविहीन हो जाएंगे, जबकि 22 स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती है। ऐसे में एक शिक्षक पर कई-कई विद्यालयों में एमडीएम बनवाने की जिम्मेदारी होगी। आरटीआई के मानक के तहत 30 छात्र संख्या पर एक शिक्षक की नियुक्ति का प्रावधान है। इसके सापेक्ष नगर क्षेत्र के स्कूलों में 2011 के बाद से शिक्षकों की तैनाती न होने से 80 प्रतिशत पद खाली हो चुके हैं। एक ही शिक्षक अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विषय पढ़ा रहा है।
एमडीएम बनवाने, डीबीटी पोर्टल में अभिभावकों के खाते में रुपये ट्रांसफर करवाने के साथ हाउस होल्ड सर्वे की भी जिम्मेदारी है। तबादले पर आए शिक्षकों के संबद्ध होने से पठन पाठन व्यवस्था पटरी पर लौटी थी, जो अब फिर से अपने पुराने ढर्रे पर पहुंच जाएगी। फतेहपुर नगर क्षेत्र के 37 स्कूलों के 5929 बच्चों के पढ़ाने के लिए स्थाई रूप से सिर्फ 39 शिक्षकों की व्यवस्था है। बिंदकी नगर के छह स्कूलों में 633 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। जुलाई में अंतरजनपदीय तबादले पर आए 190 शिक्षकों को बीएसए ने नगर क्षेत्र के स्कूलों में संबद्ध कर दिया था। इस तरह से दो महीने तक व्यवस्था ठीक-ठाक चली, लेकिन अब इन शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में नियुक्ति के लिए 13, 14, 16 सितंबर की तिथि निर्धारित कर दिया है। ऐसे में अब नगर क्षेत्र के सभी स्कूलों में फिर शिक्षकों का टोटा हो जाएगा।
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रिपोर्ट बनाने से नहीं है फुर्सत
शहर के जिन स्कूलों में शिक्षक हैं, उनमें भी एक मात्र शिक्षक की नियुक्ति है। एक मात्र शिक्षक को विभागीय रिपोर्ट बनाने से फुर्सत नहीं है। ऐसे में नगर क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर सिर्फ एमडीएम परोसा जा रहा।
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तबादले पर आए शिक्षकों की वापसी के बाद नगर क्षेत्र में 218 के सापेक्ष सिर्फ 39 शिक्षक बचेंगे। 17 विद्यालय शिक्षकविहीन हो जाएंगे, जबकि 22 स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती है। ऐसे में एक शिक्षक पर कई-कई विद्यालयों में एमडीएम बनवाने की जिम्मेदारी होगी। आरटीआई के मानक के तहत 30 छात्र संख्या पर एक शिक्षक की नियुक्ति का प्रावधान है। इसके सापेक्ष नगर क्षेत्र के स्कूलों में 2011 के बाद से शिक्षकों की तैनाती न होने से 80 प्रतिशत पद खाली हो चुके हैं। एक ही शिक्षक अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विषय पढ़ा रहा है।
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एमडीएम बनवाने, डीबीटी पोर्टल में अभिभावकों के खाते में रुपये ट्रांसफर करवाने के साथ हाउस होल्ड सर्वे की भी जिम्मेदारी है। तबादले पर आए शिक्षकों के संबद्ध होने से पठन पाठन व्यवस्था पटरी पर लौटी थी, जो अब फिर से अपने पुराने ढर्रे पर पहुंच जाएगी। फतेहपुर नगर क्षेत्र के 37 स्कूलों के 5929 बच्चों के पढ़ाने के लिए स्थाई रूप से सिर्फ 39 शिक्षकों की व्यवस्था है। बिंदकी नगर के छह स्कूलों में 633 बच्चों को पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है। जुलाई में अंतरजनपदीय तबादले पर आए 190 शिक्षकों को बीएसए ने नगर क्षेत्र के स्कूलों में संबद्ध कर दिया था। इस तरह से दो महीने तक व्यवस्था ठीक-ठाक चली, लेकिन अब इन शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में नियुक्ति के लिए 13, 14, 16 सितंबर की तिथि निर्धारित कर दिया है। ऐसे में अब नगर क्षेत्र के सभी स्कूलों में फिर शिक्षकों का टोटा हो जाएगा।
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रिपोर्ट बनाने से नहीं है फुर्सत
शहर के जिन स्कूलों में शिक्षक हैं, उनमें भी एक मात्र शिक्षक की नियुक्ति है। एक मात्र शिक्षक को विभागीय रिपोर्ट बनाने से फुर्सत नहीं है। ऐसे में नगर क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ाई के नाम पर सिर्फ एमडीएम परोसा जा रहा।