{"_id":"725eb0a29948ea43d8d307f1e524616e","slug":"the-young-man-killed-on-demand-borrowings-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उधारी मांगने पर दबंगों ने युवक को मार डाला ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उधारी मांगने पर दबंगों ने युवक को मार डाला
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Wed, 30 Sep 2015 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधारी मांगने से गुस्साएं दबंगों ने बीते सोमवार देर रात दलित युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी। बीच बचाव करने पहुंची युवक की पत्नी को भी जमकर पीटा गया। सीओ और थाना पुलिस ने घटनास्थल की छानबीन के बाद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी फरार बताए गए हैं। जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
जाफरगंज थानाक्षेत्र के पांडेयपुर निवासी मुनेश (40) लकड़ी कटान का काम करता था। उसके साथ गांव के रवींद्र ऊर्फ छुन्ना, उसका छोटा भाई अरविंद ऊर्फ छोटू भी पार्टनर थे। मुनेश लकड़ी कटाई कराने के बाद रवींद्र के लोडर से सप्लाई कराता था।
करीब एक साल पहले काम बंद हो गया। उस समय हिसाब के बाद 50 हजार रुपये रवींद्र और उसके भाई पर पर बकाया था। इस रकम को रवींद्र ने कुछ दिनों में चुकता करने के लिए मुनेश से वादा किया था लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी जब रकम नहीं लौटी गई तो मुनेश रुपयों की मांग करने लगा। कई बार उसे रवींद्र ने टरकाया।
विज्ञापन
मुनेश ने मामले को गांव वालों के बीच तक रखा। ग्रामीणों ने भी रवींद्र पक्ष को उधारी वापस करने के लिए कहा। इससे कर्जदार रवींद्र और उसके घर के लोग गांव वालों के बीच बेइज्जत होने से नाराज हो गए। जिसके चलते सोमवार देर रात दबंगों ने मुनेश को रुपये देने के बहाने बुलवाया और घर में रुपये देने की बात को लेकर चर्चा शुरू हुई।
बातचीत के दौरान ही रवींद्र ने अपनी पत्नी राधा, भाई अरविंद और साथी भोला यादव को बुला लिया। बातचीत के दौरान यह सभी मुनेश सेे गाली गलौज करते हुए उसे लाठी-डंडे से पीटना शुरू कर दिया। युवक की चीख पुकार सुनकर उसकी पत्नी रूपा बचाने पहुंची। परिवार के लोगों ने रूपा की भी जमकर पीट दिया।
पिटाई से मुनेश की हालत ज्यादा गंभीर हो गई। यह देख हमलावर परिवार समेत भाग निकला। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर अवस्था में मुनेश को सीएचसी लेकर पहुंची। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हमलावरों के घर ताला बंद कर दिया है। मृतक के भाई रामकिशुन की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
जाफरगंज थानाक्षेत्र में मुनेश की पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज करते वक्त पुलिस ने खेल कर दिया। पुलिस ने हत्या के मामले में मृतक के परिजनों को गुमराह करते हुए हमलावरों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इन धाराओं में रिपोर्ट क्यों दर्ज की इसका कोई ठोस साक्ष्य भी नहीं है। पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।
गौरतलब है कि जाफरगंज थानाक्षेत्र के पांडेयपुर गांव निवासी मुनेश को उधारी मांगने पर गांव के रवींद्र ने अपने परिवार के साथ मिलकर सोमवार रात बर्बर पिटाई करके मौत के घाट उतार दिया था। थाना पुलिस ने रवींद्र, अरविंद, राधा और भोला यादव के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
जबकि मृतक की पत्नी रूपा का आरोप है कि उसके पति की मौके पर ही मौत हो गई थी। उसके पति को मरा जानने के बाद हमलावर गांव छोड़कर भागे गए थे। वह लोग एंबुलेंस से बिंदकी सीएचसी में मुनेश को लेकर पहुंचे थे। जहां डाक्टरों ने एंबुलेंस में ही पति की हालत देखकर उसे मृत घोषित कर दिया था।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर में खेल किया है। इस तरह से पूरा मामला सीधे हत्या का बनता है लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। जाफरगंज एसओ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर मिली तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
तहरीर में पिटाई के बाद इलाज के लिए ले जाते समय मौत बताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी एक दर्जन चोटों के कारण युवक की मौत होने की पुष्टि हुई है।
पांडेयपुर गांव के ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी काफी दबंग हैं। इसी वजह से उनके मामले में कोई भी नहीं बोलता है। दलित मुनेश पर इन लोगों ने जमकर लाठी डंडे बरसाए और उसकी छाती पर चढ़कर बेरहमी से उसे पीटा। मुनेश की मौत होने के बाद भी यह लोग उसे पीटते रहे।
दलित ठेकेदार की हत्या के बाद गांव पांडेयपुर में सन्नाटा पसरा है। दबंगों के खिलाफ कोई भी जुबान खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सीओ बृजराज सिंह ने बताया कि हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें बनाई गई है। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
दलित ठेकेदार 40 वर्षीय मुनेश की हत्या के बाद उसका परिवार बेसहारा हो गया है। घटना से उसकी पत्नी रूपा और पुत्री नंदनी उर्फ आशना, पुत्र अंश, आदर्श हाल बेहाल हैं। परिवार का भरण पोषण मृतक की कमाई से होता था। अब परिवार के सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा होगा।
विज्ञापन
जाफरगंज थानाक्षेत्र के पांडेयपुर निवासी मुनेश (40) लकड़ी कटान का काम करता था। उसके साथ गांव के रवींद्र ऊर्फ छुन्ना, उसका छोटा भाई अरविंद ऊर्फ छोटू भी पार्टनर थे। मुनेश लकड़ी कटाई कराने के बाद रवींद्र के लोडर से सप्लाई कराता था।
विज्ञापन
करीब एक साल पहले काम बंद हो गया। उस समय हिसाब के बाद 50 हजार रुपये रवींद्र और उसके भाई पर पर बकाया था। इस रकम को रवींद्र ने कुछ दिनों में चुकता करने के लिए मुनेश से वादा किया था लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी जब रकम नहीं लौटी गई तो मुनेश रुपयों की मांग करने लगा। कई बार उसे रवींद्र ने टरकाया।
विज्ञापन
मुनेश ने मामले को गांव वालों के बीच तक रखा। ग्रामीणों ने भी रवींद्र पक्ष को उधारी वापस करने के लिए कहा। इससे कर्जदार रवींद्र और उसके घर के लोग गांव वालों के बीच बेइज्जत होने से नाराज हो गए। जिसके चलते सोमवार देर रात दबंगों ने मुनेश को रुपये देने के बहाने बुलवाया और घर में रुपये देने की बात को लेकर चर्चा शुरू हुई।
बातचीत के दौरान ही रवींद्र ने अपनी पत्नी राधा, भाई अरविंद और साथी भोला यादव को बुला लिया। बातचीत के दौरान यह सभी मुनेश सेे गाली गलौज करते हुए उसे लाठी-डंडे से पीटना शुरू कर दिया। युवक की चीख पुकार सुनकर उसकी पत्नी रूपा बचाने पहुंची। परिवार के लोगों ने रूपा की भी जमकर पीट दिया।
पिटाई से मुनेश की हालत ज्यादा गंभीर हो गई। यह देख हमलावर परिवार समेत भाग निकला। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर अवस्था में मुनेश को सीएचसी लेकर पहुंची। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हमलावरों के घर ताला बंद कर दिया है। मृतक के भाई रामकिशुन की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
जाफरगंज थानाक्षेत्र में मुनेश की पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज करते वक्त पुलिस ने खेल कर दिया। पुलिस ने हत्या के मामले में मृतक के परिजनों को गुमराह करते हुए हमलावरों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने इन धाराओं में रिपोर्ट क्यों दर्ज की इसका कोई ठोस साक्ष्य भी नहीं है। पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है।
गौरतलब है कि जाफरगंज थानाक्षेत्र के पांडेयपुर गांव निवासी मुनेश को उधारी मांगने पर गांव के रवींद्र ने अपने परिवार के साथ मिलकर सोमवार रात बर्बर पिटाई करके मौत के घाट उतार दिया था। थाना पुलिस ने रवींद्र, अरविंद, राधा और भोला यादव के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
जबकि मृतक की पत्नी रूपा का आरोप है कि उसके पति की मौके पर ही मौत हो गई थी। उसके पति को मरा जानने के बाद हमलावर गांव छोड़कर भागे गए थे। वह लोग एंबुलेंस से बिंदकी सीएचसी में मुनेश को लेकर पहुंचे थे। जहां डाक्टरों ने एंबुलेंस में ही पति की हालत देखकर उसे मृत घोषित कर दिया था।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने तहरीर में खेल किया है। इस तरह से पूरा मामला सीधे हत्या का बनता है लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। जाफरगंज एसओ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की ओर मिली तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
तहरीर में पिटाई के बाद इलाज के लिए ले जाते समय मौत बताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी एक दर्जन चोटों के कारण युवक की मौत होने की पुष्टि हुई है।
पांडेयपुर गांव के ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी काफी दबंग हैं। इसी वजह से उनके मामले में कोई भी नहीं बोलता है। दलित मुनेश पर इन लोगों ने जमकर लाठी डंडे बरसाए और उसकी छाती पर चढ़कर बेरहमी से उसे पीटा। मुनेश की मौत होने के बाद भी यह लोग उसे पीटते रहे।
दलित ठेकेदार की हत्या के बाद गांव पांडेयपुर में सन्नाटा पसरा है। दबंगों के खिलाफ कोई भी जुबान खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सीओ बृजराज सिंह ने बताया कि हत्यारों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की टीमें बनाई गई है। गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
दलित ठेकेदार 40 वर्षीय मुनेश की हत्या के बाद उसका परिवार बेसहारा हो गया है। घटना से उसकी पत्नी रूपा और पुत्री नंदनी उर्फ आशना, पुत्र अंश, आदर्श हाल बेहाल हैं। परिवार का भरण पोषण मृतक की कमाई से होता था। अब परिवार के सामने रोजी रोटी का भी संकट खड़ा होगा।