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Fatehpur News: वायरल ऑडियो और बॉर कोड प्रकरण में निलंबित एक्सईएन की वाराणसी मुख्यालय टीम करेगी जांच

Thu, 19 Feb 2026 12:37 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 19 Feb 2026 12:37 AM IST
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The Varanasi headquarters team will investigate the suspended XEN in the viral audio and bar code case.
फोटो-36-एक्सईएन राजेश कुमार। स्रोत सोशल मीडिया
फतेहपुर/बिंदकी। भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े वायरल ऑडियो और बॉर कोड के प्रकरण में बिंदकी द्वितीय खंड के निलंबित एक्सईएन राजेश कुमार की जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मामले की जांच पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के वाराणसी मुख्यालय की गठित टीम करेगी। जांच प्रक्रिया से पहले एसई की ओर से आलेख आरोप पत्र मुख्यालय भेजा जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
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कार्रवाई के बाद विभागीय कर्मियों में एक्सईएन के खिलाफ असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। बिंदकी कार्यालय के अधीनस्थ कर्मचारियों का कहना है कि उनका व्यवहार गंदा था औ वे छोटी-छोटी बातों पर सार्वजनिक रूप से फटकार लगाते थे। इससे कर्मचारियों में मानसिक दबाव और असहजता का माहौल बना रहता था।
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कुछ माह पूर्व तैनात एक लिपिक का स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद उसे करीब एक माह तक कार्यमुक्त नहीं किया गया। समय से रिलीव न किए जाने से प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की बात भी सामने आई। अब विभागीय जांच में वित्तीय अनियमितताओं के साथ कार्यप्रणाली और व्यवहार संबंधी शिकायतों की भी पड़ताल होगी।
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एसई अनिल कुमार ने बताया कि निलंबित एक्सईएन के खिलाफ मुख्यालय स्तर से जांच होगी और आरोप पत्र भेजे जाने के बाद वाराणसी डिस्काम मुख्यालय से टीम गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक्सईएन के संबंध में कई बार मौखिक शिकायतें मिली हैं। लिखित शिकायतें उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाती हैं।

एसई से भ्रष्टाचार में सहयोग न करने से थे खफा थे एक्सईएन
वायरल ऑडियो में एक्सईएन एक अंश में बोलते हैं कि एसई न कमाते हैं और न कमाने देते हैं। इस बात से ही एसई से एक्सईएन के खफा होने की बात सामने आती है। एक्सईएन की रिकार्डिंग विभाग में भी खूब सुनी जा रही हैं।

ठेकेदारों से घरेलू सामान का भी कराते थे भुगतान
शिकायतकर्ता आकाश सिंह ने बताया कि अधिशासी अभियंता अपने घर की सुख सुविधाओं और घरेलू उपयोगी वस्तुओं का भी भुगतान ठेकेदारों से कराते थे। ठेकेदारों के काम में हमेशा कोई न कोई कमियां बताकर भुगतान लंबित करते थे। इसी दबाव में ठेकेदार कमीशन के साथ उनके निजी खर्च का भुगतान करते थे।


एक्सईएन की छूट के चलते लाइनमैन अफसरों पर बनाता था दबाव
निलंबित एक्सईएन का एक बेहद करीबी लाइनमैन क्षेत्र में तैनात है। वह क्षेत्र के काम न कर एक्सईएन के साथ रहता था। उसे इतनी अधिक छूट थी कि वह पूरी धमक के साथ एक मिनी अधिशासी अभियंता की हैसियत रखते हुए सारे कामकाज देखता था। एक्सईएन की छूट के चलते वह विभागीय अधिकारियों तक दबाव बनाता था। इसके अलावा एक्सईएन के व्यक्तिगत कार्य करता था।

फोटो-36-एक्सईएन राजेश कुमार। स्रोत सोशल मीडिया

फोटो-36-एक्सईएन राजेश कुमार। स्रोत सोशल मीडिया

फोटो-36-एक्सईएन राजेश कुमार। स्रोत सोशल मीडिया

फोटो-36-एक्सईएन राजेश कुमार। स्रोत सोशल मीडिया

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