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घर में घुसकर ट्रक पलटा, पिता-पुत्र की मौत, चार घंटे जाम
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
Updated Wed, 28 Mar 2018 11:39 PM IST
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घर में घुसा ट्रक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मुगलमार्ग हाईवे पर बुधवार भोर में स्टेयरिंग फेल होने से फल लदा ट्रक एक घर में घुसकर पलट गया। ट्रक के नीचे दबकर पिता-पुत्र की मौत हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला जा सका। गुस्साए ग्रामीणों ने शव रोड पर रखकर हाईवे जाम कर दिया। चार घंटे तक यातायात बाधित रहा। पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के मुआवजे के आश्वासन के बाद शवों को कब्जे में लिया जा सका।
हादसा जहानाबाद थाना क्षेत्र के मुगलमार्ग हाईवे के पोजेपुर गांव में हुआ। गांव के उमाशंकर सोनकर (45) परिवार संग तीन कमरों के पुराने मकान में रहते थे। उनकी पत्नी उर्मिला भोर पहर जंगल चली गई थी। बड़ा बेटा प्रीतू (20) कमरे में सो रहा था। छोटा बेटा जीतू और बेटी सपना बीए की परीक्षा देने बांदा गए थे। भोर करीब पांच बजे मकान में ट्रक जा घुसा। तेज धमाके जैसी आवाज से इलाकाई मौके पर पहुंचे। रोड से लेकर घर के भीतर ट्रक पलटा पड़ा था। जंगल से उर्मिला पहुंची। पिता पुत्र पलटे ट्रक के नीचे दबे थे। पूरा मकान क्षतिग्रस्त पड़ा था। सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने चालक और खलासी को बाहर निकाला और पीएचसी में भर्ती कराया। ट्रक को हटाने के लिए दमकल और जेसीबी बुलाई। दोनों के असफल होने पर हाइड्रा मशीन बुलाई गई। ट्रक हटने के बाद दोनों के चारपाई में कुचले शव मिले।
ग्रामीणों ने शवों को रखकर जाम लगा दिया और मुआवजे की मांग करने लगे। एएसपी विनोद कुमार, एसडीएम हरिहरराम, सीओ अभिषेक तिवारी पहुंचे। मुआवजा जल्द से जल्द दिलाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। करीब चार घंटे बाद दोपहर को यातायात बहाल हो सका। सीओ ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। एसडीएम की ओर से परिवार को रहने के लिए पंचायत घर की व्यवस्था कराई गई है।
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हादसा जहानाबाद थाना क्षेत्र के मुगलमार्ग हाईवे के पोजेपुर गांव में हुआ। गांव के उमाशंकर सोनकर (45) परिवार संग तीन कमरों के पुराने मकान में रहते थे। उनकी पत्नी उर्मिला भोर पहर जंगल चली गई थी। बड़ा बेटा प्रीतू (20) कमरे में सो रहा था। छोटा बेटा जीतू और बेटी सपना बीए की परीक्षा देने बांदा गए थे। भोर करीब पांच बजे मकान में ट्रक जा घुसा। तेज धमाके जैसी आवाज से इलाकाई मौके पर पहुंचे। रोड से लेकर घर के भीतर ट्रक पलटा पड़ा था। जंगल से उर्मिला पहुंची। पिता पुत्र पलटे ट्रक के नीचे दबे थे। पूरा मकान क्षतिग्रस्त पड़ा था। सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने चालक और खलासी को बाहर निकाला और पीएचसी में भर्ती कराया। ट्रक को हटाने के लिए दमकल और जेसीबी बुलाई। दोनों के असफल होने पर हाइड्रा मशीन बुलाई गई। ट्रक हटने के बाद दोनों के चारपाई में कुचले शव मिले।
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ग्रामीणों ने शवों को रखकर जाम लगा दिया और मुआवजे की मांग करने लगे। एएसपी विनोद कुमार, एसडीएम हरिहरराम, सीओ अभिषेक तिवारी पहुंचे। मुआवजा जल्द से जल्द दिलाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। करीब चार घंटे बाद दोपहर को यातायात बहाल हो सका। सीओ ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। एसडीएम की ओर से परिवार को रहने के लिए पंचायत घर की व्यवस्था कराई गई है।
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