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Fatehpur News: घायल महिला को थाने से लौटाया, पुलिस बोली- जन्माष्टमी में हैं व्यस्त
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फोटो-12-थाने में बाइक से महिला को लेकर पहुंचे परिजन। संवाद
असोथर। कागजी व्यवस्था की पोल उस वक्त खुल गई जब गंभीर रूप से घायल महिला को उसका देवर 10 किलोमीटर बाइक चलाकर थाने लेकर पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसे यह कहकर लौटा दिया कि जन्माष्टमी में व्यस्त हैं। इस पर पीड़ित का कहना है कि न उसे इलाज मिला, न सुनवाई हुई।
थाना क्षेत्र के जानिकपुर गांव में शनिवार रात मीना देवी पर पड़ोसियों ने रंजिश के चलते लाठियों से हमला कर दिया। परिजनों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची, लेकिन महिला की हालत गंभीर देख केवल इलाज की सलाह देकर चली गई। परिजन मीना को पीएचसी असोथर ले गए। यहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इसके बाद रात करीब आठ बजे देवर साहिल पड़ोसी लड़के के साथ घायल भाभी को बाइक पर बैठाकर थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा, लेकिन वहां भी इंसाफ नहीं मिला। साहिल का आरोप है कि थाने में तैनात कर्मियों ने यह कहकर लौटा दिया कि सभी अधिकारी जन्माष्टमी कार्यक्रम में व्यस्त हैं।
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इलाज के लिए भटकते परिजनों को राहगीरों ने 108 नंबर पर कॉल करने की सलाह दी। इसके बाद महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। थानाध्यक्ष अभिलाष तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की, लेकिन थाने से भगाने के आरोप से इन्कार किया है। उनका कहना है कि प्राथमिकता इलाज को दी गई थी।
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थाना क्षेत्र के जानिकपुर गांव में शनिवार रात मीना देवी पर पड़ोसियों ने रंजिश के चलते लाठियों से हमला कर दिया। परिजनों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस पहुंची, लेकिन महिला की हालत गंभीर देख केवल इलाज की सलाह देकर चली गई। परिजन मीना को पीएचसी असोथर ले गए। यहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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इसके बाद रात करीब आठ बजे देवर साहिल पड़ोसी लड़के के साथ घायल भाभी को बाइक पर बैठाकर थाने रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा, लेकिन वहां भी इंसाफ नहीं मिला। साहिल का आरोप है कि थाने में तैनात कर्मियों ने यह कहकर लौटा दिया कि सभी अधिकारी जन्माष्टमी कार्यक्रम में व्यस्त हैं।
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इलाज के लिए भटकते परिजनों को राहगीरों ने 108 नंबर पर कॉल करने की सलाह दी। इसके बाद महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। थानाध्यक्ष अभिलाष तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज होने की पुष्टि की, लेकिन थाने से भगाने के आरोप से इन्कार किया है। उनका कहना है कि प्राथमिकता इलाज को दी गई थी।