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Fatehpur News: अधिवक्ता ने की निरीक्षण की मांग, अभियोजन पक्ष को भी साथ रखने का किया निवेदन
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फतेहपुर। हथगाम थाना क्षेत्र के अखरी गांव में किसान नेता समेत तीन लोगों की गोली मारकर की गई सामूहिक हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को हत्या और गैंगस्टर दोनों मुकदमों की अलग-अलग अदालतों में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए छह जुलाई की तारीख तय की है।
भाकियू टिकैत गुट के किसान नेता विनोद सिंह (45), अनूप सिंह (40) और पौत्र अभय प्रताप सिंह (21) की हत्या की सुनवाई कोर्ट नंबर चार की न्यायाधीश चेतना चौहान की अदालत में हुई। पुलिस की कड़ी सुरक्षा में कौशाम्बी जेल से मुख्य आरोपी मुन्नू सिंह समेत छह अभियुक्तों को पेश किया गया। वादी मनीषा सिंह भी अदालत में मौजूद रहीं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से न्यायहित में मौके के निरीक्षण की मांग की गई और कहा गया कि निरीक्षण के दौरान बचाव पक्ष के साथ अभियोजन और पैरवी पक्ष के अधिवक्ताओं को भी शामिल किया जाए।
इस पर अभियोजन पक्ष ने आपत्ति जताई और कोर्ट से जिरह की मांग की। अदालत ने बचाव पक्ष से लिखित प्रार्थना पत्र दाखिल करने को कहा। इस पर सुनवाई के लिए छह जुलाई की तारीख निर्धारित की गई। चार दिन के भीतर तारीख तय होने पर बचाव पक्ष ने आपत्ति जताई जबकि अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे उचित बताया।
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वहीं गैंगस्टर मामले की सुनवाई गैंगस्टर कोर्ट में हुई। इसमें वादी इंस्पेक्टर दुर्गेश प्रसाद गुप्ता उपस्थित रहे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अगली तारीख की मांग की। इस पर अदालत ने छह जुलाई की तारीख तय कर दी।
ये है मामला
हथगाम थाना क्षेत्र के अखरी गांव की प्रधान रामदुलारी सिंह के पुत्र और भाकियू टिकैत गुट के किसान नेता विनोद सिंह (45), अनूप सिंह (40) और पौत्र अभय प्रताप सिंह (21) की आठ अप्रैल 2025 को वर्चस्व की रंजिश में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अनूप सिंह की पत्नी मनीषा सिंह की तहरीर पर पूर्व प्रधान सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह, उसके पुत्र पीयूष, भूपेंद्र, सज्जन, विवेक और जान उर्फ विपुल के खिलाफ हत्या, बलवा समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में तत्कालीन थानेदार दुर्गेश प्रसाद गुप्ता ने सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की थी।
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भाकियू टिकैत गुट के किसान नेता विनोद सिंह (45), अनूप सिंह (40) और पौत्र अभय प्रताप सिंह (21) की हत्या की सुनवाई कोर्ट नंबर चार की न्यायाधीश चेतना चौहान की अदालत में हुई। पुलिस की कड़ी सुरक्षा में कौशाम्बी जेल से मुख्य आरोपी मुन्नू सिंह समेत छह अभियुक्तों को पेश किया गया। वादी मनीषा सिंह भी अदालत में मौजूद रहीं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से न्यायहित में मौके के निरीक्षण की मांग की गई और कहा गया कि निरीक्षण के दौरान बचाव पक्ष के साथ अभियोजन और पैरवी पक्ष के अधिवक्ताओं को भी शामिल किया जाए।
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इस पर अभियोजन पक्ष ने आपत्ति जताई और कोर्ट से जिरह की मांग की। अदालत ने बचाव पक्ष से लिखित प्रार्थना पत्र दाखिल करने को कहा। इस पर सुनवाई के लिए छह जुलाई की तारीख निर्धारित की गई। चार दिन के भीतर तारीख तय होने पर बचाव पक्ष ने आपत्ति जताई जबकि अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे उचित बताया।
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वहीं गैंगस्टर मामले की सुनवाई गैंगस्टर कोर्ट में हुई। इसमें वादी इंस्पेक्टर दुर्गेश प्रसाद गुप्ता उपस्थित रहे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अगली तारीख की मांग की। इस पर अदालत ने छह जुलाई की तारीख तय कर दी।
ये है मामला
हथगाम थाना क्षेत्र के अखरी गांव की प्रधान रामदुलारी सिंह के पुत्र और भाकियू टिकैत गुट के किसान नेता विनोद सिंह (45), अनूप सिंह (40) और पौत्र अभय प्रताप सिंह (21) की आठ अप्रैल 2025 को वर्चस्व की रंजिश में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अनूप सिंह की पत्नी मनीषा सिंह की तहरीर पर पूर्व प्रधान सुरेश उर्फ मुन्नू सिंह, उसके पुत्र पीयूष, भूपेंद्र, सज्जन, विवेक और जान उर्फ विपुल के खिलाफ हत्या, बलवा समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में तत्कालीन थानेदार दुर्गेश प्रसाद गुप्ता ने सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई भी की थी।