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थाने और फायर प्रशासन की अनदेखी से पटाखा गोदाम में हादसा
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फतेहपुर। हथगाम के पटाखा कारखाने में विस्फोट के पीछे पुलिस और दमकल विभाग की चूक सामने आई है। पटाखा निर्माता के लाइसेंस का नवीनीकरण होना था, लेकिन वह लाइसेंस नवीनीकरण से पहले ही धड़ल्ले से पटाखा बना रहा था। पुलिस और दमकल अगर इस पर सख्ती से रोक लगा देते तो हादसा टल सकता था। हादसे के बाद तो पुलिस ने अपनी गर्दन बचाने के लिए विस्फोट वाले दिन ही नवीनीकरण पर रिपोर्ट लगाई थी।
हथगाम थाने के छिवलहा कस्बे में पटाखा निर्माता आलेहसन के गोदाम में 22 अक्तूबर को विस्फोट हुआ था। गनीमत रही कि विस्फोट आबादी के बाहर हुआ। हादसे में आले हसन की पत्नी कजीना बेगम की मौत हो गई, वहीं बहू गुलशन और नगीना की झुलसने से हालत गंभीर है। मामले में बड़ी बात सामने आई कि पटाखे बनाने के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं था। इसके बावजूद दीपावली का स्टाक तैयार किया जा रहा था। पुलिस और फायर प्रशासन बेखबर रहा है।
साफ है कि पुलिस और फायर प्रशासन के संरक्षण में ही गैरकानूनी तरीके से पटाखों का निर्माण हो रहा था। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम और गैरइरादातन हत्या के आरोप में आलेहसन और उसके बेटे जावेद उर्फ राजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा लाइसेंस न होने और आतिशबाजी के नियमों का उल्लघंन की वजह से
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बना है। इसकी जिम्मेदार भी इलाकाई पुलिस और प्रशासन है। विस्फोट से करीब एक घंटे पहले जावेद हथगाम थाने में था और नवीनीकरण पर रिपोर्ट लगवाने पहुंचा था। उसकी थाने से लाइसेंस में नवीनीकरण में रिपोर्ट भी लगाई गई। 21 अक्तूबर को राजस्व और खागा फायर प्रशासन ने रिपोर्ट लगाई थी। जबकि नवीनीकरण के लिए शस्त्र एवं विस्फोटक लाइसेंस कार्यालय में आवेदन फरवरी में किया गया था।
एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पटाखा विस्फोट प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।सीएफओ उमेश गौतम ने बताया कि नवीनीकरण लाइसेंस का नहीं हुआ था। इसके बाद भी पटाखे बनाए जा रहे थे। जगह भी बदल दी गई थी। निर्माण सामग्री और माल का स्टाक भी लाइसेंस क्षमता से कई गुना ज्यादा था। मानक पूरे नहीं होने की वजह से लाइसेंस का नवीनीकरण रोका गया था।
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जिले में कुल स्थायी लाइसेंस 91
सदर तहसील क्षेत्र में 40,
खागा तहसील क्षेत्र में 29
बिंदकी तहसील क्षेत्र में 22
पटाखा निर्माण और बेचने के स्थायी लाइसेंस का हर साल नवीनीकरण कराया जाता है। नवीनीकरण में चौथ चढ़ावे का बड़ा खेल होता है। छिवलहा के लाइसेंसी आलेहसन का आवेदन फरवरी में हुआ था। रिपोर्ट लगने का
दौर अब शुरू हुआ। कुल मिलाकर बाकी दिनों में नवीनीकरण के काम रोक दिए जाते हैं। दिवाली की वजह से बारूद भंडारण क्षमता से कई गुना लाइसेंसी करते हैं। इन दिनों प्रशासन को भी निरीक्षण के बहाने का मौका मिल जाता है। त्योहार के समय में लाइसेंसी को थाने, फायर, असलहा लाइसेंस कार्यालय पर मुंह मांगी कीमत चुकानी पड़ती है। बाकी दिनों में छिटपुट काम लाइसेंसी करते हैं।
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हथगाम थाने के छिवलहा कस्बे में पटाखा निर्माता आलेहसन के गोदाम में 22 अक्तूबर को विस्फोट हुआ था। गनीमत रही कि विस्फोट आबादी के बाहर हुआ। हादसे में आले हसन की पत्नी कजीना बेगम की मौत हो गई, वहीं बहू गुलशन और नगीना की झुलसने से हालत गंभीर है। मामले में बड़ी बात सामने आई कि पटाखे बनाने के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं था। इसके बावजूद दीपावली का स्टाक तैयार किया जा रहा था। पुलिस और फायर प्रशासन बेखबर रहा है।
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साफ है कि पुलिस और फायर प्रशासन के संरक्षण में ही गैरकानूनी तरीके से पटाखों का निर्माण हो रहा था। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम और गैरइरादातन हत्या के आरोप में आलेहसन और उसके बेटे जावेद उर्फ राजू के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा लाइसेंस न होने और आतिशबाजी के नियमों का उल्लघंन की वजह से
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बना है। इसकी जिम्मेदार भी इलाकाई पुलिस और प्रशासन है। विस्फोट से करीब एक घंटे पहले जावेद हथगाम थाने में था और नवीनीकरण पर रिपोर्ट लगवाने पहुंचा था। उसकी थाने से लाइसेंस में नवीनीकरण में रिपोर्ट भी लगाई गई। 21 अक्तूबर को राजस्व और खागा फायर प्रशासन ने रिपोर्ट लगाई थी। जबकि नवीनीकरण के लिए शस्त्र एवं विस्फोटक लाइसेंस कार्यालय में आवेदन फरवरी में किया गया था।
एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि पटाखा विस्फोट प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।सीएफओ उमेश गौतम ने बताया कि नवीनीकरण लाइसेंस का नहीं हुआ था। इसके बाद भी पटाखे बनाए जा रहे थे। जगह भी बदल दी गई थी। निर्माण सामग्री और माल का स्टाक भी लाइसेंस क्षमता से कई गुना ज्यादा था। मानक पूरे नहीं होने की वजह से लाइसेंस का नवीनीकरण रोका गया था।
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जिले में कुल स्थायी लाइसेंस 91
सदर तहसील क्षेत्र में 40,
खागा तहसील क्षेत्र में 29
बिंदकी तहसील क्षेत्र में 22
पटाखा निर्माण और बेचने के स्थायी लाइसेंस का हर साल नवीनीकरण कराया जाता है। नवीनीकरण में चौथ चढ़ावे का बड़ा खेल होता है। छिवलहा के लाइसेंसी आलेहसन का आवेदन फरवरी में हुआ था। रिपोर्ट लगने का
दौर अब शुरू हुआ। कुल मिलाकर बाकी दिनों में नवीनीकरण के काम रोक दिए जाते हैं। दिवाली की वजह से बारूद भंडारण क्षमता से कई गुना लाइसेंसी करते हैं। इन दिनों प्रशासन को भी निरीक्षण के बहाने का मौका मिल जाता है। त्योहार के समय में लाइसेंसी को थाने, फायर, असलहा लाइसेंस कार्यालय पर मुंह मांगी कीमत चुकानी पड़ती है। बाकी दिनों में छिटपुट काम लाइसेंसी करते हैं।