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दस फीसदी विद्यार्थी बुखार की चपेट में
ब्यूरो अमर उजाला फतेहपुर
Updated Thu, 15 Oct 2015 12:58 AM IST
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जानलेवा बुखार के कहर से जूझते नोनारा के पड़ोसी गांव भी चपेट में आ गए हैं। बुधवार को बुढ़वा के गंगा चरन सधारी लाल इंटर कालेज में लगे स्वास्थ्य कैंप में दस फीसदी बच्चे बुखार से ग्रसित मिले। डॉक्टरों ने बुखार पीड़ित विद्यार्थियों को दवाएं उपलब्ध कराने के साथ घरों के अलावा आसपास साफ सफाई रखने पर जोर दिया।
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मंगलवार रात दो मौतें होने के साथ अमौली ब्लाक के नोनारा गांव में बुखार से मरने वालों की संख्या 12 हो चुकी है, जबकि एक बुखार पीड़ित धनाभाव के चलते फांसी लगाकर जान दे चुका है।
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नोनारा के साथ आसपास के गांव भी बीमारी की जद में आ गए। इसकी ताकीद बुधवार को बुढ़वा पहुंची स्वास्थ्य टीम के परीक्षण के दौरान हुई।
गंगा चरन सधारी लाल इंटर कालेज में कैंप लगाए डॉ. मोनिका गुप्ता व डॉ. श्री नारायण की टीम ने एसीएमओ डॉ. रमांकांत की मौजूदगी में 785 विद्यार्थियों में 76 को बुखार ग्रसित पाया। बुखार पीड़ित विद्यार्थी नोनारा के पड़ोसी गांव आजमपुर गढ़वा, बुढ़वा, कनैरा, नेउरी, डीघनपुर, बिजौली, बाबूपुर, टकौली के रहे।
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एसीएमओ डॉ. रमाकांत ने बताया कि बुखार पीड़ित विद्यार्थियों को दवाएं मुहैया कराने के साथ उन्हें सफाई के लिए प्रेरित किया गया है।
नोनारा से चार और मरीज कानपुर रेफर - अमौली। नोनारा गांव से बुखार पीड़ितों के रेफर होने का सिलसिला जारी है। हर एक दिन कोई न कोई मरीज कानपुर के लिए रेफर हो रहा है।
बुधवार को डॉक्टरों की टीम ने 30 नए रोगी देखे। इनमें से पांच की स्लाइडें बनाईं। सुनीता पत्नी जगदेश, सन्नो पत्नी जमील, रंजीत पुत्र छेद्दू व विजय पुत्र विपिन को नाजुक हालत होने पर उर्सला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। चारों मरीजाें को उपचार के लिए कानपुर ले जाया गया।
उधर, नोनारा के अलावा लहुरी सराय में डॉ. मेवालाल व डॉ. ऋषि कुमार की टीम ने 13 मरीज देखे और इनमें से एक की स्लाइड तैयार की।