स्वास्थ्यकर्मियों की हड़ताल खत्म
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संयुक्त राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ के बैनर तले जारी स्वास्थ्य कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के साथ हुई वार्ता के बाद स्थगित कर दिया गया है। जिसके बाद स्थानीय इकाई ने मंगलवार से नियमित सेवाएं देने का ऐलान किया है। सोमवार को स्वास्थ्यकर्मियों के कार्य बहिष्कार से मरीज दवा के पर्चे लेकर इधर-उधर भटकते रहे। विभिन्न मांगों के समर्थन में संयुक्त राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार से स्वास्थ्यकर्मियों ने रोजाना दो घंटे कार्य बहिष्कार शुरू किया है। मरीजों को केवल ओपीडी सेवाएं ही मिल सकीं। पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच से लेकर इंजेक्शन व दवा के लिए मरीज और तीमारदार भटकते रहे।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शासन स्तर से सकारात्मक निर्णय न लिए जाने पर विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाने की बात कही। साथ ही 22 जुलाई को महानिदेशालय लखनऊ का घेराव करने का ऐलान किया। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर संयुक्त राज्य चिकित्सा कर्मचारी संघ की ओर से बुधवार से विरोध प्रदर्शन हो रहा है। संघ ने 13 जुलाई से दो घंटे का कार्य बहिष्कार करने का फैसला लिया था। जिसके चलते सोमवार की सुबह आठ बजे से 10 बजे तक स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य बहिष्कार कर देने से सरकारी अस्पतालों की सेवाएं हाशिए पर आ गईं। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में आए मरीज और तीमारदार परेशान हुए। ओपीडी मेें डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा की पर्चियां लिए मरीज और तीमारदार भटकते रहे।
दवा वितरण कक्ष में ताला लटका देख करके तमाम मरीज और तीमारदार मेडिकल स्टोर में दवा खरीदते देखे गए। इसी प्रकार से रेडियोलाजी विभाग, पैथालाजी विभाग की जांचें न होने से भी कई जरूरतमंद इंतजार करने के बजाय प्राइवेट सेंटर का रुख करने को मजबूर हो गए। इंजेक्शन कक्ष के बाहर भी दर्जन भर से ज्यादा जरूतमंदों का जमावड़ा लगा रहा। आईपीडी में भर्ती मरीजों को नर्सेज के विरोध में उतरने से दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर शासन के खिलाफ स्वास्थ्य कर्मियों ने सदर अस्पताल में गेट मीटिंग करके नारेबाजी की। संघ की अध्यक्ष गीता सिंह ने कहा कि सरकार को हठधर्मिता से बाज आना होगा। पैरामेडिकल स्टाफ के साथ नाइंसाफी बंद की जानी चाहिए। मीटिंग मेें 22 जुलाई को लखनऊ महानिदेशालय में होने वाले घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई। संरक्षक सुभाष चंद्र सिंह, अरुणेश चंद्र सिंह, राम प्रकाश सिंह, मोहम्मद कादिर ने भी सभा को संबोधित किया।