फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   SP appears before High Court; district police get relief.

Fatehpur News: हाईकोर्ट में एसपी हुए पेश जिला पुलिस की मिली राहत

Tue, 28 Jul 2026 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
SP appears before High Court; district police get relief.
फतेहपुर। वर्ष 2017 से अपहृत रामशरण द्विवेदी की तीसरी बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। एसपी अभिमन्यु मांगलिक हाईकोर्ट इलाहाबाद के न्यायाधीश के समक्ष पेश हुए और जिला पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में बताया। इसके बाद हाईकोर्ट ने जिला पुलिस को अब आगे जाने की जरूरत नहीं है, यह कहकर राहत दी। जिले से लेकर जोन के अधिकारियों तक के लिए करीब आठ साल से रामशरण द्विवेदी गले की फांस बना रहा है। हाईकोर्ट ने सीबीआई के अधिवक्ता से केस लेने के बाद राय मांगी है। अब मामले की सुनवाई 18 अगस्त होगी।
विज्ञापन

कानपुर नगर के साढ़ थाना क्षेत्र के महोलिया गांव निवासी रामशरण द्विवेदी अपने मंझले भाई कौशल किशोर के साथ कस्बा जहानाबाद की ठकुरनगली में रहते थे। उनके बड़े भाई रामनारायण कानपुर में रहते हैं। जहानाबाद पुलिस ने पांच अप्रैल 2016 को रामशरण द्विवेदी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके कमरे से हाथी दांत, पुलिस का वायरलेस सेट, बारहसिंघा के सींग सहित अन्य सामान बरामद होने का दावा किया था।
विज्ञापन

इसी मामले की तारीख पर रामशरण चार दिसंबर 2017 को अपने अधिवक्ता के साथ शहर कचहरी जाते समय जहानाबाद से लापता हो गए थे। कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2018 में तत्कालीन थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ रामशरण के अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस बीच पुलिस ने कई बार केस बंद किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार कर सुनवाई जारी रखी। इस मामले में तीसरी बार बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई चल रही है। याचिका के दबाव में करीब 15 से 20 पुलिस कर्मी निलंबित तक किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रामशरण की तलाश के लिए जिला स्तर पर एसआईटी भी गठित है। बीते 10 माह में तत्कालीन प्रयागराज एडीजी, आईजी तक को हाईकोर्ट तलब कर चुका है। हर पेशी में जिले के कप्तान को हाईकोर्ट जाना पड़ता है। एसपी अभिमन्यु मांगलिक भी मंगलवार को हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश पर पहुंचे। बता दें छह जुलाई को अपहृत के भाई रामनारायण के अधिवक्ता ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई से जांच की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed