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गीत संगीत के बीच भागवत सुनकर लोग मंत्रमुग्ध
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Fri, 21 Oct 2016 12:23 AM IST
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मौहार में श्रीमद् भागवत कथा सुनने के लिए उमड़ी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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मलवां विकास खंड के मौहार गांव में गीत संगीत के साथ जालौन से आई वक्ता कंचन कोकिला ने श्रीमद्भागवत कथा श्रीकृष्ण के जन्म का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि ‘जब-जब भई धर्म की हानि, बाढ़हिं असुर, अधम अभिमानी। पृथ्वी में अंधकार रूपी अज्ञानता, पापाचार, भ्रष्टाचार, अत्याचार बढ़ने पर भक्तों, दुखियों के दर्द का शमन करने के लिए ईश्वर का अवतार होता है।
कारागार में बंद देवकी के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण के जन्म होते ही द्वारपाल सो जाते हैं। उनके पिता वासुदेव श्रीकृष्ण को नंदबाबा के यहां छोड़ उनकी कन्या को उठा लाते हैं। कंस जब उसे मारने को जमीन में पटकने की कोशिश करता तभी उसे पता चलता है कि उसे मारने वाला पैदा हो चुका है। उधर नंद बाबा के यहां पुत्र के पैदा होने की खबर लगते ही शहनाइयां बजने लगती हैं। इसी बीच वक्ता गीत संगीत के साथ सुनाती हैं कि ‘नंद घर लल्ला भयो चलो सखी देखि आई की पंक्ति पर श्रोता झूम उठते है।’ उन्हाेंने कहा कि कथा को सच्चे मन से सुनने वालों को परम शांति का अनुभव होता है।
यहां व्यवस्था संभालने वालों में आयोजक शैलेंद्र सिंह उर्फ बबलू के अलावा जिला पंचायत सदस्य डा. नरेंद्र सिंह गौतम, अवधेश, विक्रम, जगन्नाथ, शिवम सिंह, राहुल, सत्या सिंह, सोमेंद्र, अतुल आदि दर्जनों लोग शामिल रहे।
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कारागार में बंद देवकी के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण के जन्म होते ही द्वारपाल सो जाते हैं। उनके पिता वासुदेव श्रीकृष्ण को नंदबाबा के यहां छोड़ उनकी कन्या को उठा लाते हैं। कंस जब उसे मारने को जमीन में पटकने की कोशिश करता तभी उसे पता चलता है कि उसे मारने वाला पैदा हो चुका है। उधर नंद बाबा के यहां पुत्र के पैदा होने की खबर लगते ही शहनाइयां बजने लगती हैं। इसी बीच वक्ता गीत संगीत के साथ सुनाती हैं कि ‘नंद घर लल्ला भयो चलो सखी देखि आई की पंक्ति पर श्रोता झूम उठते है।’ उन्हाेंने कहा कि कथा को सच्चे मन से सुनने वालों को परम शांति का अनुभव होता है।
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यहां व्यवस्था संभालने वालों में आयोजक शैलेंद्र सिंह उर्फ बबलू के अलावा जिला पंचायत सदस्य डा. नरेंद्र सिंह गौतम, अवधेश, विक्रम, जगन्नाथ, शिवम सिंह, राहुल, सत्या सिंह, सोमेंद्र, अतुल आदि दर्जनों लोग शामिल रहे।
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