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Fatehpur News: राजकीय परीक्षा केंद्र में साल्वर गिरोह का खेल, दो साल से रची जा रही थी साजिश

Sat, 28 Feb 2026 12:03 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Feb 2026 12:03 AM IST
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Solver gangs are operating at the government examination center; the conspiracy has been brewing for two years.
फतेहपुर। जिले की बोर्ड परीक्षा में बड़ा और सुनियोजित फर्जीवाड़ा सामने आया है। राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर सक्रिय साल्वर गिरोह पिछले दो साल से पूरी योजना के साथ काम कर रहा था। जांच में खुलासा हुआ है कि कक्षा नौ के रजिस्ट्रेशन में ही सभी पांचों साल्वरों की फोटो दर्ज थी इसके बावजूद परीक्षा फार्म स्वीकृत किए गए। यह स्थिति सीधे तौर पर स्कूल प्रधानाचार्यों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल खड़े करती है। बोर्ड की वेबसाइट पर परीक्षार्थियों के फार्म की जांच और सत्यापन प्रधानाचार्य ही करते हैं।
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हाईस्कूल और इंटर बोर्ड परीक्षा में नकल को लेकर जिला बीते डेढ़ दशक से लगातार चर्चा में रहा है। नकल माफिया गिरोह की सक्रियता के चलते हर साल कई छात्र-छात्राएं प्रदेश की मेरिट में स्थान बनाते रहे हैं। इसके पीछे चुनिंदा परीक्षा केंद्रों को मिलने वाली कथित विशेष सुविधाएं बताई जाती रही हैं। प्रदेश मेरिट की होड़ में आगे निकलने की इसी साजिश का हिस्सा साल्वर गिरोह का सक्रिय होना माना जा रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र में साल्वर चार विषयों की परीक्षा दे चुके थे और किसी स्तर पर उन्हें रोका नहीं गया। शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई। इससे पहले भी एक साल्वर पकड़ा जा चुका था लेकिन इसके बावजूद सिस्टम सतर्क नहीं हुआ।
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नकल के दायरे में अब राजकीय परीक्षा केंद्र

माध्यमिक शिक्षा विभाग राजकीय परीक्षा केंद्रों में नकलविहीन परीक्षा का दावा करता रहा है लेकिन इसके एक केंद्र में एक साथ पांच साल्वर पकड़े जाने से यह दावा धराशायी हो गया है। राजकीय परीक्षा केंद्रों में अधिकारियों की निगरानी बेहद कमजोर रही है। इससे बोर्ड परीक्षा 2026 की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परीक्षा के पहले दिन 18 फरवरी को रामा अग्रहरि बालिका इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र की पहली पाली में एक साल्वर पकड़ा गया था। इसके बाद शुक्रवार को पांच साल्वर पकड़े जाने से जिले में पकड़े गए साल्वरों की संख्या छह हो गई है।
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पाॅलिटेक्निक, बीए के छात्र साल्वर

पकड़े गए साल्वरों में एक पाॅलिटेक्निक का छात्र बताया जा रहा है जबकि एक बीए और 11वीं का छात्र है। दो साल्वरों ने मजदूरी करने की बात स्वीकारी है लेकिन उन्होंने अपनी शैक्षिक योग्यता को लेकर अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। अधिकारियों का मानना है कि इनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि भी जांच के दायरे में है। सभी साल्वर सुजरही, खागा क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

पहले भी इस मामले में जा चुकी जिले की साख

माध्यमिक शिक्षा विभाग की लचर कार्यशैली ने जिले में नकल माफियाओं को बढ़ावा देने का काम किया है। सामूहिक नकल, काॅपी लिखते पकड़े जाने और फर्जी कक्ष निरीक्षकों के मामले सामने आने के बावजूद संबंधित परीक्षा केंद्रों और स्कूलों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी वजह से माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते गए।

वर्ष 2019 में हथगाम क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र पर कापियां लिखते हुए लोग पकड़े गए थे लेकिन केंद्र के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उस समय स्कूल की मान्यता प्रत्याहरण की बात कही गई थी जो केवल कागजों तक सीमित रह गई।

वर्ष 2023 की बोर्ड परीक्षा में एक राजकीय इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर फर्जी कक्ष निरीक्षक ड्यूटी करते पकड़े गए थे। ये कक्ष निरीक्षक एक वित्तविहीन इंटर कॉलेज से भेजे गए थे। उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई लेकिन संबंधित स्कूल पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।


बोर्ड परीक्षा 2026 की शुरुआत में 18 फरवरी को रामा अग्रहरि बालिका इंटर कॉलेज देवीगंज में एक साल्वर दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया था। वह विवेकानंद इंटर कॉलेज सिविल लाइन के छात्र की जगह परीक्षा दे रहा था।
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