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Fatehpur News: विकास कार्यों की धीमी चाल, गुजर गया ये भी साल

Sat, 28 Dec 2024 11:50 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2024 11:50 PM IST
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Slow pace of development works, this year also passed
फतेहपुर। जनपद में विकास कार्यों की धीमी चाल से पूरा साल गुजर गया, लेकिन महत्वपूर्ण योजनाओं की सौगातें अब तक अधूरी हैं। इसमें खासतौर पर तीन ओवरब्रिज के अलावा गाजीपुर विजयीपुर मार्ग, बिंदकी बाईपास मार्ग, आयुष अस्पताल, हर घर नल जल प्रमुख हैं। वहीं, इस साल शुरू हुआ मेडिकल काॅलेज भी केवल ओपीडी तक ही सीमित है और रेलवे स्टेशन की सुंदरीकरण की सौगात जरूरी मिली है।
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बांदा सागर मार्ग को प्रयागराज कानपुर से जोड़ने के लिए एनएचएआई ने शहर से सटे कोराई गांव के पास रेलवे लाइन के ऊपर ओवरब्रिज का निर्माण कराया। वर्ष 2012-13 में 424 करोड़ की लागत से स्पेन की कंपनी संजोंस ने निर्माण किया। वर्ष 2018 शुरू हुआ ब्रिज महज छह महीने में क्षतिग्रस्त हो गया। कंपनी को साल 2024 तक ओवरब्रिज सहित 11 किमी. का बाईपास बनाना था, लेकिन निर्माण अभी अधूरा ही है। इसके बनने से शहर के अंदर से बड़े और भारी वाहन का निकलना बंद होता और जाम से निजात मिलती। एनएचएआई पीडी आलेख सिंह ने बताया कि सूबेदारगंज में प्रोजेक्ट का काम होने के कारण ब्लॉक नहीं मिल पा रहा है। इस कारण ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अधूरा है।
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बिंदकी कस्बे से एनएच-2 पर पहुंचने के लिए राहगीरों को कंसपुर रेलवे स्टेशन से सटी मुरादीपुर रेलवे क्रॉसिंग पार करनी पड़ती है। इस रास्ते से चार से पांच हजार वाहन प्रतिदिन निकलते हैं। अक्सर रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से लंबा जाम लगता था और घंटों बर्बाद होते थे। राज्य सेतु ने मार्च 2022 में 60 करोड़ रुपये की लागत से क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया। इन ढाई सालों में महज पिलर ही खड़े हो सके हैं, जबकि इस साल जून 2024 में ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा करके देना था। इससे बड़े और भारी वाहनों को 10 किमी. का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। राज्य सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज अग्रवाल ने बताया कि क्रॉसिंग के दोनों तरफ काम हो चुके हैं। जल्द ही पुल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
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किशनपुर दांदो ओवरब्रिज के लिए 2016 में 91 करोड़ 86 लाख 70 हजार रुपये की स्वीकृति मिली थी। दांदो पुल और उसको जोड़ने वाले संपर्क मार्ग के रूप में तुर्की नाला का भी निर्माण इसी साल किया गया। तुर्की नाला पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गया। उसे दिसंबर तक बनाना था, लेकिन सुस्त चाल के चलते अब तक अधूरा है। इस वजह से राहगीरों को बांदा जाने के लिए 35 किमी. का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन एके शील ने बताया कि तुर्की नाले पर पुल के निर्माण के पहले कंक्रीट की दीवार बनाने के बाद मिट्टी की भराई की जाएगी। इसके बाद ही पुल पर कोई निर्माण कार्य हो पाएगा।


बिंदकी बाईपास का निर्माण 2012-13 में 8.25 करोड़ रुपये से किया जाना था। कई सालों से करीब 500 मीटर निर्माण अधूरा था। उसके निर्माण के लिए इसी साल 79 लाख रुपये की स्वीकृति हुई। विधायक जय कुमार सिंह जैकी ने भूमिपूजन करके जल्दी निर्माण पूरा करने का निर्देश भी दिया था। दिसंबर अंत तक निर्माण कार्य पूरा कर लेना था, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग की धीमी चाल से अब तक कार्य अधूरा है। बाईपास के अधूरे निर्माण की वजह से बड़े वाहन कस्बे के भीतर से आवागमन करते हैं। इससे 26 दिसंबर 2024 को ई-रिक्शा सवार छात्रा व चालक की मौत हो गई। हालांकि, इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आई है। निर्माण से कस्बे के अंदर जाम और सड़क दुर्घटना में कमी आएगी।


अल्लीपुर के मेवली बुजुर्ग में 50 बेड का आयुष अस्पताल अभी चालू नहीं हो सका है। जुलाई में ही इसे बनाकर देना था, लेकिन डेडलाइन के छह माह बीत जाने के बाद भी बिल्डिंग हैंडओवर नहीं हो सकी। अभी इसमें फिनिशिंग का काम अधूरा है। संसाधनों की व्यवस्था और स्टाफ की भर्ती में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है। इस तरह इस साल 7.39 करोड़ की लागत से बन रहे आयुर्वेदिक अस्पताल की धीमी चाल से 100 गांवों के लोगों को बेहतर चिकित्सा का लाभ मिलना अभी दूर है। जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. अंबरीश चंद्रा ने बताया कि बिल्डिंग हैंडओवर नहीं हुई है। कमेटी के निरीक्षण के बाद भवन विभाग को सौंपा जाएगा। इसके बाद डॉक्टर और स्टाफ की भर्ती करके चिकित्सा सेवा शुरू की जाएगी।


जल जीवन मिशन के तहत इस साल हर घर नल जल से योजना को भी मूर्तरूप देना था। इसकी डेडलाइन दिसंबर 2024 थी, लेकिन अभी इस योजना का संयुक्त रूप से कार्य महज 60 फीसदी हो सका है। अभी 40 फीसदी काम पूरा करने में नया साल भी बीत सकता है। इस योजना के तहत 1,200 करोड़ रुपये खर्च कर 1,181 में नल से स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। जल योजना ग्रामीण के अधिशासी अभियंता सौमित्र श्रीवास्तव ने बताया कि टेंडर लेने वाली कंपनियों की लेटलतीफी के चलते समय-सीमा पर काम पूरा नहीं हो पाया है। इस पर शासन ने कंपनियों पर जुर्माना भी लगाया है। ये तेजी से काम करेंगी तो इस साल योजना पूरी हो जाएगी।


साल के नाम रहे ये काम...

शहर के रेलवे स्टेशन पर अमृत भारत योजना से 37.42 करोड़ रुपये से सुंदरीकरण का काम किया गया। इस साल 13 दिसंबर को कार्यदायी संस्था गति शक्ति यूनिट को स्टेशन पर नया प्लेटफार्म, आरपीएफ के लिए नई बिल्डिंग, सर्कुलेटिंग एरिया में पार्किंग स्थल, दो प्रवेश द्वार, लाइटिंग का काम, प्लेटफार्म नबंर एक व दो जोड़ने वाले ओवरब्रिज का निर्माण कार्य करना था। कार्यदायी संस्था ने सभी काम पूरा कर 13 दिसंबर को उद्धाटन कर दिया। स्टेशन पर फुट ओवरब्रिजों पर काम बाकी है।



स्वास्थ्य के क्षेत्र में इस साल जनपद को मेडिकल कॉलेज की बड़ी सौगात मिली है। कॉलेज का निर्माण 212 करोड़ की लागत से हुआ है। अल्लीपुर हाईवे स्थित संस्थान की ओपीडी सितंबर 2024 में चालू कर दी गई। हर दिन दो से 300 मरीजों का परीक्षण करके दवाएं दी जा रही हैं। हालांकि, भर्ती सेवा अभी शुरू नहीं है। यह नए साल में शुरू हो सकती है।
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