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फतेहपुर: अवैध संबंधों का राज खुलने के डर से की थी शिवम की हत्या
Wed, 15 Feb 2023 12:56 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
Updated Wed, 15 Feb 2023 12:56 AM IST
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फतेहपुर। अवैध संबंधों का राज खुलने के डर से शिवम लोधी (12) हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। करीब दो माह बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस मामले में मृतक की करीबी एक महिला को भी साजिश और साक्ष्य छिपाने का आरोपी बना सकती है। मामले का बुधवार को पुलिस पर्दाफाश करेगी।
थरियांव थाना क्षेत्र के रामपुर मजरे हासिमपुर भेदपुर गांव निवासी अनिल राजपूत का पुत्र शिवम (12) एम कान्वेंट स्कूल हसवा खेलदार में छात्र था। वह चचेरे भाई विवेक के साथ आठ दिसंबर की रात पड़ोसी गांव भदोइया में आई बारात में शामिल होने गया था। विवेक बारात से करीब रात आठ बजे घर चला गया था। जयमाल देखने के लिए शिवम बारात में रुक गया था। इसके बाद घर नहीं पहुंचा था।
छात्र की आशा बहू मां रेणुका सिंह राजपूत की ओर से नौ दिसंबर को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मां और बेटे गांव से कुछ दूर उसरैना पीएचसी में रहते थे। कई दिन तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। गांव किनारे तालाब में एक बोरा उतराता 17 दिसंबर को दिखा था। बोरे से शिवम का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पसलियां टूटने और गले में चोट के निशान मिले थे।
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इससे साफ हुआ कि छाती पर चढ़कर किशोर की हत्या की गई थी। पुलिस ने करीबी लोगों के मोबाइल नंबर की सीडीआर खंगालना शुरू किया। कुछ संदिग्ध नंबर सामने आए। सर्विलांस के जरिए पुलिस नंबरों की पड़ताल में जुट गई। जांच के दौरान गांव के एक कबाड़ी व्यवसायी और उसके दो साथियों को पुलिस ने उठाया है। कबाड़ व्यवसायी ने राजफाश के डर से हत्या करना कबूल किया है।
कबाड़ी ने पूछताछ में बताया कि उसके शिवम के घर की एक महिला से अवैध संबंध थे। शिवम ने आपत्तिजनक हालत में दोनों को देख लिया था। उसे डर था इस बात को जगजाहिर कर देगा। तभी बारात की रात बहाने से शिवम को पंडाल के पीछे बुलाया और साथियों संग अगवा कर ले गया। तालाब किनारे हत्या की। बोरा उसके पास पहले से था। उसी बोरे में शव भरकर फेंक दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिवम के गायब हो जाने के बाद ही महिला को सब कुछ पता चल गया था। वह मानने को तैयार नहीं थी। इसी वजह से महिला को भी आरोपी बना सकती है। थानाध्यक्ष आशुतोष सिंह ने बताया कि हत्या में सब कुछ साफ हो चुका है। खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
दोनों साथियों को 50 हजार का लालच दिया
हत्या के मास्टरमाइंड कबाड़ी ने घटना को अंजाम देने के लिए एक साथी को 30 हजार और दूसरे साथी को 20 हजार रुपये में राजी किया। घटना की रात कबाड़ी और उसके साथी पंडाल के पीछे शराब पी रहे थे। तभी कबाड़ी ने शिवम को देखा। उसे राजफाश के डर से ठिकाने लगाने की ठान ली थी।
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थरियांव थाना क्षेत्र के रामपुर मजरे हासिमपुर भेदपुर गांव निवासी अनिल राजपूत का पुत्र शिवम (12) एम कान्वेंट स्कूल हसवा खेलदार में छात्र था। वह चचेरे भाई विवेक के साथ आठ दिसंबर की रात पड़ोसी गांव भदोइया में आई बारात में शामिल होने गया था। विवेक बारात से करीब रात आठ बजे घर चला गया था। जयमाल देखने के लिए शिवम बारात में रुक गया था। इसके बाद घर नहीं पहुंचा था।
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छात्र की आशा बहू मां रेणुका सिंह राजपूत की ओर से नौ दिसंबर को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मां और बेटे गांव से कुछ दूर उसरैना पीएचसी में रहते थे। कई दिन तक बच्चे का कोई सुराग नहीं लगा। गांव किनारे तालाब में एक बोरा उतराता 17 दिसंबर को दिखा था। बोरे से शिवम का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पसलियां टूटने और गले में चोट के निशान मिले थे।
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इससे साफ हुआ कि छाती पर चढ़कर किशोर की हत्या की गई थी। पुलिस ने करीबी लोगों के मोबाइल नंबर की सीडीआर खंगालना शुरू किया। कुछ संदिग्ध नंबर सामने आए। सर्विलांस के जरिए पुलिस नंबरों की पड़ताल में जुट गई। जांच के दौरान गांव के एक कबाड़ी व्यवसायी और उसके दो साथियों को पुलिस ने उठाया है। कबाड़ व्यवसायी ने राजफाश के डर से हत्या करना कबूल किया है।
कबाड़ी ने पूछताछ में बताया कि उसके शिवम के घर की एक महिला से अवैध संबंध थे। शिवम ने आपत्तिजनक हालत में दोनों को देख लिया था। उसे डर था इस बात को जगजाहिर कर देगा। तभी बारात की रात बहाने से शिवम को पंडाल के पीछे बुलाया और साथियों संग अगवा कर ले गया। तालाब किनारे हत्या की। बोरा उसके पास पहले से था। उसी बोरे में शव भरकर फेंक दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार शिवम के गायब हो जाने के बाद ही महिला को सब कुछ पता चल गया था। वह मानने को तैयार नहीं थी। इसी वजह से महिला को भी आरोपी बना सकती है। थानाध्यक्ष आशुतोष सिंह ने बताया कि हत्या में सब कुछ साफ हो चुका है। खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
दोनों साथियों को 50 हजार का लालच दिया
हत्या के मास्टरमाइंड कबाड़ी ने घटना को अंजाम देने के लिए एक साथी को 30 हजार और दूसरे साथी को 20 हजार रुपये में राजी किया। घटना की रात कबाड़ी और उसके साथी पंडाल के पीछे शराब पी रहे थे। तभी कबाड़ी ने शिवम को देखा। उसे राजफाश के डर से ठिकाने लगाने की ठान ली थी।