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Fatehpur News: दुर्दशा का शिकार गड़रियन पुरवा, गांव से भी बदतर हालात
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फतेहपुर। नगर पालिका के अस्ती वार्ड का हिस्सा गड़रियनपुरवा की दुर्दशा गांव से भी बदतर है। आबादी की नालियां सिल्ट से लबालब हैं। सड़कों पर कीचड़ है। चारों तरफ गंदगी का अंबार है। यह स्थिति जिले में शायद ही किसी गांव की हो। इसके बावजूद यहां के निवासियों को शहरवासी होने का दर्जा प्राप्त है।
आबूनगर वार्ड का गड़रियनपुरवा नई तहसील से करीब एक किमी पश्चिम अस्ती वार्ड से सटा है। यहां की आबादी करीब चार हजार है। अधिकांश लोग खेती किसानी के साथ पशुपालन के व्यवसाय से जुड़े हैं। पूरी आबादी में जल निकासी का कोई रास्ता नहीं है। सीसी सड़कें नीचे हैं और नालियां ऊपर हैं। ऐसे में सड़कों पर जलभराव होने के कारण लोगों को घर के बाहर निकलते ही कीचड़ के बीच से गुजरना मजबूरी बन गई है। जलापूर्ति की वाटर लाइनें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हैं। बिजली आपूर्ति का भी कोई समय निर्धारित नहीं है। शहर के मानक अनुरूप बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। आधी शताब्दी पहले शहर में शामिल होने के बावजूद अभी तक इस आबादी को शहरी बिजली आपूर्ति की सुविधा नहीं मिल रही है।
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आबूनगर वार्ड का गड़रियनपुरवा नई तहसील से करीब एक किमी पश्चिम अस्ती वार्ड से सटा है। यहां की आबादी करीब चार हजार है। अधिकांश लोग खेती किसानी के साथ पशुपालन के व्यवसाय से जुड़े हैं। पूरी आबादी में जल निकासी का कोई रास्ता नहीं है। सीसी सड़कें नीचे हैं और नालियां ऊपर हैं। ऐसे में सड़कों पर जलभराव होने के कारण लोगों को घर के बाहर निकलते ही कीचड़ के बीच से गुजरना मजबूरी बन गई है। जलापूर्ति की वाटर लाइनें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हैं। बिजली आपूर्ति का भी कोई समय निर्धारित नहीं है। शहर के मानक अनुरूप बिजली आपूर्ति नहीं मिल रही है। आधी शताब्दी पहले शहर में शामिल होने के बावजूद अभी तक इस आबादी को शहरी बिजली आपूर्ति की सुविधा नहीं मिल रही है।
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