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एक शिक्षक पर दो स्कूलों की जिम्मेदारी
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फतेहपुर। सुधरने के बजाय बेसिक शिक्षा विभाग की व्यवस्था और खराब होती जा रही है। एक-एक शिक्षक के पास दो-दो स्कूलों की जिम्मेदारी है। ऐसे स्कूल दोपहर में बच्चों को एमडीएम देने तक सीमित हैं।
नगर क्षेत्र में कुल 36 स्कूल संचालित हैं। इनमें 20 प्राथमिक, एक उच्च प्राथमिक और 15 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें 4036 बच्चे पढ़ रहे हैं। कंपोजिट विद्यालय आकूपुर, प्राथमिक अंदौली, पीरनपुर, प्राथमिक चौक, प्राथमिक पनी द्वितीय, प्राथमिक महाजरी, प्राथमिक बेरुईहार, प्राथमिक सरांय मीना, प्राथमिक शेषपुर उनवॉ, प्राथमिक लोटहा विद्यालयों में शिक्षक नहीं हैं।
इन 10 स्कूलों में नजदीकी स्कूलों के शिक्षकों को दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह नगर क्षेत्र के ज्यादातर स्कूलों में एक ही शिक्षक नियुक्त है। इसके बावजूद प्रशासन स्तर से इस कतई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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बीएसए संजय कुशवाहा का कहना है कि नगर क्षेत्र में शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगी है। ग्रामीण क्षेत्र का कोई शिक्षक नगर क्षेत्र में न आ सकता है और नगर क्षेत्र का शिक्षक ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में जा सकता है। यही कारण है नगर क्षेत्र में शिक्षकों की संख्या स्कूलों की संख्या से भी कम रह गई है। नगर क्षेत्र में शिक्षकों की भर्ती के लिए समय-समय पर शासन को लिखा गया है।
ज्यादातर कंपोजिट विद्यालय भी एकल हैं। एक से लेकर कक्षा आठ तक संचालित इन स्कूलों में एक शिक्षक आठ कक्षाओं को कैसे पढ़ाता होगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
फतेहपुर। वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों को नगर मानदेय भुगतान पर रोग लगा दी गई। अब प्रबंध कमेटियों को बैंक खाते में सीधे मानदेय भुगतान करना होगा। यह जानकारी डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने दी। बताया कि ऐसा न करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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नगर क्षेत्र में कुल 36 स्कूल संचालित हैं। इनमें 20 प्राथमिक, एक उच्च प्राथमिक और 15 कंपोजिट विद्यालय हैं। इनमें 4036 बच्चे पढ़ रहे हैं। कंपोजिट विद्यालय आकूपुर, प्राथमिक अंदौली, पीरनपुर, प्राथमिक चौक, प्राथमिक पनी द्वितीय, प्राथमिक महाजरी, प्राथमिक बेरुईहार, प्राथमिक सरांय मीना, प्राथमिक शेषपुर उनवॉ, प्राथमिक लोटहा विद्यालयों में शिक्षक नहीं हैं।
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इन 10 स्कूलों में नजदीकी स्कूलों के शिक्षकों को दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह नगर क्षेत्र के ज्यादातर स्कूलों में एक ही शिक्षक नियुक्त है। इसके बावजूद प्रशासन स्तर से इस कतई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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बीएसए संजय कुशवाहा का कहना है कि नगर क्षेत्र में शिक्षकों की भर्ती पर रोक लगी है। ग्रामीण क्षेत्र का कोई शिक्षक नगर क्षेत्र में न आ सकता है और नगर क्षेत्र का शिक्षक ग्रामीण क्षेत्र के स्कूल में जा सकता है। यही कारण है नगर क्षेत्र में शिक्षकों की संख्या स्कूलों की संख्या से भी कम रह गई है। नगर क्षेत्र में शिक्षकों की भर्ती के लिए समय-समय पर शासन को लिखा गया है।
ज्यादातर कंपोजिट विद्यालय भी एकल हैं। एक से लेकर कक्षा आठ तक संचालित इन स्कूलों में एक शिक्षक आठ कक्षाओं को कैसे पढ़ाता होगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
फतेहपुर। वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों को नगर मानदेय भुगतान पर रोग लगा दी गई। अब प्रबंध कमेटियों को बैंक खाते में सीधे मानदेय भुगतान करना होगा। यह जानकारी डीआईओएस महेंद्र प्रताप सिंह ने दी। बताया कि ऐसा न करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।