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Fatehpur News: ससुर खदेरी नदी उफनाई, हजारों बीघे फसलें जलमग्न
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फोटो-16-असोथर क्षेत्र में नदी का जल स्तर बढ़ने से खेतों में भरा पानी। संवाद ऋ
खखरेरू/असोथर। लगातार बारिश से ससुर खदेरी-2 नदी उफान पर है। दो दिन से बढ़ रहे जलस्तर से खखरेरू और आसपास के गांवों के खेतों में पानी भर गया है। सैकड़ों बीघे में ज्वार, बाजरा, तिल्ली और धान की खड़ी फसल डूब गई है। इससे किसानों को लाखों रुपये के नुकसान की आशंका है।
रघुराजपुर, सैदपुर, भुरुही, नंदन का पुरवा, चचीड़ा, महेशपुर, मठेठा, मनकापुर, सुदनपुर, धौरहरा, कछरा, बदनमऊ और मानपुर समेत कई गांव प्रभावित हैं। किसान संजय पाल, सीताराम, रामराज पाल, दयाराम, शिवराम तिवारी, आलोक सिंह और रामेश्वर ने बताया कि खेतों में पानी भरने से फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। उनका कहना है कि बारिश ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
असोथर में भी बिगड़े हालात
असोथर क्षेत्र में भी ससुर खदेरी नदी का जलस्तर बढ़ने से हजारों बीघे में धान, अरहर, तिल, उड़द और मूंग की फसल डूब गई है। टीकर, सरांय खालिस, कौडर, बौड़र, जनिकपुर, गेंडूरी, हैदरमऊ, रिठवां, भैरवां, घरवासीपुर, जमलामऊ, बेरुई और कुसुंभी के आसपास खेत पानी में डूबे हैं। निचले हिस्सों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है।
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गलाथा में मगरमच्छ की दहशत, वन विभाग ने रातभर चलाया सर्च ऑपरेशन
औंग। देवमई ब्लॉक क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गलाथा गांव में पहली सितंबर को बाढ़ के पानी में मगरमच्छ दिखाई देने से दहशत फैल गई। सूचना पर वन दरोगा रविंद्र, वन दरोगा श्रुति कीर्ति तथा महेंद्र टीम के साथ गांव पहुंचे। जाल और अन्य संसाधनों से रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन मगरमच्छ नहीं मिला। वन विभाग की टीम निगरानी कर रही है। ग्रामीणों को बाढ़ के पानी की ओर अकेले न जाने की हिदायत दी गई है। मगरमच्छ नहीं पकड़े जाने से ग्रामीणों में डर बना हुआ है।
बारिश में सड़कों के किनारे कटान, गहरे गड्ढों से हादसे का खतरा
फतेहपुर। विजयीपुर क्षेत्र में बारिश से विजयीपुर-गाजीपुर और मोगरिहापुर-सिठियानी मार्ग के किनारों पर कटान हो गया है। सड़क किनारे तीन से पांच फुट तक गहरे गड्ढे बनने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। बरम बाबा देवस्थान के पास कई गड्ढे हो गए हैं। इनके बगल से बड़े वाहन निकलते हैं।
मोगरिहापुर-सिठियानी मार्ग पर नरोत्तमपुर में हनुमान मंदिर के पास करीब 10 फीट चौड़ा और पांच फुट गहरा गड्ढा हो गया है। सिठियानी गांव के पास पुराना कुआं धंसने से करीब पांच फीट चौड़ा और पांच फुट गहरा गड्ढा बन गया है। इसके पास से बड़े वाहन और स्कूली बच्चों से भरी बसें गुजरती हैं।
सत्येंद्र यादव, विवेक, अनुरुद्ध कुमार, सिंटू सिंह, रोहित सिंह और चेतन सिंह आदि ने बताया कि पहले भी गड्ढों को मिट्टी और बजरी से भरवाया गया था, लेकिन बारिश के बाद दोबारा बन गए। अनिल कुमार शील ने बताया कि कर्मचारियों को जानकारी देकर जल्द गड्ढे भरवाए जाएंगे।
बारिश से खरीफ फसलें बर्बाद, 50 फीसदी तक नुकसान
जाफरगंज। यमुना तटवर्ती क्षेत्र में खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार करीब 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। तिल, बाजरा, उड़द और सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है।
बारा, ककोरा, बरवा, गौरा, मऊदेव, गहरूखेड़ा, शुक्लनपुर, मादुरी, घेरा, अंगदपुर, पूरेदान, श्यामपुर, सुल्तानगढ, मांझेपुर, उमरीहा और रेवरी आदि गांव प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच कर्ज लेकर फसल तैयार की थी। फसल खराब होने से अब कर्ज चुकाने और अगली फसल की तैयारी की चिंता सताने लगी है।
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रघुराजपुर, सैदपुर, भुरुही, नंदन का पुरवा, चचीड़ा, महेशपुर, मठेठा, मनकापुर, सुदनपुर, धौरहरा, कछरा, बदनमऊ और मानपुर समेत कई गांव प्रभावित हैं। किसान संजय पाल, सीताराम, रामराज पाल, दयाराम, शिवराम तिवारी, आलोक सिंह और रामेश्वर ने बताया कि खेतों में पानी भरने से फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। उनका कहना है कि बारिश ने महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
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असोथर में भी बिगड़े हालात
असोथर क्षेत्र में भी ससुर खदेरी नदी का जलस्तर बढ़ने से हजारों बीघे में धान, अरहर, तिल, उड़द और मूंग की फसल डूब गई है। टीकर, सरांय खालिस, कौडर, बौड़र, जनिकपुर, गेंडूरी, हैदरमऊ, रिठवां, भैरवां, घरवासीपुर, जमलामऊ, बेरुई और कुसुंभी के आसपास खेत पानी में डूबे हैं। निचले हिस्सों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत है।
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गलाथा में मगरमच्छ की दहशत, वन विभाग ने रातभर चलाया सर्च ऑपरेशन
औंग। देवमई ब्लॉक क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गलाथा गांव में पहली सितंबर को बाढ़ के पानी में मगरमच्छ दिखाई देने से दहशत फैल गई। सूचना पर वन दरोगा रविंद्र, वन दरोगा श्रुति कीर्ति तथा महेंद्र टीम के साथ गांव पहुंचे। जाल और अन्य संसाधनों से रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन मगरमच्छ नहीं मिला। वन विभाग की टीम निगरानी कर रही है। ग्रामीणों को बाढ़ के पानी की ओर अकेले न जाने की हिदायत दी गई है। मगरमच्छ नहीं पकड़े जाने से ग्रामीणों में डर बना हुआ है।
बारिश में सड़कों के किनारे कटान, गहरे गड्ढों से हादसे का खतरा
फतेहपुर। विजयीपुर क्षेत्र में बारिश से विजयीपुर-गाजीपुर और मोगरिहापुर-सिठियानी मार्ग के किनारों पर कटान हो गया है। सड़क किनारे तीन से पांच फुट तक गहरे गड्ढे बनने से हादसे का खतरा बढ़ गया है। बरम बाबा देवस्थान के पास कई गड्ढे हो गए हैं। इनके बगल से बड़े वाहन निकलते हैं।
मोगरिहापुर-सिठियानी मार्ग पर नरोत्तमपुर में हनुमान मंदिर के पास करीब 10 फीट चौड़ा और पांच फुट गहरा गड्ढा हो गया है। सिठियानी गांव के पास पुराना कुआं धंसने से करीब पांच फीट चौड़ा और पांच फुट गहरा गड्ढा बन गया है। इसके पास से बड़े वाहन और स्कूली बच्चों से भरी बसें गुजरती हैं।
सत्येंद्र यादव, विवेक, अनुरुद्ध कुमार, सिंटू सिंह, रोहित सिंह और चेतन सिंह आदि ने बताया कि पहले भी गड्ढों को मिट्टी और बजरी से भरवाया गया था, लेकिन बारिश के बाद दोबारा बन गए। अनिल कुमार शील ने बताया कि कर्मचारियों को जानकारी देकर जल्द गड्ढे भरवाए जाएंगे।
बारिश से खरीफ फसलें बर्बाद, 50 फीसदी तक नुकसान
जाफरगंज। यमुना तटवर्ती क्षेत्र में खेतों में पानी भरने से खरीफ की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार करीब 50 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। तिल, बाजरा, उड़द और सब्जियों की फसल बर्बाद हो गई है।
बारा, ककोरा, बरवा, गौरा, मऊदेव, गहरूखेड़ा, शुक्लनपुर, मादुरी, घेरा, अंगदपुर, पूरेदान, श्यामपुर, सुल्तानगढ, मांझेपुर, उमरीहा और रेवरी आदि गांव प्रभावित हैं। किसानों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच कर्ज लेकर फसल तैयार की थी। फसल खराब होने से अब कर्ज चुकाने और अगली फसल की तैयारी की चिंता सताने लगी है।

फोटो-16-असोथर क्षेत्र में नदी का जल स्तर बढ़ने से खेतों में भरा पानी। संवाद ऋ

फोटो-16-असोथर क्षेत्र में नदी का जल स्तर बढ़ने से खेतों में भरा पानी। संवाद ऋ