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माैसम ने ली करवट, अाेलाें की बारिश ने ताेड़ी किसानाें की कमर
अमर उजाला/फतेहपुर
Updated Sat, 28 Jan 2017 01:18 AM IST
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बारिश से बर्बाद हुई फसलें
मौसम ने शुक्रवार को फिर पलटी मार दी है। भोर पहर हवा के साथ जोरदार बारिश हुई। इसे फसलों के लिए अच्छा माना जा रहा है। वहीं यमुना तिरहार क्षेत्र में करीब 15 मिनट तक ओले पड़े। इससे राई, सरसों की फसल में नुकसान हुआ है। दिन में तेज धूप के बावजूद गलन बढ़ गई है।
आसमान पर बादल से ठिठुरन फिर बढ़ गई है। सुबह से ही रुक-रुककर जोरदार बारिश हुई। स्कूली बच्चे छाता लगाकर सड़कों पर जाते दिखाई दिए। बारिश फसलों के लिए वरदान साबित हुई है। रुक-रुक कर हुई एक घंटे की बारिश से खेतों में पानी भर गया है। वहीं धान खरीद केंद्र के अधिकारियों की उदासीनता से किसानों का नुकसान हुआ है। क्रय केंद्रों में खुले आसमान के नीचे रखा धान बारिश के पानी से भीग गया।
इससे कई किसानों का नुकसान हो गया है। उधर यमुना तिरहार के असोथर, किशनपुर, खखरेरु क्षेत्र में ओलावृष्टि से राई, सरसों की फसल में किसानों का नुकसान हुआ है। हालांकि अन्य तिरहार की फसलों में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। फसलों में बारिश की बूंद पड़ते ही पौधों की रौनक बदल गई है।
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आसमान पर बादल से ठिठुरन फिर बढ़ गई है। सुबह से ही रुक-रुककर जोरदार बारिश हुई। स्कूली बच्चे छाता लगाकर सड़कों पर जाते दिखाई दिए। बारिश फसलों के लिए वरदान साबित हुई है। रुक-रुक कर हुई एक घंटे की बारिश से खेतों में पानी भर गया है। वहीं धान खरीद केंद्र के अधिकारियों की उदासीनता से किसानों का नुकसान हुआ है। क्रय केंद्रों में खुले आसमान के नीचे रखा धान बारिश के पानी से भीग गया।
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इससे कई किसानों का नुकसान हो गया है। उधर यमुना तिरहार के असोथर, किशनपुर, खखरेरु क्षेत्र में ओलावृष्टि से राई, सरसों की फसल में किसानों का नुकसान हुआ है। हालांकि अन्य तिरहार की फसलों में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। फसलों में बारिश की बूंद पड़ते ही पौधों की रौनक बदल गई है।
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