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बारिश ने मुरझाई फसलों में जान डाल दी
ब्यूरो, अमर उजाला फतेहपुर
Updated Thu, 03 Dec 2015 12:34 AM IST
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सूखे की मार से बर्बाद फसलों को मंगलवार व बुधवार हो
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हुई बारिश से राहत मिली। बारिश की बूंद पड़ते ही फसलों ने रंग बदल दिया है।
मानसून के अचानक करवट लेने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में
पलेवा करने वाले किसानों की मेहनत व रुपये की बचत हो गई है। उन्होंने रबी
फसल बोआई करने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
सोमवार की शाम से रुक-रुक कर हुई बारिश ने किसानों को खेतीबाड़ी की राह दिखा दी है। सूखे खेतों में फसल बोआई करने के लिए किसान पलेवा करने की तैयारी में लगे थे।
अचानक हुई बारिश से किसान पलेवा की मेहनत से बच गया और पलेवा करने के लिए डीजल की भी बचत हो गई है। सातो के किसान सुमेर सिंह ने बताया कि अरहर की फसल में फूल लगने का समय है।
खेतों में नमी न होने से वह सूख रही थी। बारिश हो जाने से फसलों में रौनक आ गई है। अब अरहर की पैदावार भी बढ़ जाएगी। भारतपुर के किसान रामसिंह, मलांव के किसान रामभवन लोधी ने बताया कि सूखा की वजह से जलस्तर नीचे चला गया है।
इससे नलकूप सही सलामत पानी भी नहीं दे रहे हैं और न ही पर्याप्त बिजली मिल पा रही है। बारिश हो जाने से खेतों के पलेवा की बचत हो गई।
सोमवार की शाम से रुक-रुक कर हुई बारिश ने किसानों को खेतीबाड़ी की राह दिखा दी है। सूखे खेतों में फसल बोआई करने के लिए किसान पलेवा करने की तैयारी में लगे थे।
अचानक हुई बारिश से किसान पलेवा की मेहनत से बच गया और पलेवा करने के लिए डीजल की भी बचत हो गई है। सातो के किसान सुमेर सिंह ने बताया कि अरहर की फसल में फूल लगने का समय है।
खेतों में नमी न होने से वह सूख रही थी। बारिश हो जाने से फसलों में रौनक आ गई है। अब अरहर की पैदावार भी बढ़ जाएगी। भारतपुर के किसान रामसिंह, मलांव के किसान रामभवन लोधी ने बताया कि सूखा की वजह से जलस्तर नीचे चला गया है।
इससे नलकूप सही सलामत पानी भी नहीं दे रहे हैं और न ही पर्याप्त बिजली मिल पा रही है। बारिश हो जाने से खेतों के पलेवा की बचत हो गई।