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पीएम आवास की सूची में भरे अपात्रों के नाम, डीएम ने लिया संज्ञान
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फतेहपुर। प्रधानमंत्री आवासों के लिए पात्रों के चयन में न सिर्फ मानक दरकिनार किए जा रहे हैं बल्कि जमकर धांधली भी हो रही है। ताजा मामला भिटौरा विकास खंड के मवइया गांव का है। जहां पीएम आवास के पात्रों की सूची जांची गई तो आधे से ज्यादा अपात्र मिले। डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मवइया गांव के ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने आवास योजना की पात्रता सूची में 33 लोगों के नाम दर्ज कर सूची जिला मुख्यालय भेजी थी। इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो सूची में अपात्रों के नाम देख उन्होंने नाराजगी जताई और शिकायत की।
प्रकरण जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे के संज्ञान में आया तो उन्होंने दो दिन पूर्व जनपद से कार्यमुक्त हुए अपर एसडीएम प्रहलाद सिंह और बीडीओ से पिछले सप्ताह जांच कराई। जिसमें शिकायत सही पाई गई। 33 लोगों की सूची में 20 लोग अपात्र पाए गए। इस पर डीएम ने संबंधित सचिव के विरुद्घ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मॉनिटरिंग में लापरवाही पर बीडीओ भिटौरा विपुल बीर विक्रम चौहान पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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सूची की जांच में सामने आया है कि ऐसा लोगों को प्रधानमंत्री आवास देने की तैयारी की जा रही थी जिनके पास न सिर्फ पक्के मकान थे, बल्कि कोई वाहन स्वामी है तो कोई खेती बाड़ी से संपन्न है। कुछ के परिवार में पहले से ही पीएम आवास दिया जा चुका था। इन सबके बावजूद इनके नाम सूची में दर्ज किए गए।
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मवइया गांव के ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव ने आवास योजना की पात्रता सूची में 33 लोगों के नाम दर्ज कर सूची जिला मुख्यालय भेजी थी। इसकी भनक ग्रामीणों को लगी तो सूची में अपात्रों के नाम देख उन्होंने नाराजगी जताई और शिकायत की।
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प्रकरण जिलाधिकारी अपूर्वा दुबे के संज्ञान में आया तो उन्होंने दो दिन पूर्व जनपद से कार्यमुक्त हुए अपर एसडीएम प्रहलाद सिंह और बीडीओ से पिछले सप्ताह जांच कराई। जिसमें शिकायत सही पाई गई। 33 लोगों की सूची में 20 लोग अपात्र पाए गए। इस पर डीएम ने संबंधित सचिव के विरुद्घ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मॉनिटरिंग में लापरवाही पर बीडीओ भिटौरा विपुल बीर विक्रम चौहान पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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सूची की जांच में सामने आया है कि ऐसा लोगों को प्रधानमंत्री आवास देने की तैयारी की जा रही थी जिनके पास न सिर्फ पक्के मकान थे, बल्कि कोई वाहन स्वामी है तो कोई खेती बाड़ी से संपन्न है। कुछ के परिवार में पहले से ही पीएम आवास दिया जा चुका था। इन सबके बावजूद इनके नाम सूची में दर्ज किए गए।