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पीएम आवास के मनरेगा अंश की पड़ताल में परत दर पर खुल रही कलई 16-08-25
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फतेहपुर। गरीबों की योजना में उन्हीं का हक मारा गया। पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को मनरेगा के तहत दी जाने वाली धनराशि को हड़पने के लिए हर ब्लाक में खेल खेला गया। जिले के सभी 13 ब्लाकों में कुल 1853 लाभार्थी ऐसे सामने आए हैं, जिन्हें मनरेगा अंश मिला ही नहीं। इनके आवास बने हुए भी करीब एक साल का वक्त बीत चुका है।
पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को आवास के लिए कुल 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं। आवास निर्माण के दौरान श्रम करने के एवज में लाभार्थी को मनरेगा के तहत 206 रुपये प्रति दिन के हिसाब से कुल 90 दिन का पारिश्रमिक भी मिलता है। जो कुल 18540 रुपये होता है। जिले में लाभार्थियों के इसी मनरेगा अंश में खेल किया गया।
अमर उजाला ने जब इस खेल को उजागर किया तो जिले के प्रभारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री ने जांच बैठा दी। सीडीओ सत्यप्रकाश की जांच में सामने आया है कि सभी 13 ब्लाकों में कुल 1853 लोग ऐसे हैं जिन्होंने पीएम आवास तो एक साल पहले बना लिया लेकिन मनरेगा अंश का भुगतान अभी तक नहीं किया गया। इस मामले की जांच के लिए केंद्रीय ग्राम्य विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष मिश्र ने भी जिला प्रशासन से बात की थी।
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पीएम आवास योजना के लाभार्थियों को आवास के लिए कुल 1.20 लाख रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं। आवास निर्माण के दौरान श्रम करने के एवज में लाभार्थी को मनरेगा के तहत 206 रुपये प्रति दिन के हिसाब से कुल 90 दिन का पारिश्रमिक भी मिलता है। जो कुल 18540 रुपये होता है। जिले में लाभार्थियों के इसी मनरेगा अंश में खेल किया गया।
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अमर उजाला ने जब इस खेल को उजागर किया तो जिले के प्रभारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री ने जांच बैठा दी। सीडीओ सत्यप्रकाश की जांच में सामने आया है कि सभी 13 ब्लाकों में कुल 1853 लोग ऐसे हैं जिन्होंने पीएम आवास तो एक साल पहले बना लिया लेकिन मनरेगा अंश का भुगतान अभी तक नहीं किया गया। इस मामले की जांच के लिए केंद्रीय ग्राम्य विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और भाजपा जिलाध्यक्ष आशीष मिश्र ने भी जिला प्रशासन से बात की थी।
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