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Fatehpur News: पीएचसी में ताला, रातभर प्रसव पीड़ा से कराहती रही महिला
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बकेवर। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार की रात ताला बंद होने से प्रसव पीड़ा से रातभर महिला कराहती रही। मंगलवार भोर महिला ने बच्चे को जन्म दिया। सुबह पहुंचे पीएचसी स्टाफ ने महिला को भर्ती किया।
देवमई गांव निवासी संजय पासवान की पत्नी अनुराधा देवी (30) बकेवर कस्बे में किराए के कमरे में अपने दो बच्चों के साथ रहती है। पति गैर प्रांत में प्राइवेट नौकरी करता है। अनुराधा देवी नौ माह की गर्भवती थी। मंगलवार भोर पहर लगभग तीन बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई। महिला अपने दोनों बच्चों को साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बकेवर पहुंची, लेकिन वहां ताला बंद था। ऐसे में महिला अस्पताल के बरामदे में ही करहाती रही। इस दौरान महिला ने 112 और 108 टोल फ्री नंबरों पर काॅल किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। दर्द से कराहती अनुराधा ने भोर पांच बजे बच्चे को जन्म दिया। सुबह आठ बजे अस्पताल का स्टाफ पहुंचा, तो आनन फानन में महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया। जच्चा बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
देवमई प्रभारी डॉ. विमलेश कुमार ने बताया कि पीएचसी बकेवर में रात में कोई कर्मचारी नहीं रहता है। सूचना मिलने पर सुबह पहुंचे डॉक्टर ने महिला को भर्ती कर उपचार किया है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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देवमई गांव निवासी संजय पासवान की पत्नी अनुराधा देवी (30) बकेवर कस्बे में किराए के कमरे में अपने दो बच्चों के साथ रहती है। पति गैर प्रांत में प्राइवेट नौकरी करता है। अनुराधा देवी नौ माह की गर्भवती थी। मंगलवार भोर पहर लगभग तीन बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई। महिला अपने दोनों बच्चों को साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बकेवर पहुंची, लेकिन वहां ताला बंद था। ऐसे में महिला अस्पताल के बरामदे में ही करहाती रही। इस दौरान महिला ने 112 और 108 टोल फ्री नंबरों पर काॅल किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। दर्द से कराहती अनुराधा ने भोर पांच बजे बच्चे को जन्म दिया। सुबह आठ बजे अस्पताल का स्टाफ पहुंचा, तो आनन फानन में महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया। जच्चा बच्चा दोनों सुरक्षित हैं।
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देवमई प्रभारी डॉ. विमलेश कुमार ने बताया कि पीएचसी बकेवर में रात में कोई कर्मचारी नहीं रहता है। सूचना मिलने पर सुबह पहुंचे डॉक्टर ने महिला को भर्ती कर उपचार किया है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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