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महिला अस्पताल में खुलेगा प्रदेश का पहला एमएनआईसीयू

Sun, 17 Nov 2019 12:36 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 Nov 2019 12:36 AM IST
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फतेहपुर। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं विकसित करने के लिए शासन ने सौगात दी है। जिला महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं के इलाज के लिए एमएनआईसीयू (यानी मैटरनल निओनेटल इंटेनसिव केयर यूनिट) खोले जाने को मंजूरी मिली है। इस यूनिट में प्रसव के समय यदि नवजात गंभीर अवस्था में है तो जच्चा-बच्चा दोनों को इसमें रखा जाएगा। दोनों की मानीटरिंग होगी। इसके लिए 39.67 लाख रुपये का बजट भी दे दिया गया है। डीएम ने इस यूनिट के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को बतौर कार्यदायी संस्था नामित किया है।
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कमजोर बच्चे पैदा होने या कोई बीमारी होने पर उसे एसएनसीयू यानी सिक न्यूबार्न केयर यूनिट में रखना होता है। जिले में अब तक ऐसी कोई व्यवस्था न होने से परिजनों को दूसरे जिले का रुख करना पड़ता था। एसएनसीयू में नवजात को भर्ती तो कर लिया जाता है लेकिन प्रसूताओं को बाहर खुले बरामदे में रहना पड़ता है। प्रसूताओं को भर्ती नहीं किया जाता। इससे उन्हें इंफेक्शन का खतरा रहता है। प्रदेश भर में ऐसी समस्या को देखते हुए जिले में प्रदेश का पहला एमएनआईसीयू खोला जा रहा है। इसमें बच्चे के साथ मां को भी भर्ती करने की सुविधा होगी। जहां स्तनपान कराने जैसी जरूरतों के लिए मां हमेशा अपने बच्चे के साथ मौजूद रहेगी।
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फतेहपुर। एमएनआईसीयू यूनिट ऑक्जीजन, मॉनीटर, वेंटीलेटर, एक्ट ब्लोवर, एक्यूबेटर आब्जर्वर मशीनों से लैस होगा। इनसे बच्चे के ह्रदय, मस्तिष्क, गुर्दा और फेफड़े का इलाज होगा। यहां प्री मेच्योर बेबी, कम वजन वाले, दूध न पीने वाले, लगातार रोने और चिल्लाने वाले बच्चों का इलाज होगा। इस यूनिट में जन्म से 28 दिन तक के बच्चे रखे जाएंगे और इन्हें मां के गर्भ जैसा माहौल दिया जाएगा। गर्भ जैसे तापमान में रहने के दौरान ही इन बच्चों को उपचार और नली के माध्यम से मघां का दूध दिया जाएगा। जिससे ये बच्चे जल्दी ही रिकवर हो सकेंगे। यहां मां के लिए दस बेड और बच्चे के लिए बारह बेड उपलब्ध रहेगा।
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एमएनआईसीयू के लिए राज्य सरकार से 23 लाख और खनिज फंड से 16.50 रुपये का बजट मिला है। कुल 39.67 लाख से इस यूनिट का निर्माण कराया जाना है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है। यही विभाग यूनिट में विद्युतीकरण और एसी लगवाने का भी काम करेगा। विभाग को बजट उपलब्ध करा दिया गया है। - संजीव सिंह, जिलाधिकारी

यह यूनिट जिला महिला अस्पताल के ऊपरी हिस्से में खोली जाएगी। यह यूनिट ठीक वैसे ही काम करेगी, जैसे वयस्क लोगों की गंभीर बीमारी में आईसीयू यूनिट काम करती है। यहां उन्हीं बच्चों को रखा जाता है, जिन्हें जन्म के समय से ही सांस लेने अथवा कम वजन जैसी अन्य प्रसव से जुड़ी हुई बीमारी हो जाती है। किसी भी जिला अस्पताल में अपनी तरह की यह पहली यूनिट होगी। इसे जल्द से जल्द शुरू किए जाने की तैयारी है। - डॉ. उमाकांत पांडेय, सीएमओ
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