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पत्नी सूत्रधार, प्रेमी ने साथियों संग की थी ओमकार की हत्या
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बिंदकी (फतेहपुर)। कोतवाली क्षेत्र के खूंटा गांव के पास गन्ने के खेत में युवक का गला रेतकर फेंका गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। उधर, गुरुवार देर शाम व्हाट्सएप में वायरल फोटो के जरिए परिवार ने उसकी पहचान भी कर ली। पुलिस ने शक के आधार पर पत्नी को पकड़ा तो हकीकत सामने आ गई। पत्नी हत्या की सूत्रधार बनी और उसके प्रेमी ने दो साथियों संग हत्या को अंजाम दिया।
बता दें कि खूंटा गांव में बुधवार को गन्ने के खेत में एक युवक का शव बरामद हुआ था। शव की पहचान बिंदकी कोतवाली के सेलावन गांव निवासी स्वर्गीय रामकृपाल के बेटे ओमकार विश्वकर्मा (35) के रूप में शुक्रवार को हुई। ओमकार पहले ट्रक चालक था। करीब ढाई साल से गांव में रह रहा था। परिजनों के मुताबिक करीब एक साल से वह उखड़ा-उखड़ा रहता था। स्वभाव से गुस्सैल हो गया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि ओमकार की पत्नी शारदा के गांव के रिंकू पंडित से नजदीकी संबंध हो गए थे। पति इसका विरोध करता था। ओमकार बुधवार की शाम करीब पांच बजे घर के बाहर खड़ा था। तभी उसे बहाने से रिंकू और उसके दो साथी ले गए थे। अंधेरा होने पर गांव किनारे मारपीट की। इसी दौरान चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। शव को गन्ने के खेत में फेंक कर भाग आए थे। पुलिस ने पहचान होने के बाद सुबह पत्नी शारदा और रिंकू को पूछताछ के लिए पकड़ लिया। ग्रामीणों में घटना की खबर से सनसनी फैल गई। कोतवाल नंदलाल सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों की धरपकड़ की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। हत्या आशनाई की वजह से हुई है। हत्या के बाद भी रिंकू शारदा के पास आया था।
चार बहनों के बीच इकलौता भाई था ओमकार
फतेहपुर। सेलावन गांव निवासी ओमकार विश्वकर्मा पर ही परिवार का दारोमदार था। उसकी दो मासूम बेटियां पायल (8) और परी (4) साल हैं। पुलिस ने पत्नी शारदा और गांव के रिंकू पंडित को पूछताछ के लिए पकड़ा है। उनकी धरपकड़ के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर भारी संख्या में ग्रामीण कोतवाली बिंदकी पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ सेलावन गांव में ओमकार के घर भी पहुंची। उसकी वृद्घ मां सुमित्रा इकलौते बेटे की मौत से बदहवास हो गई। किसी तरह से सुमित्रा खुद को संभालती दिखी। उसकी गोद में परी बैठी थी। बगल में पायल बैठी रही। मासूमों का भाव जाहिर हुआ कि उनको पिता की मौत के बारे में कुछ भी मालूम नहीं है। गांव के लोग शारदा को कोसते दिखे। उसकी वजह से पूरा परिवार बर्बाद हुआ है। परिवार का ओमकार इकलौता चिराग था। चार बहनें सीता, पुनीता, रंजीता, सुंदरी हैं। तीन बहनों के बाद चौथा ओमकार था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि शारदा का करीब दो साल से प्रेम प्रसंग था। उसे पति की हत्या के बारे में पहले से मालूम था। उसकी जानकारी में प्रेमी ने दो साथियों संग हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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बता दें कि खूंटा गांव में बुधवार को गन्ने के खेत में एक युवक का शव बरामद हुआ था। शव की पहचान बिंदकी कोतवाली के सेलावन गांव निवासी स्वर्गीय रामकृपाल के बेटे ओमकार विश्वकर्मा (35) के रूप में शुक्रवार को हुई। ओमकार पहले ट्रक चालक था। करीब ढाई साल से गांव में रह रहा था। परिजनों के मुताबिक करीब एक साल से वह उखड़ा-उखड़ा रहता था। स्वभाव से गुस्सैल हो गया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि ओमकार की पत्नी शारदा के गांव के रिंकू पंडित से नजदीकी संबंध हो गए थे। पति इसका विरोध करता था। ओमकार बुधवार की शाम करीब पांच बजे घर के बाहर खड़ा था। तभी उसे बहाने से रिंकू और उसके दो साथी ले गए थे। अंधेरा होने पर गांव किनारे मारपीट की। इसी दौरान चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। शव को गन्ने के खेत में फेंक कर भाग आए थे। पुलिस ने पहचान होने के बाद सुबह पत्नी शारदा और रिंकू को पूछताछ के लिए पकड़ लिया। ग्रामीणों में घटना की खबर से सनसनी फैल गई। कोतवाल नंदलाल सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों की धरपकड़ की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई होगी। हत्या आशनाई की वजह से हुई है। हत्या के बाद भी रिंकू शारदा के पास आया था।
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चार बहनों के बीच इकलौता भाई था ओमकार
फतेहपुर। सेलावन गांव निवासी ओमकार विश्वकर्मा पर ही परिवार का दारोमदार था। उसकी दो मासूम बेटियां पायल (8) और परी (4) साल हैं। पुलिस ने पत्नी शारदा और गांव के रिंकू पंडित को पूछताछ के लिए पकड़ा है। उनकी धरपकड़ के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना पर भारी संख्या में ग्रामीण कोतवाली बिंदकी पहुंच गए। ग्रामीणों की भीड़ सेलावन गांव में ओमकार के घर भी पहुंची। उसकी वृद्घ मां सुमित्रा इकलौते बेटे की मौत से बदहवास हो गई। किसी तरह से सुमित्रा खुद को संभालती दिखी। उसकी गोद में परी बैठी थी। बगल में पायल बैठी रही। मासूमों का भाव जाहिर हुआ कि उनको पिता की मौत के बारे में कुछ भी मालूम नहीं है। गांव के लोग शारदा को कोसते दिखे। उसकी वजह से पूरा परिवार बर्बाद हुआ है। परिवार का ओमकार इकलौता चिराग था। चार बहनें सीता, पुनीता, रंजीता, सुंदरी हैं। तीन बहनों के बाद चौथा ओमकार था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि शारदा का करीब दो साल से प्रेम प्रसंग था। उसे पति की हत्या के बारे में पहले से मालूम था। उसकी जानकारी में प्रेमी ने दो साथियों संग हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस फरार दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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