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ज्वार, बाजरे के बाद अब धान रोपाई का खतरा..

Thu, 21 Jul 2022 12:31 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 21 Jul 2022 12:31 AM IST
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No water in minors, paddy transplanting crisis
बकेवर। देवमई ब्लाक क्षेत्र की माइनरों में पानी न होने से धान की रोपाई रुकी पड़ी है। बुधवार को जिले के कई स्थानों पर बारिश हुई, यहां बारिश न होने से किसान निराश हैं।
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आषाढ़ मास में बारिश न होने के कारण ज्वार, बाजरा, अरहर, तिल्ली, मूंग आदि की बुआई पिछड़ गई थी। सावन माह की शुरुआत हो गई है, लेकिन बारिश न होने से किसानों की धान रोपाई नहीं हो पा रही है। बकेवर निवासी किसान ओमप्रकाश तिवारी बताते हैं कि 10 बीघा धान के लिए नर्सरी तैयार थी, माइनर में पानी न होने से धान की नर्सरी सूख गई।
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नहर विभाग के अवर अभियंता राजेंद्र बाबू ने बताया कि बारिश न होने के कारण पानी की खपत अधिक है। ऐसे में नहर पानी टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा।
उप कृषि निदेशक राममिलन सिंह परिहार ने बताया कि पिछले साल जून महीने में 46 और जुलाई माह में 230 मिमी वर्षा हुई थी। इस बार जुलाई में अब तक मात्र 10 मिमी वर्षा होने से खरीफ फसल प्रभावित हो रही है। धान की फसल को सर्वाधिक नुकसान हो रहा है। नुकसान से बचने के लिए किसान फसल बीमा के साथ यह सजगता बरतें।
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