फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   No one is picking up the call...who will tell me what happened?

Fatehpur News: कोई नहीं उठा रहा कॉल...कौन बताएगा क्या हुआ

Sat, 28 Mar 2026 01:11 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:11 AM IST
विज्ञापन
No one is picking up the call...who will tell me what happened?
कौशाम्बी के सैनी में डोरमा पेट्रोल पंप के पास डंपर से भिड़ा पिकअप। संवाद
फतेहपुर। कौशाम्बी सड़क हादसे की खबर आते ही चार गांवों के ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्यों की रूह कांप उठी किसी को कुछ नहीं सूझ रहा था। लोग एक दूसरे से फोन पर संपर्क करने में जुटे थे। किसी ने भी कॉल नहीं उठाई तो सभी और घबरा गए। परिजन के मुंह से यही निकला कि कौन जिंदा है कौन मर गया...कौन बताएगा क्या हुआ। गांव के जनप्रतिनिधियों के सहारे देर रात तक परिजन अपनों से संपर्क में जुटे रहे। हालांकि कुछ ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो उन्हें अपनों की सलामती का पता लगा।
विज्ञापन

कुरौली डेरा गांव निवासी राजन निषाद पुत्र शुभम का मुंडन संस्कार में परिजन और रिश्तेदारों को लेकर प्रयागराज संगम गए थे। इनके साथ बकेवर थाना क्षेत्र पहाड़ीपुर की महिला, जाफरगंज थाना क्षेत्र के बारा गांव की महिलाएं, कुरौली का डेरा,चांदपुर थाना क्षेत्र के गज्जा का डेरा में शामिल थीं। इन गांवों के आठ लोगों की जान गई है।
विज्ञापन

कुरौली डेरा गांव के पूर्व प्रधान रामचंद्र के पास थाना पुलिस ने शाम को हादसे की खबर दी। इसके बाद गांव में खबर फैली। परिवार के लोग मुंडन में गए लोगों को फोन मिलाकर हालचाल लेने की कोशिश करने लगे। किसी का फोन नहीं उठ रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसी तरह गांव के देवनारायण का संपर्क लवकुश से हुआ। लवकुश ने खुद को घायल होना बताकर फोन काट दिया। पूरे गांव में अफरा-तफरी फैल गई। कुरौली का डेरा से ही गज्जा का डेरा और बारा गांव में हादसे की खबर पहुंची।
यहां से भी लोग अपने-अपने साधनों से कौशाम्बी रवाना हुए। कुरौली का डेरा से पूर्व प्रधान रामचंद्र कुछ लोगों को लेकर कौशाम्बी गए। मुंडन संस्कार वाले परिवार के क्षत्रपाल निषाद ने बताया कि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। उनकी सुबह यात्रा में गए कमलेश से बातचीत हुई थी।
उन्होंने संगम पहुंचने की जानकारी दी थी। हादसे की खबर आने के बाद किसी से बातचीत नहीं हो पा रही है। मोबाइल पर ही आठ लोगों की मौत का पता लगा है।


बृहस्पतिवार रात 10 बजे लोडर से निकले थे 25 लोग
राजन के पास खुद का लोडर है। वह अपने लोडर से सभी लोगों को लेकर बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे निकला था। हादसे के पीछे माना जा रहा है कि पूरी रात लोडर राजन ने चलाया था। इस वजह से वह नींद में रहा होगा। झपकी आने से ही हादसा होने की ग्रामीणों में चर्चा रही है।


गांव लौटने पर जश्न की थी तैयारी
राजन अपने पुत्र शुभम का धूमधाम से मुंडन संस्कार कर रहा था। उसने सारे नाते-रिश्तेदारों को निमंत्रण दिया था। मुंडन के बाद गांव लौटने पर जश्न की तैयारी थी। गांव में शाम के भोजन की तैयारी के लिए पंडाल और हलवाई लगे थे। अचानक हादसे की खबर आने के बाद सबकुछ थम गया। रिश्तेदारों में खुशी के माहौल की जगह मातम छा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed