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नीलगायों के आतंक से किसान परेशान
ब्यूरो, अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Fri, 19 Feb 2016 12:43 AM IST
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खागा में सूखे की मार झेल रहे किसान नीलगायों के आतंक
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से परेशान हैं। जो फसलें हैं उन्हें नीलगाय सफाचट कर रही हैं। किसानों को
फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है।
क्षेत्र में हर तरफ नीलगायों का झुंड पसरा है। फसलें तैयार भी नहीं हो पाती हैं कि नीलगाय उन्हें अपना चारा बना लेती हैं। किसानों का भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाती हैं।
किसान रामकिशन, प्रेमनरायण मिश्रा, गंगाप्रसाद और लखन विश्वकर्मा ने बताया कि एक तो सूखे की मार, ऊपर से नीलगायों का आतंक, ऐसे में किसानों को अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।
गेहूं, आलू चना, मटर, लाही, सरसों और अन्य सब्जी की फसलों का नीलगाय नुकसान करती हैं। वही केले की खेती करने वाले किसान रामशंकर ने बताया कि पहले केले के पौधे को अपना चारा बनाती हैं।
बची हुई फसल को तहस नहस भी कर देती हैं। किसान चंदिका प्रसाद, जगदेव, महमूद, राजाराम ने बताया कि फसलों को बचाने के लिए रखवाली करनी पड़ती है। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद शफीक ने बताया कि नीलगाय को अनुमति लेकर ही मारा जा सकता है।
क्षेत्र में हर तरफ नीलगायों का झुंड पसरा है। फसलें तैयार भी नहीं हो पाती हैं कि नीलगाय उन्हें अपना चारा बना लेती हैं। किसानों का भारी मात्रा में नुकसान पहुंचाती हैं।
किसान रामकिशन, प्रेमनरायण मिश्रा, गंगाप्रसाद और लखन विश्वकर्मा ने बताया कि एक तो सूखे की मार, ऊपर से नीलगायों का आतंक, ऐसे में किसानों को अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है।
गेहूं, आलू चना, मटर, लाही, सरसों और अन्य सब्जी की फसलों का नीलगाय नुकसान करती हैं। वही केले की खेती करने वाले किसान रामशंकर ने बताया कि पहले केले के पौधे को अपना चारा बनाती हैं।
बची हुई फसल को तहस नहस भी कर देती हैं। किसान चंदिका प्रसाद, जगदेव, महमूद, राजाराम ने बताया कि फसलों को बचाने के लिए रखवाली करनी पड़ती है। वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद शफीक ने बताया कि नीलगाय को अनुमति लेकर ही मारा जा सकता है।