{"_id":"6206b5cafb926854282d8fed","slug":"nahar-fatehpur-news-knp6801315148","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसलों की सिंचाई के समय नहरों से पानी गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसलों की सिंचाई के समय नहरों से पानी गायब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहपुर। फसलों की सिंचाई के समय नहरें सूखी पड़ी हैं। किसानों को इस समय गेहूं की फसलों की सिंचाई करनी हैं। नहरों में पानी आने का किसान इंतजार कर रहे हैं।
रामगंगा नहर के पानी से जिले के कई क्षेत्रों में सिंचाई होती है। रबी के सीजन में नवंबर से जनवरी तक बीच-बीच हुई बारिश के कारण किसानों को अभी तक सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं हुई, लेकिन बसंत पंचमी के बाद से मौसम बदल गया है। तेज हवाएं चल रही हैं और धूप भी चटख है। अब किसानों को गेहूं के फसल की सिंचाई करनी है। रामगंगा नहर सूखी पड़ी है। इससे मलवां, भिटौरा, तेलियानी, हथगाम, ऐरायां और हसवा ब्लाक के हजारों किसान परेशान हैं। इससे करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। गेहूं की बुवाई से लेकर पहली सिंचाई तक बीच-बीच में बारिश हुई, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए नहर के पानी की जरूरत नहीं हुई।
अब पानी की जरूरत है, तो नहर से पानी गायब है। किसान नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। मवइया गांव के किसान रामआसरे ने बताया कि जब सिंचाई नहीं करनी थी, तो नहर में पानी चल रहा था। अब पानी की जरूरत हैं, तो नहरें सूखी पड़ी हैं। किसान अशोक कुमार ने बताया कि जब भी सिंचाई की जरूरत होती है, तो नहर का पानी गायब हो जाता है। अधिकारी भी किसानों की समस्या को नजर अंदाज किए रहते हैं।
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता नंदजी गुप्ता ने बताया कि अगले मंगलवार से रामगंगा नहर में पानी छोड़ा जाएगा। तब टेल तक के किसानों को सिंचाई करने के लिए पानी पहुंचाने का प्रयास रहेगा। बारिश के चलते नहर में पानी रोका गया था।
विज्ञापन
रामगंगा नहर के पानी से जिले के कई क्षेत्रों में सिंचाई होती है। रबी के सीजन में नवंबर से जनवरी तक बीच-बीच हुई बारिश के कारण किसानों को अभी तक सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं हुई, लेकिन बसंत पंचमी के बाद से मौसम बदल गया है। तेज हवाएं चल रही हैं और धूप भी चटख है। अब किसानों को गेहूं के फसल की सिंचाई करनी है। रामगंगा नहर सूखी पड़ी है। इससे मलवां, भिटौरा, तेलियानी, हथगाम, ऐरायां और हसवा ब्लाक के हजारों किसान परेशान हैं। इससे करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है। गेहूं की बुवाई से लेकर पहली सिंचाई तक बीच-बीच में बारिश हुई, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए नहर के पानी की जरूरत नहीं हुई।
विज्ञापन
अब पानी की जरूरत है, तो नहर से पानी गायब है। किसान नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। मवइया गांव के किसान रामआसरे ने बताया कि जब सिंचाई नहीं करनी थी, तो नहर में पानी चल रहा था। अब पानी की जरूरत हैं, तो नहरें सूखी पड़ी हैं। किसान अशोक कुमार ने बताया कि जब भी सिंचाई की जरूरत होती है, तो नहर का पानी गायब हो जाता है। अधिकारी भी किसानों की समस्या को नजर अंदाज किए रहते हैं।
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता नंदजी गुप्ता ने बताया कि अगले मंगलवार से रामगंगा नहर में पानी छोड़ा जाएगा। तब टेल तक के किसानों को सिंचाई करने के लिए पानी पहुंचाने का प्रयास रहेगा। बारिश के चलते नहर में पानी रोका गया था।