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भाइया हरहा बर्बाद कर देहिन खेती
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शहर के मऊ क्षेत्र में खेती किसानी के काम में मशगूल मतदाता। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
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फतेहपुर। भइया हरहा बर्बाद कर देहिन है। खेती, किसानी करै वाले काहे के लायक नाहीं बचे। पहले आलू ठिकाने लगावब, फिर वोट डालै का देखा जाई। यह नजारा सदर विधानसभा क्षेत्र के मऊ में पोलिंग स्टेशन है, लेकिन अन्ना मवेशियों के आतंक के कारण
मतदाता वोट को महत्व देने के बजाय उन्हें अन्ना मवेशियों से फसल बचाने की अधिक चिंता थी।
बुधवार की दोपहर 12.26 बजे सड़क किनारे कुछ लोग खेत में आलू की खोदाई कर रहे हैं। उनसे वोट डालने के विषय में
बातचीत की गई, तो किसान जगतपाल ने बताया कि भइया पहले खेती किसानी का काम करब जरूरी है।
राजकुमारी ने बताया कि बाबू जी वोट तो गांवै मा पड़ हवैं, पर आलू बचावै के खातिर पहले खोदब जरूरी हवै। कुसुम कली कहती
हैं कि वोट से ज्यादा पेट पालब जरूर हवै। खेत का काम निपटा कै, वोटौ डालि देबै।
यह मतदाता तो बानगी के तौर पर हैं। इसी तरह मिट्ठनपुर, नारायनपुरवा, रमवा, अंदौली में मतदान से बेखबर बड़ी तादाद में मतदाता खेती किसानी के काम जुटे रहे। यह कहते रहे कि पहले खेती किसानी का काम, समय बचय पर मतदान करबै।
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मतदाता वोट को महत्व देने के बजाय उन्हें अन्ना मवेशियों से फसल बचाने की अधिक चिंता थी।
बुधवार की दोपहर 12.26 बजे सड़क किनारे कुछ लोग खेत में आलू की खोदाई कर रहे हैं। उनसे वोट डालने के विषय में
बातचीत की गई, तो किसान जगतपाल ने बताया कि भइया पहले खेती किसानी का काम करब जरूरी है।
राजकुमारी ने बताया कि बाबू जी वोट तो गांवै मा पड़ हवैं, पर आलू बचावै के खातिर पहले खोदब जरूरी हवै। कुसुम कली कहती
हैं कि वोट से ज्यादा पेट पालब जरूर हवै। खेत का काम निपटा कै, वोटौ डालि देबै।
यह मतदाता तो बानगी के तौर पर हैं। इसी तरह मिट्ठनपुर, नारायनपुरवा, रमवा, अंदौली में मतदान से बेखबर बड़ी तादाद में मतदाता खेती किसानी के काम जुटे रहे। यह कहते रहे कि पहले खेती किसानी का काम, समय बचय पर मतदान करबै।
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