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Fatehpur News: जिंदा न सही, मुर्दा ही बेटे का सुराग दे दो... तभी घर पहुंच गया बेटा
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फोटो-19-हेड कांस्टेबल विजय यादव। स्रोत: पुलिस
फतेहपुर। 12 जुलाई से लापता हेड कांस्टेबल विजय कुमार यादव को खोजने में पुलिस की टीमें थक चुकी थीं। परिवार भी उसके जिंदा होने की उम्मीद लगभग छोड़ चुका था। रक्षाबंधन पर मां ने राधानगर पुलिस को फोन कर बिलखते हुए कहा था, जिंदा न सही, मुर्दा ही मिल जाए।
पुलिस ने एक माह में कानपुर से वाराणसी तक गंगा-यमुना समेत अन्य स्थानों से मिले 84 लावारिस शवों के फोटो से पहचान का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिर चित्रकूट में आई बाढ़ के बाद विजय ने परिजन को फोन कर अपने प्रयागराज पहुंचने की जानकारी दी।
पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल विजय कुमार यादव की 12 जुलाई को अंतिम लोकेशन रेलवे स्टेशन पर मिली थी। एसपी ने उसकी जानकारी देने पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। टीमों ने प्रयागराज जिले के सोरांव थाना क्षेत्र स्थित उसके गांव उसरही में पूछताछ के बाद पूर्व तैनाती स्थल प्रतापगढ़ और कानपुर जीआरपी में भी तलाश की।
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पुलिस ने कौशाम्बी, कानपुर, मिर्जापुर, बांदा, वाराणसी, प्रयागराज और रायबरेली में खोजबीन कर गुमशुदगी के पंपलेट लगवाए। दिल्ली-हावड़ा रूट पर वाराणसी से मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली तक तथा हरियाणा के गुड़गांव में भी तलाश की गई।
इसी दौरान चित्रकूट में बाढ़ आने से मंदिर-मठ डूब गए। इसके बाद पांच सितंबर को विजय ने किसी के मोबाइल से परिजन को फोन किया और प्रयागराज स्टेशन पहुंचने की बात कही।
प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर श्रीवास्तव ने बताया कि हेड कांस्टेबल से लापता होने के संबंध में पूछताछ की गई। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से गया था और चित्रकूट में होने की बात भी बताई है।
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पुलिस ने एक माह में कानपुर से वाराणसी तक गंगा-यमुना समेत अन्य स्थानों से मिले 84 लावारिस शवों के फोटो से पहचान का प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिर चित्रकूट में आई बाढ़ के बाद विजय ने परिजन को फोन कर अपने प्रयागराज पहुंचने की जानकारी दी।
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पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल विजय कुमार यादव की 12 जुलाई को अंतिम लोकेशन रेलवे स्टेशन पर मिली थी। एसपी ने उसकी जानकारी देने पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। टीमों ने प्रयागराज जिले के सोरांव थाना क्षेत्र स्थित उसके गांव उसरही में पूछताछ के बाद पूर्व तैनाती स्थल प्रतापगढ़ और कानपुर जीआरपी में भी तलाश की।
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पुलिस ने कौशाम्बी, कानपुर, मिर्जापुर, बांदा, वाराणसी, प्रयागराज और रायबरेली में खोजबीन कर गुमशुदगी के पंपलेट लगवाए। दिल्ली-हावड़ा रूट पर वाराणसी से मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली तक तथा हरियाणा के गुड़गांव में भी तलाश की गई।
इसी दौरान चित्रकूट में बाढ़ आने से मंदिर-मठ डूब गए। इसके बाद पांच सितंबर को विजय ने किसी के मोबाइल से परिजन को फोन किया और प्रयागराज स्टेशन पहुंचने की बात कही।
प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर श्रीवास्तव ने बताया कि हेड कांस्टेबल से लापता होने के संबंध में पूछताछ की गई। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से गया था और चित्रकूट में होने की बात भी बताई है।

फोटो-19-हेड कांस्टेबल विजय यादव। स्रोत: पुलिस