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सबसे गरम मंगल, सूरज ने उगली आग
अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Wed, 18 May 2016 01:32 AM IST
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धूप में मुंह बांधकर जाती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
सूरज आग उगल रहा है। मंगलवार को तो सबसे गर्म दिन रहा। पारा 47 डिग्री क्रास कर गया। लोग गर्मी से त्राहि-त्राहि कर उठे। छत पर लटक रहे पंखों की हवा से भी लू के थपेड़े निकलते रहे। कार्यालय में कर्मचारी भी गर्मी से बेहाल रहे। बिजली की कटौती से शहर के कई मोहल्लों में जलापूर्ति प्रभावित रही। लोगों को हैंडपंप से पानी भरकर लाना पड़ा।
पिछले कई दिनों से पारा 45 डिग्री पर रहा। अचानक सुबह से गर्मी का असर तेज हो गया। दोपहर के एक बजते-बजते अधिकतम पारा 46 डिग्री और न्यूनतम 29 पर पहुंच गया। तीन बजते-बजते तो हालात और खराब हो गए। अधिकतम पारा 47.2 डिग्री पर पहुंच गया। आसमान से मानो आग की बारिश होने लगी।
चेहरा ढकने के बावजूद सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं रहा। लोग धूप से बेहाल दिखे। शहर के बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारी भी दोपहर में दुकान बंद कर घरों में अंदर दुबक गए। शाम को दिन डूबने के बाद दुकानदारों ने दुकानें खोली। गन्ना, आम के जूस की दुकानों में भीड़ लगी रही। फुटपाथ में तरबूज, खीरा खरीदते व खाते लोग दिखाई दिए।
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वहीं गर्मी से परेशान लोगों को बिजली की कटौती ने जले में नमक छिड़कने का काम किया। बिजली की कटौती से फ्रिजों में रखा पानी भी गरम बना रहा। चंदियाना मोहल्ले में जलापूर्ति प्रभावित रही। लोग पानी भरने के लिए हैंडपंप में लाइन लगाए रहे। निर्माणाधीन बस स्टाफ के प्रतीक्षालय मेें लोग बैठे रहे। बिजली व पंखा की व्यवस्था न होने से यात्रियों में गर्मी का अहसास दिखाई दिया। स्कूली बच्चे दोपहर को घर लौटते समय मुर्झाए रहे। छात्राएं धूप से बचने के लिए दुपट्टे से मुंह ढककर जाते दिखाई दी।
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पिछले कई दिनों से पारा 45 डिग्री पर रहा। अचानक सुबह से गर्मी का असर तेज हो गया। दोपहर के एक बजते-बजते अधिकतम पारा 46 डिग्री और न्यूनतम 29 पर पहुंच गया। तीन बजते-बजते तो हालात और खराब हो गए। अधिकतम पारा 47.2 डिग्री पर पहुंच गया। आसमान से मानो आग की बारिश होने लगी।
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चेहरा ढकने के बावजूद सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं रहा। लोग धूप से बेहाल दिखे। शहर के बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारी भी दोपहर में दुकान बंद कर घरों में अंदर दुबक गए। शाम को दिन डूबने के बाद दुकानदारों ने दुकानें खोली। गन्ना, आम के जूस की दुकानों में भीड़ लगी रही। फुटपाथ में तरबूज, खीरा खरीदते व खाते लोग दिखाई दिए।
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वहीं गर्मी से परेशान लोगों को बिजली की कटौती ने जले में नमक छिड़कने का काम किया। बिजली की कटौती से फ्रिजों में रखा पानी भी गरम बना रहा। चंदियाना मोहल्ले में जलापूर्ति प्रभावित रही। लोग पानी भरने के लिए हैंडपंप में लाइन लगाए रहे। निर्माणाधीन बस स्टाफ के प्रतीक्षालय मेें लोग बैठे रहे। बिजली व पंखा की व्यवस्था न होने से यात्रियों में गर्मी का अहसास दिखाई दिया। स्कूली बच्चे दोपहर को घर लौटते समय मुर्झाए रहे। छात्राएं धूप से बचने के लिए दुपट्टे से मुंह ढककर जाते दिखाई दी।