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फतेहपुरः सुकेती गांव में बुखार से पांचवीं मौत
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गांव में लोगों से जानकारी लेती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
- फोटो : FATEHPUR
शाह। सुकेती गांव में बुखार से एक और मौत हो गई। 11 सितंबर से अब तक बुखार से पांच लोगों की जान जा चुकी है। डॉक्टर गांव में गंदगी और दूषित पेयजल को बीमारी के कारण बता रहे हैं। इसके बावजूद गांव में साफ-सफाई के इंतजाम नहीं किए गए। शुक्रवार डीपीआरओ उपेंद्रराज सिंह पहुंचे और सफाई कर्मियों की टीम लगाई।
नाजमा (30) पत्नी अख्तर की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि पांच दिन से नाजमा को बुखार आ रहा था। तीन दिन पहले नाजमा को जिला अस्पताल में भर्ती किया था। गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार है। लोगों के घरों के बाहर लगे गंदगी के ढ़ेर, नालियों में जमा पानी और जगह-जगह उगी झाड़ियां बीमारी की वजह बन रही हैं। स्वास्थ्य विभाग से पहुंची टीम में डॉ. आफाक, डॉ. कीर्ति रंजन, डॉ. प्रसून अवस्थी, डॉ. प्रमोद द्विवेदी, डॉ. विमलेश और रामआसरे ने घर-घर जाकर लोगों को उबालकर पानी पीने और मच्छरदानी लगा कर सोने की सलाह दी।
सहायक अभियंता जल निगम वैभव सक्सेना, सैंपलिंग असिस्टेंट अनुराग दुबे, जूनियर कोऑर्डिनेटर इमरान अहमद और अरविंद यादव ने प्राइमरी विद्यालय व जूनियर विद्यालय के साथ मृतकों के मोहल्ले के आसपास लगे छह हैंडपंप व निजी पंपों के पानी का सैंपल लिया है। सहायक अभियंता ने बताया कि हम लोगों ने पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट अगले दो दिन में आ जाएगी। ब्लाक से पंचायत सचिव अनूप सिंह भी प्राइमरी विद्यालय पहुंचे। अध्यापिका साधना सिंह ने विद्यालय परिसर में 350 बच्चों का दाखिला होने का हवाला देते हुए मात्र एक शौचालय होने की वजह से काम न चलने की शिकायत की। डीपीआरओ ने 35 सफाई कर्मियों की टीम को गांव के कोने-कोने में सफाई करने के निर्देश दिए।
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नाजमा (30) पत्नी अख्तर की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि पांच दिन से नाजमा को बुखार आ रहा था। तीन दिन पहले नाजमा को जिला अस्पताल में भर्ती किया था। गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार है। लोगों के घरों के बाहर लगे गंदगी के ढ़ेर, नालियों में जमा पानी और जगह-जगह उगी झाड़ियां बीमारी की वजह बन रही हैं। स्वास्थ्य विभाग से पहुंची टीम में डॉ. आफाक, डॉ. कीर्ति रंजन, डॉ. प्रसून अवस्थी, डॉ. प्रमोद द्विवेदी, डॉ. विमलेश और रामआसरे ने घर-घर जाकर लोगों को उबालकर पानी पीने और मच्छरदानी लगा कर सोने की सलाह दी।
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सहायक अभियंता जल निगम वैभव सक्सेना, सैंपलिंग असिस्टेंट अनुराग दुबे, जूनियर कोऑर्डिनेटर इमरान अहमद और अरविंद यादव ने प्राइमरी विद्यालय व जूनियर विद्यालय के साथ मृतकों के मोहल्ले के आसपास लगे छह हैंडपंप व निजी पंपों के पानी का सैंपल लिया है। सहायक अभियंता ने बताया कि हम लोगों ने पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है, जिसकी रिपोर्ट अगले दो दिन में आ जाएगी। ब्लाक से पंचायत सचिव अनूप सिंह भी प्राइमरी विद्यालय पहुंचे। अध्यापिका साधना सिंह ने विद्यालय परिसर में 350 बच्चों का दाखिला होने का हवाला देते हुए मात्र एक शौचालय होने की वजह से काम न चलने की शिकायत की। डीपीआरओ ने 35 सफाई कर्मियों की टीम को गांव के कोने-कोने में सफाई करने के निर्देश दिए।
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