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Fatehpur News: छठवें रूपरूप मां कात्यायनी की हुई आराधना

Mon, 15 Apr 2024 12:30 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2024 12:30 AM IST
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Goddess Katyayani, the sixth form, was worshiped.
फतेहपुर। शहर के प्रमुख मंदिरों में मां दुर्गा के छठवें रूपरूप मां कत्यायनी की पूजा अर्चना हुई। भक्तों ने माता के भोग के बाद कन्या पूजन कर प्रसाद वितरण किया। कात्यायन ऋषि की तपस्या से खुश होकर मां ने पुत्री के रूप में उनके घर जन्म लिया था। इसलिए इनका नाम कात्यायनी पड़ा।
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बिंदकी के हजरतपुर ठठराही स्थित मां काली जी के दर्शन करने के लिए सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। बुजुर्ग बताते हैं कि लगभग एक सदी पहले एक व्यापारी बैलगाड़ी से लगभग पांच फुट की मूर्ति लेकर जा रहा था। वह रात को ठठराही मोहल्ले में रुका। सुबह जब वह चलने को हुआ तो मूर्ति अपने स्थान से नहीं हिली।
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मां काली की मूर्ति इसी स्थान पर स्थापित कर दी गई। तब से नवरात्रों में माता के दर्शन करने का विशेष प्रभाव है। भक्त दूर-दूर से चलकर मां की कृपा पाने के लिए कतार बध्य खड़े रहते है। प्रत्येक बुधवार को मां का भव्य शृंगार किया जाता है। सप्तमी को मां कालरात्रि का पूजन होता है।
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मां कालरात्रि दुष्टों का विनाश करने के लिए जानी जाती है। इसलिए इनका नाम कालरात्रि पड़ा। मां को गुड़ से बनी चीजों का भोग पसंद है। घी का दीपक जलाकर माता को कुमकुम हल्दी फूल चढ़ाए। इसके साथ ओम कालरात्र्यै नम: मंत्र का जाप करें।

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कन्या पूजन के साथ हुआ भंडारा
अमौली। नवदुर्गा पूजा के छठवें दिन अमौली,मकरंदपुर,मवई, बुढ़वा, मठ, कापिल, सरहन बुजुर्ग के सभी दुर्गा मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही। इसके साथ बेहरैन माता मंदिर में कान्यापूजन के बाद भंडारा का आयोजन हुआ। मन्दिर के पुजारी सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि दुर्गाष्टमी को हवन नवमी को भव्य भंडारा का आयोजन किया जाएगा। वहीं जहानाबाद कस्बे में मां काली देवी का जवारा निकला गया। चैत्र नवरात्र के छठवें दिन मुहल्ला सुन्दरपुर कछेउरा स्थित काली मंदिर से भक्तों ने पुरोहित के मंत्रोच्चार के बीच अपने शरीर में लोहे की सांग चुभोकर मंदिर से टण्डन रोड, सानीगढवा, मूलचंद गली, बाजपेई गली, बस स्टाप से होते हुए वापस मंदिर आकर सांग लगाए। संवाद
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