फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Ganga and Pandu rivers reach overflowing fields, four villages in danger of flood

Fatehpur News: गंगा और पांडु नदी उफानती खेतों तक पहुंची, चार गांवों को बाढ़ का खतरा

Wed, 17 Jul 2024 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहपुर Updated Wed, 17 Jul 2024 12:12 AM IST
विज्ञापन
Ganga and Pandu rivers reach overflowing fields, four villages in danger of flood
औंग (फतेहपुर)। गंगा और पांडु नदी की उफनाती धारा निकलकर खेतों पर पहुंच गई। ऐसे में चार गांवों में बाढ़ का खतरा एक बार फिर मड़राने लगा है। गंगा और पांडु नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है।
विज्ञापन

जाड़े का पुरवा, बेनी खेड़ा, बिंदकीफॉर्म, कालीकुंडी चार गांव फिलहाल बाढ़ से प्रभावित हो सकते हैं। 250 परिवारों की 2500 की आबादी बाढ़ को लेकर दहशतजदा हैं। इन चार गांवों के लोगों का प्रमुख कार्य खेती-बाड़ी और पशुपालन है। अधिकतर लोग व्यावसायिक खेती के साथ दूध का व्यवसाय करते हैं। बाढ़ से इन चारों गांव के बाशिंदों की जीविका पर खतरा मड़राने लगा है।
विज्ञापन

......................
अधिक बाढ़ से ये गांव होते हैं प्रभावित:-
मलवां ब्लॉक के आशापुर गांव पंचायत का बेनी खेड़ा, जाड़े का पुरवा। अभयपुर गांव पंचायत के जाड़े का पुरवा आंशिक, बिंदकी फॉर्म, सदनहा, कालीकुंडी, नयाखेड़ा, बड़ाखेड़ा, मल्लूखेड़ा, बंबुरीखेड़ा, दरियापुर कटरी, दरियापुरबांगर, औसेरी खेड़ा, मदारपुर, भरोसा का पुरवा। देवमई ब्लॉक के गलाथा ग्राम पंचायत के रामघाट और वेरीनारी का क्षेत्र प्रभावित होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

......................
450 परिवार पिछले साल पहुंचे थे राहत शिविर
साल 2023 की बाढ़ में महुआ घाटी में बिंदकी फॉर्म, बेनी खेड़ा, सदनहा, मल्लूखेड़ा, कालीकुंडी, जाड़े का पुरवा के 450 परिवार राहत शिविर पहुंचे थे। राहत शिविर में पहुंचे बाढ़ पीड़ित मवेशी भी साथ में लाए थे। अभी बाढ़ राहत शिविर अव्यवस्थित है। व्यवस्था के नाम पर बाढ़ राहत शिविर महुआ घाटी में सफाई भी नहीं हुई है।

.................
नहीं मिली घर बनाने को जमीन
28 अगस्त 2023 को बाढ़ राहत शिविर महुआ घाटी में बाढ़ पीड़ितों का दुख दर्द जानने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सचान पहुंचे थे। वर्षों से बाढ़ की आपदा से जूझ रहे बाढ़ राहत शिविर के 450 परिवारों को स्थाई समाधान का मुद्दा अमर उजाला ने उठाया था। प्रभारी मंत्री ने मुद्दे को सही माना था। मौके पर तत्कालीन एडीएम, एसडीएम सहित जिले का प्रशासनिक महकमा मौजूद था। प्रभारी मंत्री के साथ जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल भी थे। प्रभारी मंत्री ने प्रशासनिक महकमे को ऊंचाई वाले स्थान पर बाढ़ पीड़ितों को आवास के लिए जमीन चिन्हित कर प्रमुखता से देने को आदेशित किया था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने का मद भी मुहैया कराने को आदेश दिया था। 10 माह बीतने के बाद भी बाढ़ पीड़ितों को आवास के लिए जमीन प्रशासन मुहैया नहीं करा पाया। बाढ़ से कई वर्षों की भांति फिर से प्रभावित राहत शिविर आएंगे। मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के कार्यकाल में काली कुंडी के 50 परिवारों को दरियापुर बांगर में ऊंचाई वाले स्थान में जमीन दी गई थी। सभी परिवारों ने पक्के घर बना रखे हैं। घर गृहस्थी का सामान भूसा चारा यहीं पर रखते हैं। बाढ़ के समय काली कुंडी को छोड़कर सुरक्षित अपने घर आ जाते हैं।
.......................
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed