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कैश के लिए हो-हल्ला, लौटे उपभोक्ता
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Sat, 26 Nov 2016 01:08 AM IST
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बैंक में भीड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यहां कैश तो था, लेकिन भीड़ अधिक होने से कई लोगों को बिना रकम लौटना पड़ा। इसी प्रकार पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक में कैश निकालने व जमा करने के लिए लाइन लगी रही। आज किसी भी बैंक में नोट बदलने का काम नहीं हुआ। प्रधान डाकघर में सुबह से उपभोक्ता कैश लेने के लिए पहुंचने लगे। यहां काउंटर में भीड़ होने से धक्का मुक्की हुई जिससे कुछ उपभोक्ता हो हल्ला करने लगे। यहां लाइन में लगे बाकरगंज निवासी दिनेश सिंह, कलक्टरगंज के अभिषेक रस्तोगी, देवीगंज की सुनीता वर्मा ने बताया कि गुरुवार को आए थे लेकिन सर्वर डाउन होने से बिना कैश लिए लौटना पड़ा। दोबारा आए तो यह कहकर लौटाया जा रहा है कि कैश कम है। जो पहले से आए हैं उन्हें मिलेगा। डाक अधीक्षक हरिशंकर लाल ने बताया कि कैश कम मिला है जो मिला था उसे वितरित करवा दिया है। उपभोक्ता धैर्य से काम लें, सभी को कैश मिलेगा। इसी प्रकार सिविल लाइन स्थित पंजाब नेशनल बैंक में कैश काउंटर के बाहर लंबी लाइन लगी रही। पत्थरकटा चौराहा स्थित स्टेट बैंक में कैश जमा और निकाला गया। शाखा प्रबंधक प्रीती सचान ने बताया कि डिमांड के मुताबिक पर्याप्त कैश नहीं मिल रहा है। एक्सिस बैंक में दस की नोट उपभोक्ताओं को दी गई। शाखा प्रबंधक आशीष मिश्रा ने बताया कि दो हजार की नोट नहीं मिल रही हैं। छोटी नोटों से काम चलाया जा रहा है। मुराइनटोला स्थित एसबीआई टाइनी शाखा में महिलाएं बैठी मिलीं। मसवानी की कौशिल्या देवी, सीता ने बताया कि दो घंटे से बैठे हैं अभी कैश नहीं मिला है।
एक हजार की नोटों के साथ बैंकों की ओर दौड़े
शुक्रवार को नोट न बदलने के फरमान के बाद जिन लोगों के पास हजार और पांच सौ रुपये की नोटें थी उन्हें लेकर बैंकों की ओर जाते नजर आए। खासकर बाजार में एक हजार रुपये की नोट पूरी तरह बंद होने के बाद इन्हें बैंक में जमा करने की जद्दोजहद रही। डाकघर में हजार और पांच सौ रुपये की नोट जमा करने जाते पटेलनगर के अनिल सिंह ने बताया कि 25 हजार रुपये जमा करने आए हैं। नोट जमा हो जाएंगी तो राहत मिलेगी। इसी प्रकार पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आईडीबीआई, बैंक आफ बड़ौदा बैंकों में लोग एक हजार और पांच सौ रुपये की नोट लेकर पहुंचे।
बैंक में काम बंद कर किया प्रदर्शन
जिला सहकारी बैंक परिसर में पांच सौ और हजार रुपये की नोट लेने पर रोक लगाने के बाद यहां के कर्मचारी खाताधारकों के हित के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेशव्यापी आंदोलन के अंतर्गत कर्मचारी नेताओं ने जिला सहकारी बैंक में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
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शुक्रवार को कोआपरेटिव बैंक इंप्लायज यूनियन के अध्यक्ष राम सिंह परिहार के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर मांगे उठाई। बैंक में कर्मचारियों कोई काम नहंी किया जिससे आने वाले खाताधारक लौट गए। कर्मचारियों ने पांच सौ और हजार रुपये के नोटों को जमा कराने की अनुमति देने, बैंकों से भुगतान के लिए करेंसी की व्यवस्था करने की मांग की। इस मौके पर मंत्री लाल चंद्र त्रिपाठी, आनंद सिंह, भगवानदीन यादव, अरविंद कुमार, कल्लू वर्मा, ब्रजेश, सरोज सिंह आदि रहे।
नोटबंदी से विकास कार्यों की रफ्तार सुस्त
पांच सौ और हजार रुपये की नोट बंद होने के बाद विकास कार्य भी रफ्तार धीमी हुई है। सरकारी कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी नोटबंदी की चर्चा करते रहते हैं। शासन की योजनाएं धनाभाव से गति नहीं पकड़ पा रही हैं। विधानसभा चुनाव घोषित होने के पहले विकास कार्यों को रफ्तार देने की योजना नोट बंदी में सिमटी नजर आ रही है। जिन कार्यदायी संस्थाओं के निर्माण कार्य चल रहे थे वह भी एक पखवारे से बंद चल रहे हैं। विकास भवन, कलेक्ट्रेट, नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों में दिन भर कर्मचारी एक जगह बैठ कर गपशप करते रहते हैं।
कैश न मिलने से उपभोक्ताओं ने की नारेबाजी
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक बरवा में कैश न मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने नारेबाजी की और प्रबंधक पर चेहेतों को कैश देने का आरोप लगाया। केवटरा की फूला देवी लाइन में लगी रहीं। बताया कि उनका बच्चा बीमार है कैश न मिलने से इलाज नहीं हो पा रहा है। इसी प्रकार सुल्तानगढ़ के आशीष कुमार, खदरी के सुरेश निषाद, राज नारायण, जितेंद्र, राम नरेश सिंह सिजौली, चंद्र पाल कुशवाहा, रामदास तेजीपुर, राम किशोर ने आरोप लगाया कि दिनभर लाइन में लगने के बाद कैश नहीं मिलता। जबकि शाखा प्रबंधक बैकडोर से कमीशन के चक्कर में लोगों को कैश दे रहे हैं। उपभोक्ताओं ने दूसरे मैनेजर की तैनाती की मांग की। वहीं शाखा प्रबंधक पीके सिंह ने बताया कि आरोप बेबुनियाद है। जो कैश मिला है वह बांटा जा रहा है।
शादी समारोह सिर पर, बिन कैश हाथ खाली
थरियांव। एक ओर जहां शादी समारोह सिर पर हैं वहीं लोगों के हाथ रुपया से खाली हैं। ज्यों ज्यों शादी की तिथियां नजदीक आ रही हैं आयोजक परेशान हैं। थरियांव बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक उपभोक्ताओं की भीड़ रही। थरियांव की रहने वाली प्रेमा देवी ने बताया कि उनकी लड़की की शादी 30 नवंबर को है। अभी तक बैंक से एक रुपया नहीं मिला है। इसी प्रकार अरविंद ने बताया कि उनकी बहन की शादी 30 नवंबर को है। पिछले तीन चार दिनों से बैंक आकर लौट रहे हैं कैश नहीं मिल रहा है। औरेई के बद्री विशाल का कहना है कि उनकी लड़की की 30 नवंबर को शादी है। कैश न होने से कोई काम नहीं हो रहा है। शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार वर्मा ने बताया कि कैश नहीं है तो क्या करें। कैश कम मिल रहा है जो मिलता है बंट जाता है।
गैस एजेंसी में नहीं लिए पुराने नोट
खागा। गैस एंजेसियों में पांच सौ और एक हजार के नोट न लिए जाने से उपभोक्ता परेशान हैं। ग्राहक मुश्किल से नए नोटों का इंतजाम करके गैस सिलेंडर ले रहे हैं। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की एंजेसियों में चलन में बंद पांच सौ और एक हजार की नोट नहीं लिए जा रहे हैं। जिससे ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। एजेंसी कर्मचारी नोट देखकर भड़क जाते हैं। ग्राहकों से दूसरे नए नोट देने की बात कहते हैं। नगर के उपभोक्ता धीरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को मोहल्लों में होम डिलेवरी करने आए कर्मचारी ने ग्राहकों से एक हजार और पांच सौ का नोट लेने से साफ इनकार कर दिया। ग्राहक भी अपनी एक हजार नोट चलाने के लिए कर्मचारी से जद्दोजहाद करते रहे। बाद में ग्राहक को दूसरे नोट देकर गैस सिलेंडर लेना पड़ा। वहीं एजेंसी मालिक ने बताया कि चलन में बंद नोट लिए जा रहे हैं।
नोटबंदी से परेशान किसानों और मजदूरों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रेमनगर(खागा)। नोटबंदी से हो रही दिक्कतों से आजिज आकर शुक्रवार को कस्बे में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ऊषा मौर्या के नेतृत्व में किसानों और मजदूरों ने इलाहाबाद बैंक के समक्ष प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेत्री ऊषा मौर्या ने कहा कि पीएम मोदी ने बगैर किसी योजना के पांच सौ एक हजार की नोटों को बंद करने का फरमान जारी कर दिया। नोट बदलने में और खातों से रुपये निकालने एवं जमा करने में सभी वर्ग के लोग परेशान हैं। एक एक सप्ताह तक लाइन में लगे रहते हैं। इसके बाद भी खातों से रुपया नहीं निकल रहा है। बुवाई का सीजन है। किसानों को खाद और बीज का खुद का जमा पैसा नहीं मिल रहा है। इस मौके पर गंगा प्रसाद पाल, विजय महराज, हैदरअली, राजेश मिश्रा, देवीदीन, अफ सर खान, श्रीनाथ और राजेंद्र आदि लोग मौजूद रहे।
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एक हजार की नोटों के साथ बैंकों की ओर दौड़े
शुक्रवार को नोट न बदलने के फरमान के बाद जिन लोगों के पास हजार और पांच सौ रुपये की नोटें थी उन्हें लेकर बैंकों की ओर जाते नजर आए। खासकर बाजार में एक हजार रुपये की नोट पूरी तरह बंद होने के बाद इन्हें बैंक में जमा करने की जद्दोजहद रही। डाकघर में हजार और पांच सौ रुपये की नोट जमा करने जाते पटेलनगर के अनिल सिंह ने बताया कि 25 हजार रुपये जमा करने आए हैं। नोट जमा हो जाएंगी तो राहत मिलेगी। इसी प्रकार पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक, एचडीएफसी, आईडीबीआई, बैंक आफ बड़ौदा बैंकों में लोग एक हजार और पांच सौ रुपये की नोट लेकर पहुंचे।
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बैंक में काम बंद कर किया प्रदर्शन
जिला सहकारी बैंक परिसर में पांच सौ और हजार रुपये की नोट लेने पर रोक लगाने के बाद यहां के कर्मचारी खाताधारकों के हित के लिए आंदोलन शुरू कर दिया है। प्रदेशव्यापी आंदोलन के अंतर्गत कर्मचारी नेताओं ने जिला सहकारी बैंक में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
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शुक्रवार को कोआपरेटिव बैंक इंप्लायज यूनियन के अध्यक्ष राम सिंह परिहार के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने प्रदर्शन कर मांगे उठाई। बैंक में कर्मचारियों कोई काम नहंी किया जिससे आने वाले खाताधारक लौट गए। कर्मचारियों ने पांच सौ और हजार रुपये के नोटों को जमा कराने की अनुमति देने, बैंकों से भुगतान के लिए करेंसी की व्यवस्था करने की मांग की। इस मौके पर मंत्री लाल चंद्र त्रिपाठी, आनंद सिंह, भगवानदीन यादव, अरविंद कुमार, कल्लू वर्मा, ब्रजेश, सरोज सिंह आदि रहे।
नोटबंदी से विकास कार्यों की रफ्तार सुस्त
पांच सौ और हजार रुपये की नोट बंद होने के बाद विकास कार्य भी रफ्तार धीमी हुई है। सरकारी कार्यालयों में अधिकारी कर्मचारी नोटबंदी की चर्चा करते रहते हैं। शासन की योजनाएं धनाभाव से गति नहीं पकड़ पा रही हैं। विधानसभा चुनाव घोषित होने के पहले विकास कार्यों को रफ्तार देने की योजना नोट बंदी में सिमटी नजर आ रही है। जिन कार्यदायी संस्थाओं के निर्माण कार्य चल रहे थे वह भी एक पखवारे से बंद चल रहे हैं। विकास भवन, कलेक्ट्रेट, नगर पालिका, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य सरकारी विभागों में दिन भर कर्मचारी एक जगह बैठ कर गपशप करते रहते हैं।
कैश न मिलने से उपभोक्ताओं ने की नारेबाजी
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक बरवा में कैश न मिलने से नाराज उपभोक्ताओं ने नारेबाजी की और प्रबंधक पर चेहेतों को कैश देने का आरोप लगाया। केवटरा की फूला देवी लाइन में लगी रहीं। बताया कि उनका बच्चा बीमार है कैश न मिलने से इलाज नहीं हो पा रहा है। इसी प्रकार सुल्तानगढ़ के आशीष कुमार, खदरी के सुरेश निषाद, राज नारायण, जितेंद्र, राम नरेश सिंह सिजौली, चंद्र पाल कुशवाहा, रामदास तेजीपुर, राम किशोर ने आरोप लगाया कि दिनभर लाइन में लगने के बाद कैश नहीं मिलता। जबकि शाखा प्रबंधक बैकडोर से कमीशन के चक्कर में लोगों को कैश दे रहे हैं। उपभोक्ताओं ने दूसरे मैनेजर की तैनाती की मांग की। वहीं शाखा प्रबंधक पीके सिंह ने बताया कि आरोप बेबुनियाद है। जो कैश मिला है वह बांटा जा रहा है।
शादी समारोह सिर पर, बिन कैश हाथ खाली
थरियांव। एक ओर जहां शादी समारोह सिर पर हैं वहीं लोगों के हाथ रुपया से खाली हैं। ज्यों ज्यों शादी की तिथियां नजदीक आ रही हैं आयोजक परेशान हैं। थरियांव बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक उपभोक्ताओं की भीड़ रही। थरियांव की रहने वाली प्रेमा देवी ने बताया कि उनकी लड़की की शादी 30 नवंबर को है। अभी तक बैंक से एक रुपया नहीं मिला है। इसी प्रकार अरविंद ने बताया कि उनकी बहन की शादी 30 नवंबर को है। पिछले तीन चार दिनों से बैंक आकर लौट रहे हैं कैश नहीं मिल रहा है। औरेई के बद्री विशाल का कहना है कि उनकी लड़की की 30 नवंबर को शादी है। कैश न होने से कोई काम नहीं हो रहा है। शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार वर्मा ने बताया कि कैश नहीं है तो क्या करें। कैश कम मिल रहा है जो मिलता है बंट जाता है।
गैस एजेंसी में नहीं लिए पुराने नोट
खागा। गैस एंजेसियों में पांच सौ और एक हजार के नोट न लिए जाने से उपभोक्ता परेशान हैं। ग्राहक मुश्किल से नए नोटों का इंतजाम करके गैस सिलेंडर ले रहे हैं। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की एंजेसियों में चलन में बंद पांच सौ और एक हजार की नोट नहीं लिए जा रहे हैं। जिससे ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। एजेंसी कर्मचारी नोट देखकर भड़क जाते हैं। ग्राहकों से दूसरे नए नोट देने की बात कहते हैं। नगर के उपभोक्ता धीरेंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को मोहल्लों में होम डिलेवरी करने आए कर्मचारी ने ग्राहकों से एक हजार और पांच सौ का नोट लेने से साफ इनकार कर दिया। ग्राहक भी अपनी एक हजार नोट चलाने के लिए कर्मचारी से जद्दोजहाद करते रहे। बाद में ग्राहक को दूसरे नोट देकर गैस सिलेंडर लेना पड़ा। वहीं एजेंसी मालिक ने बताया कि चलन में बंद नोट लिए जा रहे हैं।
नोटबंदी से परेशान किसानों और मजदूरों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
प्रेमनगर(खागा)। नोटबंदी से हो रही दिक्कतों से आजिज आकर शुक्रवार को कस्बे में प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ऊषा मौर्या के नेतृत्व में किसानों और मजदूरों ने इलाहाबाद बैंक के समक्ष प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेत्री ऊषा मौर्या ने कहा कि पीएम मोदी ने बगैर किसी योजना के पांच सौ एक हजार की नोटों को बंद करने का फरमान जारी कर दिया। नोट बदलने में और खातों से रुपये निकालने एवं जमा करने में सभी वर्ग के लोग परेशान हैं। एक एक सप्ताह तक लाइन में लगे रहते हैं। इसके बाद भी खातों से रुपया नहीं निकल रहा है। बुवाई का सीजन है। किसानों को खाद और बीज का खुद का जमा पैसा नहीं मिल रहा है। इस मौके पर गंगा प्रसाद पाल, विजय महराज, हैदरअली, राजेश मिश्रा, देवीदीन, अफ सर खान, श्रीनाथ और राजेंद्र आदि लोग मौजूद रहे।