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बस हादसे में पांच मौतों से कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो /फतेहपुर
Updated Sun, 09 Apr 2017 01:08 AM IST
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प्रतीकात्मक
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नेशनल हाईवे पर कानपुर सीमा छिवली बार्डर में सीएनजी बस और ट्रक की भिड़ंत में दंपति और बस चालक की मौत से उनके गांवों में कोहराम मच गया। घरों में इलाकाई लोगों और उनके रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। मृतक के परिवारीजन घरों पर नहीं मिले।
हादसे में कोरसम गांव के मुन्ना कुरील और उनकी पत्नी कल्पना की मौत हुई है। कानपुर रूमा गंगागंज से दंपति अपने भांजे दिनेश की गोदभराई में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे के दौरान दंपति के साथ उनके दो बेटे अर्जुन, करन व भतीजी महक पुत्री विद्यासागर थे। तीनों बच्चे भी हादसे में घायल हैं। मुन्ना कुरील तीन भाइयों विद्यासागर, धर्मेंद्र से छोटे थे। परिवार की आर्थिक हालत भी कमजोर है। वे लोग मजदूरी कर गुजर बसर करते हैं।
उधर, बस चालक जितेंद्र औंग थाने के गुधरौली गांव निवासी छेदालाल के बेटे थे। वह पांच भाइयों के संयुक्त परिवार में रहते थे। हादसे की खबर से मां कौशल्या देवी रो-रो कर बदहवास हो गई। घटना की खबर पर जितेंद्र की शादीशुदा बहनें ससुराल से घर आ पहुंची। बड़ा भाई विक्रम चालक गार्डबाबू, दूसरा ट्रक ड्राइवर बबलू है। तीसरा सोनू और चौथा मनोज अपने पिता के साथ किसानी में हाथ बंटाते हैं। भाइयों ने बताया कि तीन माह पहले से ही जितेंद्र बस चलाने लगा था। वह उसी बस में कंडक्टर का काम करता था। हादसे में औंग थाने के रावतपुर गांव के मोहित प्रजापति भी घायल हुए हैं।
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हादसे में कोरसम गांव के मुन्ना कुरील और उनकी पत्नी कल्पना की मौत हुई है। कानपुर रूमा गंगागंज से दंपति अपने भांजे दिनेश की गोदभराई में शामिल होकर लौट रहे थे। हादसे के दौरान दंपति के साथ उनके दो बेटे अर्जुन, करन व भतीजी महक पुत्री विद्यासागर थे। तीनों बच्चे भी हादसे में घायल हैं। मुन्ना कुरील तीन भाइयों विद्यासागर, धर्मेंद्र से छोटे थे। परिवार की आर्थिक हालत भी कमजोर है। वे लोग मजदूरी कर गुजर बसर करते हैं।
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उधर, बस चालक जितेंद्र औंग थाने के गुधरौली गांव निवासी छेदालाल के बेटे थे। वह पांच भाइयों के संयुक्त परिवार में रहते थे। हादसे की खबर से मां कौशल्या देवी रो-रो कर बदहवास हो गई। घटना की खबर पर जितेंद्र की शादीशुदा बहनें ससुराल से घर आ पहुंची। बड़ा भाई विक्रम चालक गार्डबाबू, दूसरा ट्रक ड्राइवर बबलू है। तीसरा सोनू और चौथा मनोज अपने पिता के साथ किसानी में हाथ बंटाते हैं। भाइयों ने बताया कि तीन माह पहले से ही जितेंद्र बस चलाने लगा था। वह उसी बस में कंडक्टर का काम करता था। हादसे में औंग थाने के रावतपुर गांव के मोहित प्रजापति भी घायल हुए हैं।
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