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Fatehpur News: बच्ची की मौत में सतगुरु क्लीनिक संचालकों पर गैरइरादतन हत्या की प्राथमिकी
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फोटो-10-नर्सिंग होम संचालक नीरज। स्रोत: सोशल मीडिया
फतेहपुर। किशनपुर थाना क्षेत्र के विजयीपुर कस्बा स्थित सतगुरु क्लीनिक में इलाज के दौरान बच्ची की मौत के मामले में पुलिस ने दो संचालकों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों ने क्लीनिक के बाहर हंगामा किया था। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया है।
खखरेरू थाना क्षेत्र के सधुवापुर पोस्ट पौली निवासी सर्वेश सिंह ने बताया कि पांच सितंबर को चार वर्षीय बेटी यशी उर्फ अशी को बुखार आया था। छह सितंबर को वह बेटी को विजयीपुर स्थित सतगुरु क्लीनिक लेकर पहुंचे। आरोप है कि क्लीनिक संचालक बृजेश कुमार कोरी ने बच्ची की कमर में इंजेक्शन लगाया। इसके बाद हालत बिगड़ने लगी और कमर के नीचे कूल्हे में संक्रमण हो गया।
क्लीनिक में बच्ची का दो बार ऑपरेशन किया गया। हालत गंभीर होने पर उसे शहर के एक निजी अस्पताल भेजा गया। वहां से कानपुर के कल्याणपुर स्थित किरन हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां भी बच्ची की हालत गंभीर हो गई। डॉक्टर की सलाह पर 16 सितंबर को बेटी को केजीएमयू में भर्ती कराया। इलाज के दौरान 17 सितंबर की सुबह यशी की मौत हो गई।
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पिता सर्वेश ने आरोप लगाया कि बच्ची की हालत बिगड़ने की शिकायत करने पर बृजेश कुमार और उसके पार्टनर नीरज सिंह ने गाली-गलौज की। बाद में दोनों ने 10 हजार रुपये देकर मामला शांत रखने को कहा। वहीं परिजन और ग्रामीणों ने क्लीनिक के बाहर हंगामा किया था। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक सील कर दिया। थानाध्यक्ष मनीष सिंह ने बताया कि जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
पीएचसी प्रभारी की अधूरी जांच सीएमओ ने लौटाई
सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने पीएचसी प्रभारी डाॅ. बृजेश पांडेय से 10 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। शुक्रवार को अधूरी रिपोर्ट भेजी गई। सीएमओ ने रिपोर्ट लौटाकर संपूर्ण जांच भेजने के निर्देश दिए। सीएमओ ने प्रभारी को चेतावनी भी दी है। पीएचसी प्रभारी करीब 10 साल से विजयीपुर में तैनात हैं।
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खखरेरू थाना क्षेत्र के सधुवापुर पोस्ट पौली निवासी सर्वेश सिंह ने बताया कि पांच सितंबर को चार वर्षीय बेटी यशी उर्फ अशी को बुखार आया था। छह सितंबर को वह बेटी को विजयीपुर स्थित सतगुरु क्लीनिक लेकर पहुंचे। आरोप है कि क्लीनिक संचालक बृजेश कुमार कोरी ने बच्ची की कमर में इंजेक्शन लगाया। इसके बाद हालत बिगड़ने लगी और कमर के नीचे कूल्हे में संक्रमण हो गया।
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क्लीनिक में बच्ची का दो बार ऑपरेशन किया गया। हालत गंभीर होने पर उसे शहर के एक निजी अस्पताल भेजा गया। वहां से कानपुर के कल्याणपुर स्थित किरन हॉस्पिटल रेफर किया गया। यहां भी बच्ची की हालत गंभीर हो गई। डॉक्टर की सलाह पर 16 सितंबर को बेटी को केजीएमयू में भर्ती कराया। इलाज के दौरान 17 सितंबर की सुबह यशी की मौत हो गई।
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पिता सर्वेश ने आरोप लगाया कि बच्ची की हालत बिगड़ने की शिकायत करने पर बृजेश कुमार और उसके पार्टनर नीरज सिंह ने गाली-गलौज की। बाद में दोनों ने 10 हजार रुपये देकर मामला शांत रखने को कहा। वहीं परिजन और ग्रामीणों ने क्लीनिक के बाहर हंगामा किया था। सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने क्लीनिक सील कर दिया। थानाध्यक्ष मनीष सिंह ने बताया कि जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
पीएचसी प्रभारी की अधूरी जांच सीएमओ ने लौटाई
सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने पीएचसी प्रभारी डाॅ. बृजेश पांडेय से 10 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। शुक्रवार को अधूरी रिपोर्ट भेजी गई। सीएमओ ने रिपोर्ट लौटाकर संपूर्ण जांच भेजने के निर्देश दिए। सीएमओ ने प्रभारी को चेतावनी भी दी है। पीएचसी प्रभारी करीब 10 साल से विजयीपुर में तैनात हैं।

फोटो-10-नर्सिंग होम संचालक नीरज। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-10-नर्सिंग होम संचालक नीरज। स्रोत: सोशल मीडिया